
Holika Dahan 2026: प्रत्येक वर्ष फाल्गुन मास पूर्णिमा के दिन होलिका दहन का पर्व मनाया जाता है। इस साल फाल्गुन मास पूर्णिमा तिथि 2 मार्च की शाम 5 बजकर 55 मिनट से प्रारंभ होगी और इसका समापन 3 मार्च की शाम 5 बजकर 7 मिनट पर होगा। होलिका दहन 3 मार्च की शाम 6 बजकर 21 मिनट से लेकर 8 बजकर 50 मिनट के बीच मनाया जाएगा। ॉ
मान्यता है कि प्रह्लाद की सुरक्षा के लिए श्रीहरि नरसिंह का रूप लेकर आए थे और इसलिए होली पर श्रीहरि के नरसिंह अवतार को पूजा जाता है। यदि आप भी किसी प्रकार की संकट में हैं और उसका निवारण पाना चाहते हैं तो आपको इस दिन बनने वाले शुभ संयोगों में विधिवत पूजा करनी चाहिए। चलिए जानते हैं कि पंचांग मुताबिक, होलिका दहन पर कौन-कौन से शुभ संयोग बनेंगे।
ब्रह्म मुहूर्त - सुबह 5 बजकर 5 मिनट से लेकर 5 बजकर 54 मिनट तक।
अभिजित मुहूर्त - दोपहर 12 बजकर 10 मिनट से लेकर 12 बजकर 56 मिनट तक।
गोधूलि मुहूर्त - शाम 6 बजकर 19 मिनट से लेकर 6 बजकर 44 मिनट तक।
विजय मुहूर्त - दोपहर 2 बजकर 29 मिनट से लेकर 3 बजकर 16 मिनट तक।
अमृत काल मुहूर्त - 4 मार्च की रात्रि 1 बजकर 13 मिनट से लेकर 2 बजकर 49 मिनट तक।
निशिता मुहूर्त - 4 मार्च की रात्रि 12 बजकर 8 मिनट से लेकर 12 बजकर 57 मिनट तक।
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