सनातन परंपरा में दुर्गा सहस्त्रनाम का अत्यंत विशेष महत्व बताया गया है। “सहस्त्रनाम” का अर्थ है माता के एक हजार दिव्य नामों का स्मरण और स्तुति। इन 1000 नामों में देवी दुर्गा की शक्ति, करुणा, रक्षा और कृपा के अनेक रूपों का वर्णन मिलता है। जब आपके नाम और गौत्र का संकल्प लेकर इन नामों का जाप किया जाएगा तो सोचिए आपके ऊपर माता की कितनी कृपा बरसेगी।
नवरात्रि का समय देवी शक्ति की उपासना का सबसे पवित्र काल माना जाता है, इसलिए इस समय दुर्गा सहस्त्रनाम का पाठ और रोली-कुमकुम से अर्चन करना विशेष फलदायी माना गया है। इसी भावना के साथ मंगलागौरी मंदिर में नवरात्रि विशेष कुमकुम सहस्त्रनाम 1000 नाम से रोली अर्चन श्रृंगार पूजा का आयोजन किया जाता है, जिसमें माता के प्रत्येक नाम के साथ कुमकुम और रोली से अर्चन कर उनका दिव्य श्रृंगार किया जाता है।
- नवरात्र में 1000 दुर्गा सहस्त्रनाम पाठ क्यों करें?
नवरात्रि में दुर्गा सहस्त्रनाम का जप और अर्चन करने से भक्तों को विशेष आध्यात्मिक और सांसारिक लाभ प्राप्त होते हैं। माना जाता है कि इस पूजा से जीवन की बाधाएँ और नकारात्मक ऊर्जा दूर होती है तथा घर-परिवार में सुख, शांति और समृद्धि का वास होता है। सहस्त्रनाम के 1000 नामों से कुमकुम अर्चन करने से माता दुर्गा प्रसन्न होती हैं और भक्तों की मनोकामनाएँ पूर्ण करने का आशीर्वाद देती हैं।
यह अनुष्ठान विशेष रूप से धन-समृद्धि, वैवाहिक सुख, संतान सुख और कार्यों में सफलता के लिए अत्यंत फलदायी माना जाता है। साथ ही देवी की कृपा से मानसिक शांति, आत्मबल और सकारात्मक ऊर्जा की प्राप्ति होती है। नवरात्रि के पावन दिनों में यह सहस्त्रनाम अर्चन करने से साधक को देवी शक्ति का विशेष आशीर्वाद प्राप्त होता है और जीवन में मंगल और सौभाग्य के द्वार खुलते हैं।
हमारी सेवाएं :
- मंदिर के प्रांगण में युगान्तरित पंडित जी द्वारा मंत्रोच्चारण के साथ आपके नाम और गोत्र से नवरात्रि की दुर्गाष्टमी के दिन पूजा संपन्न की जाएगी।
- पूजन में उपयोग की जाने वाली सारी सामाग्री पंडित जी की तरफ से दी जाएगी, साथ ही पूर्ण विधि - विधान से पूजन संपन्न किया जाएगा।
- पूजा संपन्न होने के पश्चात रिकार्डेड वीडियो और फोटो भेजे जाएंगे
प्रसाद:
- सूखा प्रसाद
- रक्षा सूत्र
- कुमकुम