- नवरात्र में देवी कवच का पाठ
नवरात्र के पावन दिनों में दुर्गा कवच का पाठ करना अत्यंत शुभ और फलदायी माना जाता है। मान्यता है कि इन नौ दिनों में मां दुर्गा की शक्ति पृथ्वी पर विशेष रूप से सक्रिय रहती है, इसलिए इस समय किया गया जप, पाठ और साधना कई गुना अधिक फल देता है। दुर्गा कवच, माता का एक दिव्य सुरक्षा मंत्र माना जाता है, जिसका पाठ करने से भक्त के चारों ओर एक आध्यात्मिक सुरक्षा कवच बनता है और नकारात्मक शक्तियों, भय तथा बाधाओं से रक्षा होती है। नवरात्र में श्रद्धा और विधि-विधान से दुर्गा कवच का पाठ करने से जीवन की परेशानियां कम होती हैं, मन को शांति मिलती है और घर-परिवार में सुख, समृद्धि और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है। साथ ही, मां दुर्गा की विशेष कृपा से मनोकामनाओं की पूर्ति और कार्यों में सफलता मिलने का भी आशीर्वाद प्राप्त होता है।
दुर्गा कवच एक पवित्र स्तोत्र है जो दुर्गा सप्तशती का हिस्सा माना जाता है। इसमें देवी दुर्गा की स्तुति करते हुए ऐसे मंत्रों का वर्णन किया गया है जो भक्त की हर दिशा से रक्षा करने के लिए बताए गए हैं। “कवच” शब्द का अर्थ ही होता है रक्षा करने वाला कवच या ढाल, इसलिए दुर्गा कवच को आध्यात्मिक सुरक्षा का प्रतीक माना जाता है।
हमारी सेवाएं :-
- मंदिर के प्रांगण में युगान्तरित पंडित जी द्वारा मंत्रोच्चारण के साथ आपके नाम और गोत्र से नवरात्रि की दुर्गाष्टमी के दिन पूजा संपन्न की जाएगी।
- पूजन में उपयोग की जाने वाली सारी सामाग्री पंडित जी की तरफ से दी जाएगी, साथ ही पूर्ण विधि - विधान से पूजन संपन्न किया जाएगा।
- पूजा संपन्न होने के पश्चात रिकार्डेड वीडियो और फोटो भेजे जाएंगे
प्रसाद:
- लाल कपड़ा
- पंचमेवा
- माता की मौली