महारुद्राभिषेक (सावन स्पेशल)
- श्रावण मास यानी कि सावन का महीना, जिसे प्रेम प्राप्ति और जीवन में खुशियों के लिए बेहद अनुकूल माना जाता है। सावन के महीने में किया गया पूजन कई गुना फल देता है, क्योंकि भोले बाबा को प्रसन्न करना बेहद ही आसान है और वह भक्तों के छोटे-छोटे प्रयासों से प्रसन्न भी हो जाते हैं। शिवलिंग में अक्सर दूध और जल से अभिषेक किया जाता है, वहीं सरसों के तेल से किया गया शिवलिंग का अभिषेक भी जीवन की बड़ी-बड़ी बाधाओं को दूर करने वाला माना गया है। इसी को देखते हुए माय ज्योतिष द्वारा हरिद्वार के श्री पशुपतिनाथ महादेव मंदिर में बेलपत्र एवं सरसों के तेल से विशेष महारुद्राभिषेक का आयोजन किया जा रहा है और इस पूजा में आप घर बैठे हिस्सा ले सकते हैं।
बेलपत्र और सरसों के तेल से अभिषेक का महत्व
- शास्त्रों के अनुसार जब समुद्र मंथन हुआ तब संसार को बचाने के लिए भगवान शिव ने हलाहल विष पी लिया था, हलाहल विष की तीव्र उष्णता से भगवान शिव का शरीर अत्यंत तप्त हो गया था, फिर उन्हें शीतलता प्रदान करने के लिए ऊपर निरंतर जल और बेलपत्र अर्पित किया गया। तभी से शिवलिंग पर बेलपत्र अर्पित करने की प्रथा चली आ रही है।
- वहीं दूसरी तरफ सरसों का तेल शनि, राहु-केतु और नकारात्मक शक्तियों के प्रभाव को शांत करता है। भगवान शिव देवों के देव हैं और वह एकमात्र ऐसे भगवान भी हैं जिन्हें हर ग्रह द्वारा पूजा जाता है। शिवपुराण के अनुसार, सावन में श्रद्धापूर्वक भगवान शिव का अभिषेक करने और बेलपत्र अर्पित करने से महादेव अत्यंत शीघ्र प्रसन्न होते हैं तथा भक्तों को आरोग्य, समृद्धि, भयमुक्त जीवन और मनोकामना सिद्धि का आशीर्वाद प्रदान करते हैं
“सावन में 108 बेलपत्र और सरसों तेल से किया गया यह दिव्य महारुद्राभिषेक महादेव को अत्यंत प्रिय माना जाता है, जो जीवन की रुकावटों, ग्रह बाधाओं और नकारात्मकता को शांत कर सुख, समृद्धि, आरोग्य और शिव कृपा का मार्ग प्रशस्त करता है।”
प्रसाद
- रुद्राक्ष
- सूखा भोग
- बाबा का भस्म
- काला धागा ( हाथ में बांधने हेतु )