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पूर्णिमा श्राद्ध पर पितृ शांति एवं तर्पण अनुष्ठान
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Pitru Tripti & Family Prosperity Special Ritual

पूर्णिमा श्राद्ध पर पितृ शांति एवं तर्पण अनुष्ठान

Sat 26 September 2026
Har ki Pauri, Haridwar
4.8(648 Reviews)

10,000+ Devotees have participated in Pujas

Benefits

  • पितरों की आत्मा की शांति 
  • पितरों का आशीर्वाद 
  • पितृ दोष से मुक्ति 
  • परिवार में सुख, शांति 
  • पारिवारिक कलह और तनाव दूर

Description

पूर्णिमा श्राद्ध

 

  • भाद्रपद शुक्ल पूर्णिमा से पितृ पक्ष की शुरुआत मानी जाती है। इस दिन उन पितरों के निमित्त श्राद्ध एवं तर्पण किया जाता है, जिनका निधन पूर्णिमा तिथि को हुआ हो। भाद्रपद शुक्ल पूर्णिमा को पूर्णिमा श्राद्ध कहा जाता है और इस अवसर पर पितरों का स्मरण कर उनके निमित्त जल, तिल, कुश, पिंड, अन्न एवं दान अर्पित किए जाते हैं।

 

पितृ शांति एवं तर्पण अनुष्ठान

 

  • पूर्णिमा श्राद्ध पर माय ज्योतिष द्वारा हरिद्वार के प्रसिद्ध घाट पर पितृ शांति एवं तर्पण अनुष्ठान का आयोजन किया जा रहा है। इस विशेष अनुष्ठान में यजमान के नाम एवं गोत्र से संकल्प लेकर विधि-विधानपूर्वक पितरों का तर्पण, पिंड अर्पण, गंगा पूजन, अन्न एवं दान अर्पण तथा दीपदान कराया जाएगा। कुश, काले तिल और शुद्ध जल से तर्पण के साथ पितरों के निमित्त विशेष वैदिक मंत्रों का जाप किया जाएगा। साथ ही, परिवार के सुख, शांति, समृद्धि, आरोग्य और मंगल की कामना के लिए विशेष संकल्प भी लिया जाएगा। 

 

पूर्णिमा श्राद्ध विशेष
 

  • हरिद्वार गंगा तट पर नाम-गोत्र से पितृ तर्पण, श्राद्ध, पिंड अर्पण एवं दीपदान — पितृ शांति, तृप्ति एवं परिवार के मंगल हेतु विशेष अनुष्ठान। 
  • पूर्णिमा श्राद्ध अनुष्ठान की खास बात यह है कि, यदि किसी कारणवश पितृ शांति पूजा संपन्न नहीं करवा पा रहे हैं, तो आप ऑनलाइन इस पूजा में भाग ले सकते हैं। 

 

हमारी सेवाएं 

 

  • हरिद्वार के घाट में युगान्तरित पंडित जी द्वारा मंत्रोच्चारण के साथ आपके नाम और गोत्र से श्राद्ध पूजा संपन्न की जाएगी। 
  • पूजन में उपयोग की जाने वाली सारी सामाग्री पंडित जी की तरफ से दी जाएगी, साथ ही पूर्ण विधि - विधान से पूजन संपन्न किया जाएगा।
  • पूजा संपन्न होने के पश्चात रिकार्डेड वीडियो और फोटो भेजे जाएंगे।

Temple Details

Temple

हरिद्वार, दो शब्दों से मिलकर बना है, हर + द्वार, यहां पर हर का अर्थ है श्री हरि विष्णु जी। मान्यताओं के अनुसार कहा जाता है कि हर की पौड़ी में भगवान विष्णु जी का पैर पड़ा था, इसलिए इसे हर की पौड़ी कहा जाता है। इसके अलावा हरिद्वार उन 4 पवित्र तीर्थों में से एक है, जहां अमृत की एक बूंद गिरी थी। हरिद्वार वह स्थल भी     है जहां से पवित्र गंगा मां का प्रवाह होता है। यही सब खूबियां इस तीर्थ को और पवित्र बनाते हैं

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व्यस्त जीवनशैली के कारण मंदिर जाना हमेशा संभव नहीं होता, लेकिन MyJyotish की मदद से मैं घर बैठे ही पूजा में शामिल हो सका। यह अनुभव सुविधाजनक होने के साथ-साथ आध्यात्मिक रूप से भी बहुत संतोषजनक था।

ऑनलाइन पूजा को लेकर शुरुआत में मुझे थोड़ी शंका थी, लेकिन MyJyotish के साथ मेरा अनुभव बहुत सकारात्मक रहा। पूजा पूरी श्रद्धा और विधि-विधान के साथ संपन्न हुई और मैं पूरे समय उससे जुड़ा हुआ महसूस करता रहा।

MyJyotish ऑनलाइन पूजा बुक करने के लिए एक बेहतरीन प्लेटफ़ॉर्म है। मैंने घर बैठे ही पूजा में भाग लिया और पूरे अनुष्ठान के दौरान स्वयं को आध्यात्मिक रूप से जुड़ा हुआ महसूस किया। यह अनुभव बहुत सहज, सुविधाजनक और संतोषजनक रहा।

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