सर्पों को भगवान शिव का गहना माना जाता है और इनकी पूजा से महादेव जी प्रसन्न होते हैं और अपने भक्तो को मनवांछित फल देते हैं, नाग पंचमी के दिन पूजा करने पर सांपो से से किसी भी प्रकार की हानि का भय नहीं रहता | नागों को धन का सरंक्षक माना गया हैं | देवी देवताओं के खजाने की रखवाली नाग ही करते हैं | नागों की पूजा करके शक्ति और अपार धन को प्राप्त किया जा सकता है |
कुंडली में राहु-केतु की दशा ठीक ना हो तो नागपंचमी के दिन नागों की पूजा का लाभ पाया जा सकता हैं | कुंडली में अगर काल सर्प दोष हो,ऐसे जातको को इस दिन नाग पूजा करने से इस दोष से मुक्ति मिल जाती है| यह दोष आपकी कुंडली में तब आता है जब आपके सारे ग्रह राहु और केतु के बीच आ जाते हैं | इसके अलावा राहु-केतु की वजह से यदि जीवन में कोई मुश्किल या बाधा आ रही है, तो नाग पंचमी के दिन नागों की पूजा करने पर राहु-केतु का दोष प्रभाव कम हो जाता है | कुंडली में विषकन्या या अश्वगंधा योग हो, तो ऐसे जातको को इस दिन नाग पूजा जरूर करनी चाहिए |
सर्वे नागा: प्रीयन्तां मे ये केचित् पृथ्वी तले ।
ये च हेलिमरीचिस्था येन्तरे दिवि संस्थिता:।।
सावन की नाग पंचमी तिथि को नाग देवता की पूजा करने से कई मानसिक व शारीरिक कष्टों का निवारण होता है। सर्प शिवजी को सबसे अधिक प्रिय जीव हैं। वे सर्पों को गले के हार और कानों के कुंडल के रूप में प्रयोग करते हैं तथा भक्तों की सर्पों से रक्षा करते हैं। ऐसे में, महादेव के मन को लुभाने वाले सावन के महीने में नाग देव का पूजन नागराज को प्रसन्न करता है। सर्पों के लिए दूध का आहार कर पाना सबसे सरल होता है। इसलिए, नाग पंचमी के दिन नाग देवता का दूध से अभिषेक करना अत्यधिक फल देने वाला होता है।
हमारी सेवाएं :-
- हमारे पंडित जी द्वारा अनुष्ठान से पूर्व संकल्प करवाया जाएगा। साथ ही पूर्ण विधि - विधान से नागवासुकि मंदिर, प्रयागराज में पूजन किया जाएगा।