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मातृ नवमी श्राद्ध विशेष अनुष्ठान
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A Sacred Tribute to Your Ancestors

मातृ नवमी श्राद्ध विशेष अनुष्ठान

Sun 04 October 2026
Ganga Ghat, Har ki Pauri, Haridwar
4.8(648 Reviews)

10,000+ Devotees have participated in Pujas

Benefits

  • मातृ ऋण से राहत मिलती है।
  • सुख, शांति और समृद्धि का आशीर्वाद मिलता है।
  •  तनाव दूर होता है और प्यार बढ़ता है।
  • पितृ दोष के नकारात्मक प्रभावों से मुक्ति मिलती है। 
  • कुल की वृद्धि होती है।

Description

पितृ पक्ष में नवमी तिथि के भावुक अवसर पर माय ज्योतिष द्वारा हरिद्वार धाम में गंगा तट पर मातृ नवमी श्राद्ध विशेष अनुष्ठान का दिव्य आयोजन किया जा रहा है। शास्त्रों के अनुसार, मातृ नवमी की तिथि दिवंगत माता, दादी, नानी, सास और मातृ पक्ष की समस्त पूर्वज महिलाओं (पितरों) को समर्पित होती है। इस दिन किया गया श्राद्ध और तर्पण मातृ ऋण से मुक्ति दिलाने वाला और परिवार में सुख-शांति लाने वाला माना गया है।

 

क्या है मातृ नवमी श्राद्ध अनुष्ठान?

 

  • 'मातृ नवमी श्राद्ध अनुष्ठान' पावन हरिद्वार में गंगा नदी के तट पर आयोजित होने वाली एक बेहद पवित्र पूजन प्रक्रिया है। हिंदू परंपरा में मातृ पक्ष के पूर्वजों का स्थान सर्वोपरि है। इससे महिला पूर्वजों की आत्माओं को शांति मिलती है।

 

अनुष्ठान में शामिल प्रमुख पूजन विवरण

 

  • पूर्वज महिलाओं के नाम-गोत्र का उच्चारण कर संकल्प।
  • मां गंगा की विशेष आराधना।
  • कुश, काले तिल और गंगाजल से तर्पण।
  • विधि-विधान से निर्मित पिंड अर्पित करना।
  • अन्न, फल और दान अर्पण।
  • वैदिक मंत्रों का जाप।
  • शाम के समय मातृ शक्तियों के लिए भव्य दीपदान।
  • परिवार में सुख, शांति बनी रहने की प्रार्थना।

 

किन लोगों को यह अनुष्ठान विशेष रूप से करवाना चाहिए?

 

  • जो अपनी दिवंगत माता के निमित्त तर्पण करवाना चाहते हैं।
  • जो पितरों की आत्मा की शांति की कामना करते हैं।
  • जिनकी माता का निधन किसी भी माह की नवमी तिथि को हुआ हो।
  • जो परिवार की सुख-समृद्धि की मंगलकामना करते हैं।

 

 

हमारी सेवाएं 

 

  • हरिद्वार के घाट में युगान्तरित पंडित जी द्वारा मंत्रोच्चारण के साथ आपके नाम और गोत्र से श्राद्ध पूजा संपन्न की जाएगी। 
  • पूजन में उपयोग की जाने वाली सारी सामाग्री पंडित जी की तरफ से दी जाएगी, साथ ही पूर्ण विधि - विधान से पूजन संपन्न किया जाएगा।
  • पूजा संपन्न होने के पश्चात रिकार्डेड वीडियो और फोटो भेजे जाएंगे।

 

 

Temple Details

Temple

हरिद्वार, दो शब्दों से मिलकर बना है, हर + द्वार, यहां पर हर का अर्थ है श्री हरि विष्णु जी। मान्यताओं के अनुसार कहा जाता है कि हर की पौड़ी में भगवान विष्णु जी का पैर पड़ा था, इसलिए इसे हर की पौड़ी कहा जाता है। इसके अलावा हरिद्वार उन 4 पवित्र तीर्थों में से एक है, जहां अमृत की एक बूंद गिरी थी। हरिद्वार वह स्थल भी     है जहां से पवित्र गंगा मां का प्रवाह होता है। यही सब खूबियां इस तीर्थ को और पवित्र बनाते हैं

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ऑनलाइन पूजा को लेकर शुरुआत में मुझे थोड़ी शंका थी, लेकिन MyJyotish के साथ मेरा अनुभव बहुत सकारात्मक रहा। पूजा पूरी श्रद्धा और विधि-विधान के साथ संपन्न हुई और मैं पूरे समय उससे जुड़ा हुआ महसूस करता रहा।

MyJyotish ऑनलाइन पूजा बुक करने के लिए एक बेहतरीन प्लेटफ़ॉर्म है। मैंने घर बैठे ही पूजा में भाग लिया और पूरे अनुष्ठान के दौरान स्वयं को आध्यात्मिक रूप से जुड़ा हुआ महसूस किया। यह अनुभव बहुत सहज, सुविधाजनक और संतोषजनक रहा।

व्यस्त जीवनशैली के कारण मंदिर जाना हमेशा संभव नहीं होता, लेकिन MyJyotish की मदद से मैं घर बैठे ही पूजा में शामिल हो सका। यह अनुभव सुविधाजनक होने के साथ-साथ आध्यात्मिक रूप से भी बहुत संतोषजनक था।

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