लेटे हनुमान जी मंदिर, प्रयागराज
प्रयागराज स्थित लेटे हनुमान जी मंदिर अपनी विशाल एवं दक्षिणाभिमुखी प्रतिमा के लिए विश्वविख्यात है। इस मंदिर में भगवान हनुमान की भव्य प्रतिमा भूमि स्तर से कुछ नीचे लेटी हुई अवस्था में विराजमान है, जो इसे भारत के अन्य हनुमान मंदिरों से विशिष्ट बनाती है। भगवान हनुमान के बाएं हाथ में गदा तथा दाएं हाथ में श्रीराम और लक्ष्मण का स्वरूप दर्शाया गया है। उनके चरणों के नीचे अहिरावण एवं कामदा देवी के दबे होने का उल्लेख मिलता है, जो अधर्म पर धर्म की विजय का प्रतीक है।
यह पावन मंदिर गंगा तट पर, ऐतिहासिक अकबर किले के समीप स्थित है। यह स्थान न केवल श्रद्धालुओं की आस्था का प्रमुख केंद्र है, बल्कि भारतीय संस्कृति, इतिहास और आध्यात्मिक परंपरा का भी महत्वपूर्ण हिस्सा माना जाता है।
पौराणिक कथा
पौराणिक मान्यताओं के अनुसार, लंका विजय के पश्चात भगवान हनुमान इस स्थान पर विश्राम करने आए थे। कहा जाता है कि माता सीता के आग्रह पर उन्होंने यहां विश्राम किया, जिसके कारण उनकी प्रतिमा लेटी हुई मुद्रा में स्थापित की गई। यह स्वरूप भगवान हनुमान की सेवा, समर्पण, विनम्रता और अद्भुत शक्ति का प्रतीक माना जाता है।
आज यह मंदिर लाखों श्रद्धालुओं के लिए श्रद्धा और भक्ति का केंद्र है। विशेष रूप से बड़ा मंगल, हनुमान जयंती तथा अन्य धार्मिक अवसरों पर यहां भक्तों की भारी भीड़ उमड़ती है। श्रद्धालु यहां भगवान हनुमान से साहस, रक्षा, संकट निवारण, सुख-समृद्धि एवं मनोकामना पूर्ति का आशीर्वाद प्राप्त करने आते हैं।