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मंगल ग्रह शांति पूजा
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Family relationships get harmonious

मंगल ग्रह शांति पूजा

Tue 18 August 2026
Navgrah Shani Mandir,Ujjain Madhya Pradesh
Prasad Box
2500901(64% OFF)

Booking Closes in:

06Day
05H
13M
28S

Benefits

 

  • मंगल ग्रह के नकारात्मक प्रभाव दूर होते है।
  • अच्छी ज़िंदगी के लिए मंगल ग्रह की सकारात्मक शक्ति प्राप्त होती है ।
  • पारिवारिक सम्बन्ध सुखद होतें है।
  • व्यक्ति को प्रभावशाली ,अच्छे संस्कार व मीठी बोली वाला बना देती है ।
  • संतान सुख की प्राप्ति होती है।

Description

 

मंगल ग्रह एक बहुत ही शक्तिशाली ग्रह है | विवाह और विवाहित जीवन से जुड़े मुद्दे बहुत ही अहम भूमिका निभाता है | कुंडली के कुछ घरों में ग्रहों की अनुकूल स्थिति में होने के कारण मांगलिक दोष होता है।

मांगलिक दोष के प्रभाव :-

  • भाई-बहन के रिश्तों में परेशानी आने लगती है ।
  • मांगलिक दोष होने से विवाहित जीवन में परेशानियाँ आती है ।
  • व्यक्ति अनैतिक व अवैध कामों में फस सकता है ।
  • शादी होने में देरी होती है ।
  • संतान होने में परेशानी होती है ।
  • व्यक्ति कठोर , बीमार और गुस्से वाला बन जाता है ।

 

हमारी सेवाएं :-

 

  • मंदिर के प्रांगण में युगान्तरित पंडित जी द्वारा मंत्रोच्चारण के साथ आपके नाम और गोत्र से पूजा संपन्न की जाएगी। 
  • पूजन में उपयोग की जाने वाली सारी सामाग्री पंडित जी की तरफ से दी जाएगी, साथ ही पूर्ण विधि - विधान से पूजन संपन्न किया जाएगा।
  • पूजा संपन्न होने के पश्चात रिकार्डेड वीडियो और फोटो भेजे जाएंगे।

 

प्रसाद :

 

  • पंचमेवा
  • मंगल ग्रह से सम्बंधित दान वस्तु एक छोटे पैकेट में होंगी | दान वस्तु को मंगलवार के दिन सूर्यास्त से पहले बहते हुए पानी में बाहा दे |

Temple Details

Temple

नवग्रहों की तपस्थली


स्कंद पुराण के अनुसार नवग्रहों ने भी इस पावन स्थल पर आकर शिवलिंग स्थापित किए और तपस्या कर भगवान शिव से वरदान प्राप्त किए। उनके द्वारा स्थापित लिंगों के नाम हैं- नरादित्य, सोमेश्वर, मंगलेश्वर, बुधेश्वर, बृहस्पतीश्वर, शुक्रेश्वर, स्थावरेश्वर, मुनीश्वर, राहु-केतुऐश्वर।....जहां क्षिप्रा, क्षाता, और गुप्त सरस्वती नदियाँ मिलती हैं, उसे त्रिवेणी संगम कहते हैं। यह स्थान मोक्ष प्रदायक माना गया है। यहां स्नान, दान और स्थावरेश्वर महादेव के दर्शन से समस्त पापों का नाश होता है और शनि पीड़ा का शमन होता है। इसी कारण यह स्थान नवग्रह त्रिवेणी शनि मंदिर के रूप में प्रसिद्ध हुआ। 
उज्जैन के त्रिवेणी संगम पर ही राजा विक्रमादित्य ने भगवान शनिदेव और नवग्रहों की प्राण प्रतिष्ठा करवाई और एक भव्य मंदिर का निर्माण करवाया। आज भी यह स्थान भक्तों के लिए आस्था और शांति का केंद्र बना हुआ है। यहां शनि देव के साथ दाईं ओर श्री गणेश जी, बाईं ओर ढैय्या शनि, पीछे श्री बालाजी हनुमान विराजमान हैं।

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Reviews

व्यस्त जीवनशैली के कारण मंदिर जाना हमेशा संभव नहीं होता, लेकिन MyJyotish की मदद से मैं घर बैठे ही पूजा में शामिल हो सका। यह अनुभव सुविधाजनक होने के साथ-साथ आध्यात्मिक रूप से भी बहुत संतोषजनक था।

ऑनलाइन पूजा को लेकर शुरुआत में मुझे थोड़ी शंका थी, लेकिन MyJyotish के साथ मेरा अनुभव बहुत सकारात्मक रहा। पूजा पूरी श्रद्धा और विधि-विधान के साथ संपन्न हुई और मैं पूरे समय उससे जुड़ा हुआ महसूस करता रहा।

MyJyotish ऑनलाइन पूजा बुक करने के लिए एक बेहतरीन प्लेटफ़ॉर्म है। मैंने घर बैठे ही पूजा में भाग लिया और पूरे अनुष्ठान के दौरान स्वयं को आध्यात्मिक रूप से जुड़ा हुआ महसूस किया। यह अनुभव बहुत सहज, सुविधाजनक और संतोषजनक रहा।

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