शनि देव सूर्य पुत्र है। उन्हें न्याय के देवता के रूप में जाना जाता है। वह प्रत्येक व्यक्ति को उसके कर्म के अनुसार फल प्रदान करतें है। शनि देव पर तेल अर्पण करने से हर तरह के दर्द से राहत प्राप्त होती है। तेल के चढ़ावें से प्रसन्न होकर शनि अपने भक्तों के प्रति शांत और उदार हो जाते हैं।हिंदू ज्योतिष के अनुसार शनि भी शुभ नवग्रह में से एक है। वह गिद्ध, भैंस या कौआ की सवारी करते है। वह एक मात्र ग्रह है जिनके आशीर्वाद से व्यक्ति को मोक्ष की प्राप्ति होती है। उनके शुभ प्रभावों से साधकों का जीवन दुखों से दूर सुखमय हो जाता है।
चढ़ावें के शुभ प्रभाव :-
- शनि द्वारा प्रदान की गए नकारात्मक प्रभावों पर नियंत्रण आता है।
- बेहतर जीवन के लिए शनि की सकारात्मक शक्ति प्राप्त होती है।
- समृद्ध जीवन
- अच्छे पेशे की ओर मार्ग प्रकाशित होता है।
- अच्छी वित्तीय स्थिति स्थापित होती है।
- जीवन में प्रसिद्धि, मान्यता और सम्मान की प्राप्ति होती है।
- सकुशल स्वास्थ प्राप्त होता है।
शनि देव का कोकिलावन महाधाम मथुरा के नंदगाव में स्थित है। मान्यताओं के अनुसार इस स्थान पर कोयल स्वरुप धारण करके श्री कृष्ण ने शनि देव को दर्शन दिए थे। जो कोई भी अपनी इच्छा लेकर यहाँ शनि देव की उपासना करता है उसकी कामनाओं की पूर्ति अवश्य होती है। यह शनि देव का सिद्ध मंदिर है। इस स्थान पर उन्हें सरसों का तेल अर्पण करने पर शनि ग्रह के कुप्रभाव दूर हो जाते है।
हमारी सेवाएं :-
हमारे पंडित जी द्वारा आपके नाम से शनि जयंती पर 11 किलो तेल शनि देव को अर्पण किया जाएगा।