राहु के बाद केतु ही एक ऐसा ग्रह जिसका प्रभाव ज़्यादातर नकारात्मक ही होता है। केतु अगर तीसरे,दसवे,ग्यारहवे और बारहवें स्थान पर हो तो उसका सकारात्मक प्रभाव पड़ता है । लेकिन अगर पांचवे और आठवें ग्रह पर हो तो उसका प्रभाव बहुत नकारात्मक होता हैं। छाया ग्रह के रूप में जाना जाने वाला केतु आध्यात्मिक ऊंचाइयों, अटकलों, शक्तियों, अचानक सफलता का प्रतीक है। केतु यदि सही न हो, तो यह चिंता का विषय हैं।
केतु शांति पूजा करने से जातक को अपने कामकाज, संतान सुख, वैवाहिक जीवन, आदि से जुड़ी हर समस्या से छुटकारा मिलता है। केतु के प्रकोप से बचने के लिए केतु ग्रह शांति पूजा है सबसे सटीक उपाय। अब घर बैठकर करवाएं केतु ग्रह शांति पूजा और इस आसान, सस्ती और सुलभ सेवा का उठाएं लाभ!
हमारी सेवाएं
- मंदिर के प्रांगण में युगान्तरित पंडित जी द्वारा मंत्रोच्चारण के साथ आपके नाम और गोत्र से पूजा संपन्न की जाएगी।
- पूजन में उपयोग की जाने वाली सारी सामाग्री पंडित जी की तरफ से दी जाएगी, साथ ही पूर्ण विधि - विधान से पूजन संपन्न किया जाएगा।
- पूजा संपन्न होने के पश्चात रिकार्डेड वीडियो और फोटो भेजे जाएंगे।
प्रसाद
- पंचमेवा
- ग्रह केतु से संबंधित दान वस्तुओं से युक्त एक छोटा पैकेट भिजवाया जाएगा उसी को सूर्यास्त से पहले किसी भी रविवार को बहते पानी में विसर्जित कर देना चाहिए।