॥ देवी धूमावती की आरती ॥
ॐ जय धूमावती माता, मैया जय धूमावती माता।
काक ध्वजा पर बैठे, हाथ लिए सुपाता॥
ॐ जय धूमावती माता॥
मस्तक सिन्दूर सोहे, कुटिल नयन अति प्यारे।
दर्शन पावत साधक, संकट सब टारे॥
ॐ जय धूमावती माता॥
रूप विकट धारे मैया, दुष्टों को डरावे।
सुमिरन करें जो तेरा, सो सुख पावे॥
ॐ जय धूमावती माता॥
तेल और तिल चढ़ावे, भक्त प्रेम से ध्यावे।
धूमावती मैया की कृपा, भवसागर तर जावे॥
ॐ जय धूमावती माता॥
भोग लगावे सत्तू का, धूप दीप चढ़ावे।
तेरी महिमा गावत, नर मुनि सुख पावे॥
ॐ जय धूमावती माता॥
धूमावती की आरती, जो कोई नर गावे।
ऋद्धि-सिद्धि सुख-सम्पत्ति, सब जग में पावे॥
ॐ जय धूमावती माता॥

