हिंदू पौराणिक कथाओं के अनुसार, मां दुर्गा के सभी अवतारों में माँ काली सबसे उग्र और सबसे शक्तिशाली शक्ति हैं। कहा जाता है कि जीवन से परेशानियों और नकारात्मकता को पूरी तरह से खत्म करने के लिए काली पूजा अत्यंत लाभदायक होती है। नवरात्र के समय खासतौर पर यदि मां भद्रकाली का आशीर्वाद प्राप्त होता है तो आपको कई नकारात्मक ऊर्जाओं से छुटकारा मिल सकता है। इसी को देखते हुए माय ज्योतिष नवरात्रि के पावन पर्व पर काशी के दुर्गा कुंड मंदिर में भद्रकाली चंडी पाठ एवं महानिशा पूजा का आयोजन करवा रहा है। जिसमें आप घर बैठे पूजा में भाग ले सकते हैं।
- भद्रकाली चंडी पाठ एवं महानिशा पूजा का महत्व
यह पूजा नकारात्मक शक्तियों, बाधाओं और शत्रुओं से रक्षा करने के लिए अत्यंत प्रभावी मानी जाती है। माँ भद्रकाली को संकटों का नाश करने वाली और अपने भक्तों की रक्षा करने वाली देवी माना जाता है। जब चंडी पाठ के साथ महानिशा पूजा की जाती है, तो यह साधना व्यक्ति के जीवन में छिपी हुई समस्याओं, भय और अशुभ प्रभावों को दूर करने में सहायक होती है।
भद्रकाली चंडी पाठ एवं महानिशा पूजा देवी शक्ति की अत्यंत प्रभावशाली साधनाओं में से मानी जाती है। यह पूजा माँ भद्रकाली और चंडी के उग्र और रक्षक स्वरूप को प्रसन्न करने के लिए की जाती है। इसमें दुर्गा सप्तशती के चंडी पाठ के साथ विशेष मंत्रों और विधियों से रात्रि में साधना की जाती है, जिसे महानिशा पूजा कहा जाता है।
हमारी सेवाएं :
- मंदिर के प्रांगण में युगान्तरित पंडित जी द्वारा मंत्रोच्चारण के साथ आपके नाम और गोत्र से नवरात्रि की दुर्गाष्टमी के दिन पूजा संपन्न की जाएगी।
- पूजन में उपयोग की जाने वाली सारी सामाग्री पंडित जी की तरफ से दी जाएगी, साथ ही पूर्ण विधि - विधान से पूजन संपन्न किया जाएगा।
- पूजा संपन्न होने के पश्चात रिकार्डेड वीडियो और फोटो भेजे जाएंगे
प्रसाद:
- सूखा प्रसाद
- रक्षा सूत्र
- कुमकुम