नवरात्रि के पावन दिनों में साधना का विशेष महत्व माना जाता है। इस अवधि में मंत्रों का जाप करने से देवी प्रसन्न होती हैं और भक्तों की हर मनोकामना पूर्ण करती हैं। नवरात्रि के दौरान माता के सभी रुपों की पूजा एवं साधना की जाती हैं और कुछ स्थानों पर महाविद्या की साधना भी विशेष रूप से होती है। जिनमें से मां बगलामुखी की विशेष रूप से पूजा की जाती है।
मां बगलामुखी, दस महाविद्याओं में आठवीं महाविद्या मानी जाती हैं। मां को पीला रंग बेहद प्रिय है, इसी कारण उन्हें देवी पीताम्बरा भी कहा जाता है। उनकी प्रतिमा में भी वे सदैव पीले वस्त्र धारण किए रहती हैं, जो उनके विशेष स्वरूप और शक्ति का प्रतीक है।
- 11,000 बगलामुखी मंत्र जाप
कहा जाता है कि नवरात्रि के समय मां बगलामुखी के मंत्रों का जाप करने से घर - परिवार में सम्पन्नता आती है। यह शत्रुओं को नष्ट करने वाली देवी के रूप में जानी जाती हैं। जो कोई भी इनके आशीर्वाद को प्राप्त कर लेता है, उसे फिर किसी भी प्रकार की मुश्किलों का सामना नहीं करना पड़ता है। देवी उसके मार्ग में आ रही समस्त बाधाओं का खात्मा कर उसे सुख- समृद्धि का आशीर्वाद प्रदान करती हैं। इसी को देखते हुए माय ज्योतिष द्वारा हरिद्वार के प्रसिद्ध बगलामुखी मंदिर में पूजा का आयोजन किया जा रहा है।
हमारी सेवाएं :-
- मंदिर के प्रांगण में युगान्तरित पंडित जी द्वारा मंत्रोच्चारण के साथ आपके नाम और गोत्र से नवरात्रि पूजा संपन्न की जाएगी।
- पूजन में उपयोग की जाने वाली सारी सामाग्री पंडित जी की तरफ से दी जाएगी, साथ ही पूर्ण विधि - विधान से पूजन संपन्न किया जाएगा।
- पूजा संपन्न होने के पश्चात रिकार्डेड वीडियो और फोटो भेजे जाएंगे।
प्रसाद
- मां बगलामुखी यंत्र
- मौली (हाथ में बांधने के लिए)