सावन का महीना भगवान शिव को समर्पित वह पावन महीना है, जब स्वयं देवाधिदेव महादेव अपने भक्तों पर विशेष कृपा बरसाते हैं। इस पावन महीने में किया गया रुद्री पाठ और चार प्रहर रात्रि महाभिषेक शिव कृपा को शीघ्र प्राप्त करने का अत्यंत प्रभावशाली उपाय माना गया है।
रुद्री पाठ
- रुद्री पाठ, जिसमें भगवा शिव के रौद्र एवं करुण दोनों रूपों की उपासना की जाती है। यह पाठ नकारात्मक शक्तियों, ग्रह बाधाओं और जीवन के समस्त कष्टों के शमन के लिए अत्यंत फलदायी माना गया है। इसके प्रभाव से सभी ग्रह दोष शांत होते हैं, अकाल मृत्यु, रोग और भय से रक्षा होती है। जीवन में सुख, शांति और स्थिरता आती है, इसके साथ ही शिव की विशेष कृपा प्राप्त होती है।
चार प्रहर रात्रि महाभिषेक
- हिन्दू पंचांग गणना के अनुसार दिन और रात को 4-4 प्रहर में विभाजित किया गया है। रात्रि के प्रहर में भगवान शिव की पूजा अर्चना करना लाभकारी होता है। इसी को देखते हुए माय ज्योतिष द्वारा सावन 2026 के प्रत्येक सोमवार पर, काशी के गभस्तीश्वर महादेव मंदिर में 4 प्रहर रात्रि पूजा और रुद्री पाठ का आयोजन किया जा रहा है, जहां पर आप घर बैठे पूजा में भाग ले सकते हैं।
“काशी के प्राचीन गभस्तीश्वर महादेव मंदिर में सावन सोमवार की रात्रि में संपन्न होने वाला रुद्री पाठ एवं चार प्रहर महाभिषेक अत्यंत दुर्लभ और शक्तिशाली शिव अनुष्ठान माना जाता है, जो ग्रह बाधाओं को शांत कर जीवन में सुख, समृद्धि, आरोग्य और दिव्य शिव कृपा का मार्ग प्रशस्त करता है।”
हमारी सेवाएं
- काशी तीर्थ क्षेत्र में युगान्तरित पंडित जी द्वारा मंत्रोच्चारण के साथ आपके नाम और गोत्र से रुद्री पाठ एवं चार प्रहर रात्रि महाभिषेक कराया जाएगा।
- पूजन में उपयोग की जाने वाली सारी सामाग्री पंडित जी की तरफ से दी जाएगी, साथ ही पूर्ण विधि - विधान से पूजन संपन्न किया जाएगा।
- पूजा संपन्न होने के पश्चात रिकार्डेड वीडियो और फोटो भेजे जाएंगे।
प्रसाद
- रुद्राक्ष
- सूखा भोग
- बाबा का भस्म
- काला धागा ( हाथ में बांधने हेतु )