
Gemstone: रत्नशास्त्र में मूंगा रत्न को अहम और विशेष माना गया है क्योंकि ये मंगल का प्रतिनिधित्व करता है। मंगल को ज्योतिषीय दृष्टि से साहस, ऊर्जा और आत्मविश्वास का कारक माना जाता है।
ज्योतिषशास्त्र में कुंडली, हस्तरेखा, वास्तु के साथ-साथ रत्नशास्त्र का विशेष महत्व माना जाता है। रत्नशास्त्र में रत्नों और ग्रहों के संबंध के बारे में बताया जाता है और उसी के आधार पर आपकी कुंडली में ग्रहों की स्थिति को नियंत्रित किया जाता है। रत्नशास्त्र के मुताबिक, यदि आपकी कुंडली में कोई ग्रह पीड़ित है तो आपको विशेष रत्नों को धारण कर ग्रहों को शांत कर सकते हैं। हालांकि किसी भी रत्न को पहनने से पहले ज्योतिषीय परामर्श लेनी चाहिए। इन्हीं रत्नों में से एक होता है मूंगा, जो मंगल ग्रह को दर्शाता है। आइए इस लेख में हम आपको बताते हैं कि मूंगा धारण करने से क्या होता है और इसके कैसे परिणाम देखने को मिलते हैं।
मूंगा मंगल ग्रह का प्रतीक है। अगर कुंडली में मंगल कमजोर हो, तो मूंगा पहनने के कई फायदे हैं। जेमोलॉजी के अनुसार, मूंगा पहनने से सेल्फ-कॉन्फिडेंस काफी बढ़ता है और व्यक्ति की फैसले लेने की क्षमता पर काफी असर पड़ता है। यह दिमाग में क्लैरिटी लाता है, जिससे व्यक्ति सोच-समझकर फैसले ले पाता है। मूंगा खासकर स्टूडेंट्स के लिए फायदेमंद होता है। यह हिम्मत देता है और फिजिकल ताकत बढ़ाता है। मूंगा का एक और फायदा यह है कि इससे करियर में भी तरक्की मिल सकती है।
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