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केतु ग्रह शांति पूजा
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Health problems are cured.

केतु ग्रह शांति पूजा

Sat 07 November 2026
Navgrah Shani Mandir, Ujjain Madhya Pradesh
Prasad Box
4.8(648 Reviews)

10,000+ Devotees have participated in Pujas

Benefits

केतु ग्रह शांति पूजा के शुभ फल :

  • केतु ग्रह से उत्पन्न होने वाली नकारात्मक ऊर्जा कम होती है।
  • जीवन से अटकलें हटा जाती है।
  • व्यवसाय के विकास के लिए यह पूजा लाभदायक सिद्ध होगी ।
  • स्वास्थ्य समस्याएं ठीक हो जाती है।
  • बच्चों के साथ अच्छे संबंध बनते हैं।

Description

राहु के बाद केतु ही एक ऐसा ग्रह जिसका प्रभाव ज़्यादातर नकारात्मक ही होता है। केतु अगर तीसरे,दसवे,ग्यारहवे और बारहवें स्थान पर हो तो उसका सकारात्मक प्रभाव पड़ता है । लेकिन अगर पांचवे और आठवें ग्रह पर हो तो उसका प्रभाव बहुत नकारात्मक होता हैं। छाया ग्रह के रूप में जाना जाने वाला केतु आध्यात्मिक ऊंचाइयों, अटकलों, शक्तियों, अचानक सफलता का प्रतीक है। केतु यदि सही न हो, तो यह चिंता का विषय हैं।

केतु शांति पूजा करने से जातक को अपने कामकाज, संतान सुख, वैवाहिक जीवन, आदि से जुड़ी हर समस्या से छुटकारा मिलता है। केतु के प्रकोप से बचने के लिए केतु ग्रह शांति पूजा है सबसे सटीक उपाय। अब घर बैठकर करवाएं केतु ग्रह शांति पूजा और इस आसान, सस्ती और सुलभ सेवा का उठाएं लाभ!

 

हमारी सेवाएं 

 

  • मंदिर के प्रांगण में युगान्तरित पंडित जी द्वारा मंत्रोच्चारण के साथ आपके नाम और गोत्र से पूजा संपन्न की जाएगी। 
  • पूजन में उपयोग की जाने वाली सारी सामाग्री पंडित जी की तरफ से दी जाएगी, साथ ही पूर्ण विधि - विधान से पूजन संपन्न किया जाएगा।
  • पूजा संपन्न होने के पश्चात रिकार्डेड वीडियो और फोटो भेजे जाएंगे।

 

प्रसाद 

 

  • पंचमेवा
  • ग्रह केतु से संबंधित दान वस्तुओं से युक्त एक छोटा पैकेट भिजवाया जाएगा उसी को सूर्यास्त से पहले किसी भी रविवार को बहते पानी में विसर्जित कर देना चाहिए।

Temple Details

Temple

नवग्रहों की तपस्थली
स्कंद पुराण के अनुसार नवग्रहों ने भी इस पावन स्थल पर आकर शिवलिंग स्थापित किए और तपस्या कर भगवान शिव से वरदान प्राप्त किए। उनके द्वारा स्थापित लिंगों के नाम हैं- नरादित्य, सोमेश्वर, मंगलेश्वर, बुधेश्वर, बृहस्पतीश्वर, शुक्रेश्वर, स्थावरेश्वर, मुनीश्वर, राहु-केतुऐश्वर।....

जहां क्षिप्रा, क्षाता, और गुप्त सरस्वती नदियाँ मिलती हैं, उसे त्रिवेणी संगम कहते हैं। यह स्थान मोक्ष प्रदायक माना गया है। यहां स्नान, दान और स्थावरेश्वर महादेव के दर्शन से समस्त पापों का नाश होता है और शनि पीड़ा का शमन होता है। इसी कारण यह स्थान नवग्रह त्रिवेणी शनि मंदिर के रूप में प्रसिद्ध हुआ। 
उज्जैन के त्रिवेणी संगम पर ही राजा विक्रमादित्य ने भगवान शनिदेव और नवग्रहों की प्राण प्रतिष्ठा करवाई और एक भव्य मंदिर का निर्माण करवाया। आज भी यह स्थान भक्तों के लिए आस्था और शांति का केंद्र बना हुआ है। यहां शनि देव के साथ दाईं ओर श्री गणेश जी, बाईं ओर ढैय्या शनि, पीछे श्री बालाजी हनुमान विराजमान हैं।

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Reviews

ऑनलाइन पूजा को लेकर शुरुआत में मुझे थोड़ी शंका थी, लेकिन MyJyotish के साथ मेरा अनुभव बहुत सकारात्मक रहा। पूजा पूरी श्रद्धा और विधि-विधान के साथ संपन्न हुई और मैं पूरे समय उससे जुड़ा हुआ महसूस करता रहा।

MyJyotish ऑनलाइन पूजा बुक करने के लिए एक बेहतरीन प्लेटफ़ॉर्म है। मैंने घर बैठे ही पूजा में भाग लिया और पूरे अनुष्ठान के दौरान स्वयं को आध्यात्मिक रूप से जुड़ा हुआ महसूस किया। यह अनुभव बहुत सहज, सुविधाजनक और संतोषजनक रहा।

व्यस्त जीवनशैली के कारण मंदिर जाना हमेशा संभव नहीं होता, लेकिन MyJyotish की मदद से मैं घर बैठे ही पूजा में शामिल हो सका। यह अनुभव सुविधाजनक होने के साथ-साथ आध्यात्मिक रूप से भी बहुत संतोषजनक था।

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