|| इंद्र देव जी की आरती ||
जय इंद्रदेव जय इंद्रदेव,
सुरपति देवा जय इंद्रदेव।
मेघों के स्वामी, जल के दाता,
सबके संकट हरते देव॥
वज्र धारण कर हाथ में,
दुष्टों का संहार करते।
भक्तों के तुम रक्षक बनकर,
सदा कृपा बरसाते॥
इंद्रलोक के राजा तुम हो,
स्वर्ग के हो अधिकारी।
तुमसे ही वर्षा होती है,
धरती होती सुखकारी॥
जो कोई तुमको ध्याता,
उसके दुख सब हर जाते।
सुख-समृद्धि घर में आती,
मन के कष्ट मिट जाते॥
जय इंद्रदेव जय इंद्रदेव,
सुरपति देवा जय इंद्रदेव॥

