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नवग्रह शांति पूजा
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Negative problems caused by the nine planets are removed.

नवग्रह शांति पूजा

Sun 01 November 2026
Navgrah Shani Mandir, Ujjain
Prasad Box
4.8(648 Reviews)

10,000+ Devotees have participated in Pujas

Benefits

नवग्रह शांति पूजा के शुभ फल :-

  • नवग्रहों में परिवर्तन से होने वाले कार्यक्रम
  • नकारात्मक प्रभाव दूर होते है।
  • शिक्षा के क्षेत्र में तरक्की होती हैं।
  • विवाह में आ रही बाधाएं दूर होती है।
  • पारिवारिक जीवन अच्छा करने के लिए , परिवार में अच्छे संबंध हो और क्लेश न हो उसके लिए यह पूजा लाभकारी हैं।
  • अगर कोई बीमारी घर में किसी को लंबे समय से घेरे हुए है तो यह पूजा करानी चाहिए।

Description

 

9 ग्रहों के समूह सूर्य, चंद्रमा, मंगल, बुध, बृहस्पति, शुक्र, शनि, राहु और केतु को ज्योतिष में नवग्रह के रूप में जाना जाता है। इनमें से प्रत्येक ग्रह हमारे जीवन के कुछ महत्वपूर्ण पहलुओं को बताते है और यह ग्रह हमारे जीवन को बड़े पैमाने पर प्रभावित करते हैं। इस संदर्भ में नवग्रह शांति पूजा नकारात्मक प्रभावों को कम करने और किसी व्यक्ति से संबंधित सकारात्मक ऊर्जा में सुधार करने के लिए की जाती है।

 

हमारी सेवाए 

 

  • मंदिर के प्रांगण में युगान्तरित पंडित जी द्वारा मंत्रोच्चारण के साथ आपके नाम और गोत्र से पूजा संपन्न की जाएगी। 
  • पूजन में उपयोग की जाने वाली सारी सामाग्री पंडित जी की तरफ से दी जाएगी, साथ ही पूर्ण विधि - विधान से पूजन संपन्न किया जाएगा।
  • पूजा संपन्न होने के पश्चात रिकार्डेड वीडियो और फोटो भेजे जाएंगे।

 

प्रसाद 

 

  • पंचमेवा
  • नवग्रह यंत्र

Temple Details

Temple

नवग्रहों की तपस्थली
स्कंद पुराण के अनुसार नवग्रहों ने भी इस पावन स्थल पर आकर शिवलिंग स्थापित किए और तपस्या कर भगवान शिव से वरदान प्राप्त किए। उनके द्वारा स्थापित लिंगों के नाम हैं- नरादित्य, सोमेश्वर, मंगलेश्वर, बुधेश्वर, बृहस्पतीश्वर, शुक्रेश्वर, स्थावरेश्वर, मुनीश्वर, राहु-केतुऐश्वर।....

जहां क्षिप्रा, क्षाता, और गुप्त सरस्वती नदियाँ मिलती हैं, उसे त्रिवेणी संगम कहते हैं। यह स्थान मोक्ष प्रदायक माना गया है। यहां स्नान, दान और स्थावरेश्वर महादेव के दर्शन से समस्त पापों का नाश होता है और शनि पीड़ा का शमन होता है। इसी कारण यह स्थान नवग्रह त्रिवेणी शनि मंदिर के रूप में प्रसिद्ध हुआ। 
उज्जैन के त्रिवेणी संगम पर ही राजा विक्रमादित्य ने भगवान शनिदेव और नवग्रहों की प्राण प्रतिष्ठा करवाई और एक भव्य मंदिर का निर्माण करवाया। आज भी यह स्थान भक्तों के लिए आस्था और शांति का केंद्र बना हुआ है। यहां शनि देव के साथ दाईं ओर श्री गणेश जी, बाईं ओर ढैय्या शनि, पीछे श्री बालाजी हनुमान विराजमान हैं।

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Reviews

MyJyotish ऑनलाइन पूजा बुक करने के लिए एक बेहतरीन प्लेटफ़ॉर्म है। मैंने घर बैठे ही पूजा में भाग लिया और पूरे अनुष्ठान के दौरान स्वयं को आध्यात्मिक रूप से जुड़ा हुआ महसूस किया। यह अनुभव बहुत सहज, सुविधाजनक और संतोषजनक रहा।

ऑनलाइन पूजा को लेकर शुरुआत में मुझे थोड़ी शंका थी, लेकिन MyJyotish के साथ मेरा अनुभव बहुत सकारात्मक रहा। पूजा पूरी श्रद्धा और विधि-विधान के साथ संपन्न हुई और मैं पूरे समय उससे जुड़ा हुआ महसूस करता रहा।

व्यस्त जीवनशैली के कारण मंदिर जाना हमेशा संभव नहीं होता, लेकिन MyJyotish की मदद से मैं घर बैठे ही पूजा में शामिल हो सका। यह अनुभव सुविधाजनक होने के साथ-साथ आध्यात्मिक रूप से भी बहुत संतोषजनक था।

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