धनतेरस पूजा का महत्व
धनतेरस, दो शब्दों से मिलकर बना है- धन+ तेरस। यहां पर तेरस का अर्थ है त्रयोदशी तिथि। पौराणिक मान्यता के अनुसार, समुद्र मंथन के दौरान कार्तिक महीने के कृष्ण पक्ष की त्रयोदशी तिथि को भगवान धनवंतरि धरती पर अवतरित हुए थे। भगवान धनवंतरि को आयुर्वेद, आरोग्य और उत्तम स्वास्थ्य का देवता माना जाता है। इस शुभ अवसर पर उनकी पूजा-अर्चना करके उत्तम स्वास्थ्य, दीर्घायु, सुख-समृद्धि और परिवार के कल्याण की कामना की जाती है। इस दिन दीपदान और भगवान यमराज का स्मरण भी दीर्घायु तथा अकाल मृत्यु के भय से मुक्ति की पारंपरिक प्रार्थना से जुड़ा है।
भगवान धनवंतरि की पूजा
- भगवान धनवंतरि को भगवान विष्णु का अवतार और आयुर्वेद का प्रवर्तक माना जाता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, उनकी पूजा आरोग्य, दीर्घायु और रोगों से रक्षा की मंगलकामना के लिए की जाती है। धनतेरस के दिन भगवान धनवंतरि के मंत्रों का जाप, वैदिक विधि से पूजन और दीप-धूप अर्पित करना विशेष आध्यात्मिक महत्व रखता है। इस पावन अवसर पर श्रद्धालु अपने नाम और गोत्र से संकल्प लेकर अपने परिवार के सदस्यों के उत्तम स्वास्थ्य, सुख-शांति और कल्याण की प्रार्थना कर सकते हैं।
भगवान धनवंतरि आरोग्य एवं आयु रक्षा महापूजन, हरिद्वार
- धनतेरस के शुभ अवसर पर माय ज्योतिष द्वारा हरिद्वार में आयोजित भगवान धनवंतरि आरोग्य एवं आयु रक्षा महापूजन किया जा रहा है। यह दीर्घायु और परिवार की सुरक्षा की मंगलकामना के लिए एक विशेष धार्मिक अनुष्ठान है। इस महापूजन में भगवान धनवंतरि का वैदिक विधि से पूजन एवं आह्वान, श्रद्धालु के नाम और गोत्र से संकल्प तथा भगवान धनवंतरि के पावन मंत्रों का जाप किया जाता है। इसके साथ ही गंभीर रोगों से जूझ रहे परिजनों के स्वास्थ्य लाभ, परिवार के सभी सदस्यों की सुख-शांति और अकाल मृत्यु के भय से मुक्ति की प्रार्थना की जाती है।
हमारी सेवाएं
- मंदिर के प्रांगण में युगान्तरित पंडित जी द्वारा मंत्रोच्चारण के साथ आपके नाम और गोत्र से पूजा संपन्न की जाएगी।
- पूजन में उपयोग की जाने वाली सारी सामाग्री पंडित जी की तरफ से दी जाएगी, साथ ही पूर्ण विधि - विधान से पूजन संपन्न किया जाएगा।
- पूजा संपन्न होने के पश्चात रिकार्डेड वीडियो और फोटो भेजे जाएंगे।
प्रसाद
- पूजा में प्रयुक्त भस्म।
- अभिमंत्रित पवित्र धागा (कलावा)।