- दुर्गा कुंड मंदिर में करें पूजन
वाराणसी में स्थित दुर्गा कुंड का मंदिर अपने आप में ही पूर्ण शक्तियों से भरा है। मान्यता के अनुसार कहा जाता है कि शुंभ निशुंभ का वध करने के बाद माता ने यही विश्राम किया था। कहा जाता है कि नवरात्रि के दौरान माता स्वयं धरती लोक पर आती हैं और सोचिए जरा नवरात्रि के दौरान यदि दुर्गा कुंड मंदिर में पूजा की जाए तो आपके लिए कितनी फलदाई हो सकती है। यहां देवी आदिशक्ति दुर्गा यंत्र रूप में विराजमान हैं, और माना जाता है कि उनकी उपासना से हर प्रकार की बाधा और संकट दूर हो जाते हैं।
नवरात्रि का पर्व माता के उन 9 दिनों को समर्पित है जब उन्होंने महिषासुर का वध करने के लिए लगातार 9 दिनों तक युद्ध किया था और अंत में महिषासुर का वध किया। दुर्गा सप्तशती पाठ में मां दुर्गा द्वारा महिषासुर, शुंभ-निशुंभ, चंड-मुंड और रक्तबीज जैसे भयानक राक्षसों के वध की कथा का वर्णन मिलता है। इसी क्रम में माय ज्योतिष काशी के दुर्गाकुंड मंदिर में दुर्गा सप्तसती पाठ का आयोजन करवा रहा है
हमारी सेवाएं :
- मंदिर के प्रांगण में युगान्तरित पंडित जी द्वारा मंत्रोच्चारण के साथ आपके नाम और गोत्र से नवरात्रि की दुर्गाष्टमी के दिन पूजा संपन्न की जाएगी।
- पूजन में उपयोग की जाने वाली सारी सामाग्री पंडित जी की तरफ से दी जाएगी, साथ ही पूर्ण विधि - विधान से पूजन संपन्न किया जाएगा।
- पूजा संपन्न होने के पश्चात रिकार्डेड वीडियो और फोटो भेजे जाएंगे
प्रसाद:
- लाल कपड़ा
- पंचमेवा
- माता की मौली