होली का पर्व फाल्गुन पूर्णिमा पर मनाया जाता है और इससे पूर्व आता है होलाष्टक का पर्व। कहा जाता है कि होलाष्टक के दौरान कई प्रकार की नकारात्मक ऊर्जा का प्रभाव काफी अधिक होता है और यही वो समय होता है जब नज़र का खतरा सबसे अधिक रहता है और कई नकारात्मक शक्तियों का प्रभाव भी जीवन में प्रत्यक्ष रूप से देखने को मिलता है। तो इसी को देखते हुए माय ज्योतिष आपके लिए होली के पावन पर नज़र दोष निवारण पूजा का आयोजन करवा रहा है। पूजा का प्रभाव इतना अधिक होगा कि बुरी नज़र होलिका की अग्नि में जलकर खाक हो जाएगी।
हिंदू पौराणिक कथाओं के अनुसार, मां दुर्गा के सभी अवतारों में माँ काली सबसे उग्र और सबसे शक्तिशाली शक्ति हैं। ऎसे में जीवन से सभी परेशानियों और नकारात्मकता को पूरी तरह से खत्म करने के लिए काली पूजा अत्यंत लाभदायक होती है। होली के समय पर बुरी नजर और अशुभ ग्रह के प्रभाव को दूर करने के लिए होली पूजा में सबसे अच्छे उपायों में से एक होती है। होलिका दहन (छोटी होली) के दिन, विशेषकर जब भद्रा का साया हो, भद्रकाली (देवी काली का एक रूप) की पूजा नकारात्मकता को दूर करने और सुरक्षा के लिए अत्यंत शुभ मानी जाती है।
हमारी सेवाए :
- मंदिर के प्रांगण में युगान्तरित पंडित जी द्वारा मंत्रोच्चारण के साथ आपके नाम और गोत्र से पूजा संपन्न की जाएगी।
- पूजन में उपयोग की जाने वाली सारी सामाग्री पंडित जी की तरफ से दी जाएगी, साथ ही पूर्ण विधि - विधान से पूजन संपन्न किया जाएगा।
- पूजा संपन्न होने के पश्चात रिकार्डेड वीडियो और फोटो भेजे जाएंगे।