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अकाल मृत्यु प्राप्त पितरों हेतु श्राद्ध अनुष्ठान - चतुर्दशी विशेष
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Prayers for Ancestors, Blessings for Generations

अकाल मृत्यु प्राप्त पितरों हेतु श्राद्ध अनुष्ठान - चतुर्दशी विशेष

Fri 09 October 2026
Ganga Ghat, Har ki Pauri, Haridwar
4.8(648 Reviews)

10,000+ Devotees have participated in Pujas

Benefits

  • अशांत आत्माओं को मुक्ति।
  • पितृ दोष के नकारात्मक प्रभावों से मुक्ति।
  • अकाल मृत्यु का भय दूर होता है।
  • मानसिक अशांति दूर होती है।

Description

पितृ पक्ष की चतुर्दशी तिथि के मौके पर माय ज्योतिष द्वारा मोक्षदायिनी हरिद्वार धाम में गंगा तट पर अकाल मृत्यु प्राप्त पितरों के लिए श्राद्ध अनुष्ठान का विशेष आयोजन किया जा रहा है। वैदिक परंपराओं के अनुसार, पितृ पक्ष की चतुर्दशी तिथि उन दिवंगत आत्माओं को समर्पित होती है, जिनकी मृत्यु कम उम्र में या किसी दुर्घटना अथवा असामान्य परिस्थितियों में हुई हो। इस तिथि पर किया गया श्राद्ध और तर्पण अशांत आत्माओं को मुक्ति दिलाकर मोक्ष और शांति प्रदान करता है।

 

क्या है अकाल मृत्यु प्राप्त पितरों हेतु श्राद्ध अनुष्ठान?

 

  • 'चतुर्दशी विशेष श्राद्ध अनुष्ठान' पावन हरिद्वार में गंगा नदी के तट पर आयोजित होने वाली एक बेहद प्रभावशाली पूजन प्रक्रिया है, जिन परिजनों की मृत्यु अकाल, दुर्घटना या अप्राकृतिक कारणों से हुई हो, उनका सामान्य तिथियों पर श्राद्ध करने के बजाय चतुर्दशी तिथि पर विशेष विधान से पूजन किया जाता है। 

 

अनुष्ठान में शामिल प्रमुख पूजन विवरण

 

  • दिवंगत परिजन के नाम व गोत्र का संकल्प।
  • मां गंगा की विशेष पूजा-अर्चना।
  • कुश, काले तिल और गंगाजल से तर्पण।
  • पिंड अर्पित कर विशेष पूजा-अर्चना।
  • पितरों के लिए अन्न, फल और दान का अर्पण।
  • अशांत आत्माओं के लिए वैदिक मंत्रों का जप।
  • शाम के समय दीप प्रज्वलित करना।
  • परिवार में सुख, शांति, के लिए विशेष प्रार्थना।

 

किन लोगों को यह अनुष्ठान करवाना चाहिए?

 

  • जिनके किसी परिजन की मृत्यु असामान्य परिस्थितियों में हुई हो।
  • जिनके किसी प्रियजन की मृत्यु कम उम्र में ही हो गई हो।
  • परिवार की सुरक्षा व मानसिक शांति के लिए।

 

विशेष संकल्प

 

“असामयिक रूप से दिवंगत हमारे प्रिय परिजन की शांति, तृप्ति एवं सद्गति की मंगलकामना तथा परिवार में सुख, शांति, संतुलन एवं मंगल बना रहे—इसी श्रद्धा एवं कृतज्ञता के साथ यह चतुर्दशी विशेष श्राद्ध एवं तर्पण अनुष्ठान समर्पित है।

 

हमारी सेवाएं 

 

  • हरिद्वार के घाट में युगान्तरित पंडित जी द्वारा मंत्रोच्चारण के साथ आपके नाम और गोत्र से श्राद्ध पूजा संपन्न की जाएगी। 
  • पूजन में उपयोग की जाने वाली सारी सामाग्री पंडित जी की तरफ से दी जाएगी, साथ ही पूर्ण विधि - विधान से पूजन संपन्न किया जाएगा।
  • पूजा संपन्न होने के पश्चात रिकार्डेड वीडियो और फोटो भेजे जाएंगे।

Temple Details

Temple

हरिद्वार, दो शब्दों से मिलकर बना है, हर + द्वार, यहां पर हर का अर्थ है श्री हरि विष्णु जी। मान्यताओं के अनुसार कहा जाता है कि हर की पौड़ी में भगवान विष्णु जी का पैर पड़ा था, इसलिए इसे हर की पौड़ी कहा जाता है। इसके अलावा हरिद्वार उन 4 पवित्र तीर्थों में से एक है, जहां अमृत की एक बूंद गिरी थी। हरिद्वार वह स्थल भी     है जहां से पवित्र गंगा मां का प्रवाह होता है। यही सब खूबियां इस तीर्थ को और पवित्र बनाते हैं

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