|| श्री वेंकटेश्वर जी की आरती ||
जय जय श्री वेंकटेशा, लक्ष्मी नाथ हरेशा।
तिरुपति बालाजी, सब जग के सुखदेशा॥
जय जय श्री वेंकटेशा॥
सात पहाड़ों पर विराजे, तिरुमला में धाम।
श्रीनिवास वेंकटेशा, करते सबका काम॥
जय जय श्री वेंकटेशा॥
श्री महालक्ष्मी संग, भूदेवी के साथ।
पद्मावती के वर, शोभे तिरुपति नाथ॥
जय जय श्री वेंकटेशा॥
गोविंद गोविंद बोलो, भज बालाजी नाम।
सात जन्मों के पाप, जाते पलभर में काम॥
जय जय श्री वेंकटेशा॥
केश दान कर भक्त, मनोरथ पाते सब।
बालाजी के दर से कोई, खाली नहीं गए कभी॥
जय जय श्री वेंकटेशा॥

