हिन्दू धार्मिक मान्यताओं के अनुसार देवी लक्ष्मी का स्वरुप व्यक्ति के जीवन में सभी प्रकार के सुखों का आगमन मार्ग प्रकाशित करता है। माँ लक्ष्मी के पूजन से सभी दुखों का नाश होता है। यह पूजन सभी ग्रहों की महादशा एवं अन्तर्दशा को दूर करने हेतु लाभकारी होता है। विशेष तौर पर जिन लोगों की कुंडली में शुक्र का बुरा प्रभाव हो, उनके लिए यह पूजा अत्यंत ही कल्याणकारी प्रमाणित होती है। दिवाली का दिन माँ लक्ष्मी को समर्पित माना जाता है। साथ ही इस दिन पूजा करने से 10 गुना अधिक फल की प्राप्ति होती है। यह पूजा ख़ास तौर पर अमावस्या के दिन आधी रात को करना आवश्यक होता है।
सहस्त्ररूपा का अर्थ होता है धन, स्वास्थ, आरोग्य एवं कुशल जीवन को प्रदान करने वाली देवी। जो कोई भी व्यक्ति पूर्ण निष्ठा एवं श्रद्धा से इनकी आराधना करता है उसकी कोई भी कामना अधूरी नहीं रहती। उसके जीवन से धन की कमी एवं कर्ज की समस्या जैसी परेशानियां दूर हो जाती है। माँ लक्ष्मी उसका साथ कभी नहीं छोड़ती और उसकी हर इच्छा पूर्ण होती है।
सहस्त्ररूपा सर्वव्यापी माँ लक्ष्मी के विभिन्न रूप !
- धन लक्ष्मी
- स्वास्थ्य लक्ष्मी
- पराक्रम लक्ष्मी
- सुख लक्ष्मी
- संतान लक्ष्मी
- शत्रु निवारण लक्ष्मी
- आनंद लक्ष्मी
- दीर्घायु लक्ष्मी
- भाग्य लक्ष्मी
- पत्नी लक्ष्मी
- राज्य सम्मान लक्ष्मी
- वाहन लक्ष्मी
- सौभाग्य लक्ष्मी
- पौत्र लक्ष्मी
- राधेय लक्ष्मी
हमारी सेवाएँ :
अनुष्ठान से पहले हमारे युगान्तरित पंडित जी द्वारा फ़ोन पर आपको संकल्प करवाया जाएगा। तथा पंडित जी द्वारा पूर्ण विधि -विधान से पूजन संपन्न किया जाएगा।