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राहु ग्रह शांति पूजा
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राहु ग्रह शांति पूजा

Sat 25 July 2026
Navgrah Shani Mandir,Ujjain Madhya Pradesh
Prasad Box
2100901(57% OFF)

Booking Closes in:

10Day
11H
46M
35S

Benefits

 

  • राहु की सकारात्मक शक्ति प्राप्त होती है।
  • यह पूजा अच्छे समृद्ध जीवन के लिए भी की जाती हैं।
  • व्यवसाय में विकास होता हैं।
  • चिड़चिड़ा पन और क्रोध कम होता है।
  • लोकप्रियता में वृद्धि होती हैं।

Description

;राहु को छाया ग्रह भी कहा जाता हैं और इसे रोगकारक ग्रह भी माना जाता हैं। अगर कोई व्यक्ति मानसिक, आर्थिक,शारारिक परेशानियों से गुज़र रहा हो तो इसका एक कारण राहु ग्रह का दुष्प्रभाव भी हो सकता हैं। छाया ग्रह के रूप में जाना जाने वाला राहु हानि, अवांछित परिवर्तन / स्थानांतरण, टकराव, अनिश्चितता, भविष्य के डर का प्रतीक है। राहु यदि दुर्बल हो तो यह चिंता का स्रोत हो सकता हैं।

राहु शांति पूजा करने से जातक को जीवन से भय, भ्रम, और नकारात्मक ऊर्जा दूर होती है, जिससे मानसिक शांति मिलती है, उत्तम स्वास्थ्य बनता है, और अचानक आने वाली परेशानियों से मुक्ति मिलती है। यह पूजा घर-परिवार में सुख-शांति लाती है, आर्थिक प्रगति में मदद करती है, और करियर में सफलता दिलाती है। राहु के प्रकोप से बचने के लिए राहु ग्रह शांति पूजा है सबसे सटीक उपाय। अब घर बैठकर करवाएं राहु ग्रह शांति पूजा और इस आसान, सस्ती और सुलभ सेवा का उठाएं लाभ!

 

हमारी सेवाएं :-

  • मंदिर के प्रांगण में युगान्तरित पंडित जी द्वारा मंत्रोच्चारण के साथ आपके नाम और गोत्र से पूजा संपन्न की जाएगी। 
  • पूजन में उपयोग की जाने वाली सारी सामाग्री पंडित जी की तरफ से दी जाएगी, साथ ही पूर्ण विधि - विधान से पूजन संपन्न किया जाएगा।
  • पूजा संपन्न होने के पश्चात रिकार्डेड वीडियो और फोटो भेजे जाएंगे।

 

प्रसाद :-

  • पंचमेवा
  • ग्रह राहु से संबंधित दान वस्तुओं से युक्त एक छोटा पैकेट भिजवाया जाएगा उसी को सूर्यास्त से पहले किसी भी रविवार को बहते पानी में विसर्जित कर देना चाहिए।

Temple Details

Temple

नवग्रहों की तपस्थली
स्कंद पुराण के अनुसार नवग्रहों ने भी इस पावन स्थल पर आकर शिवलिंग स्थापित किए और तपस्या कर भगवान शिव से वरदान प्राप्त किए। उनके द्वारा स्थापित लिंगों के नाम हैं- नरादित्य, सोमेश्वर, मंगलेश्वर, बुधेश्वर, बृहस्पतीश्वर, शुक्रेश्वर, स्थावरेश्वर, मुनीश्वर, राहु-केतुऐश्वर।....

जहां क्षिप्रा, क्षाता, और गुप्त सरस्वती नदियाँ मिलती हैं, उसे त्रिवेणी संगम कहते हैं। यह स्थान मोक्ष प्रदायक माना गया है। यहां स्नान, दान और स्थावरेश्वर महादेव के दर्शन से समस्त पापों का नाश होता है और शनि पीड़ा का शमन होता है। इसी कारण यह स्थान नवग्रह त्रिवेणी शनि मंदिर के रूप में प्रसिद्ध हुआ। 
उज्जैन के त्रिवेणी संगम पर ही राजा विक्रमादित्य ने भगवान शनिदेव और नवग्रहों की प्राण प्रतिष्ठा करवाई और एक भव्य मंदिर का निर्माण करवाया। आज भी यह स्थान भक्तों के लिए आस्था और शांति का केंद्र बना हुआ है। यहां शनि देव के साथ दाईं ओर श्री गणेश जी, बाईं ओर ढैय्या शनि, पीछे श्री बालाजी हनुमान विराजमान हैं।

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Reviews

व्यस्त जीवनशैली के कारण मंदिर जाना हमेशा संभव नहीं होता, लेकिन MyJyotish की मदद से मैं घर बैठे ही पूजा में शामिल हो सका। यह अनुभव सुविधाजनक होने के साथ-साथ आध्यात्मिक रूप से भी बहुत संतोषजनक था।

ऑनलाइन पूजा को लेकर शुरुआत में मुझे थोड़ी शंका थी, लेकिन MyJyotish के साथ मेरा अनुभव बहुत सकारात्मक रहा। पूजा पूरी श्रद्धा और विधि-विधान के साथ संपन्न हुई और मैं पूरे समय उससे जुड़ा हुआ महसूस करता रहा।

MyJyotish ऑनलाइन पूजा बुक करने के लिए एक बेहतरीन प्लेटफ़ॉर्म है। मैंने घर बैठे ही पूजा में भाग लिया और पूरे अनुष्ठान के दौरान स्वयं को आध्यात्मिक रूप से जुड़ा हुआ महसूस किया। यह अनुभव बहुत सहज, सुविधाजनक और संतोषजनक रहा।

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