पितृ पक्ष की अंतिम व सबसे महत्वपूर्ण तिथि सर्वपितृ अमावस्या के दिन माय ज्योतिष द्वारा मोक्षदायिनी पावन हरिद्वार में गंगा तट पर पितृ शांति एवं तर्पण महाअनुष्ठान का दिव्य आयोजन किया जा रहा है। यह महाअनुष्ठान हमारे दिवंगत पूर्वजों के प्रति श्रद्धा व्यक्त करने, उनकी आत्मा की तृप्ति, शांति और पितृ दोष से मुक्ति पाने का एक अत्यंत महत्वपूर्ण और फलदायी अनुष्ठान है।
क्या है पितृ शांति और तर्पण महाअनुष्ठान
- पितृ शांति एवं तर्पण महाअनुष्ठान' हरिद्वार में गंगा जी के पावन तट पर आयोजित होने वाली एक वैदिक पूजन प्रक्रिया है। हिंदू धर्मग्रंथों में पावन गंगा के तट पर किया गया श्राद्ध और तर्पण सबसे उत्तम माना गया है। जिन पितरों की श्राद्ध तिथि याद न हो या किसी वजह से पितृ पक्ष की तिथियों में श्राद्ध न हो पाया हो, उनके निमित्त सर्वपितृ अमावस्या पर यह अनुष्ठान कराया जाता है।
पितृ शांति एवं तर्पण महाअनुष्ठान विवरण
- मोक्षदायिनी गंगा माता की आराधना एवं पूजन।
- नाम व गोत्र का उच्चारण कर विशेष संकल्प।
- कुश, काले तिल और जल की शास्त्रीय प्रक्रिया।
- चावल/जौ के आटे से बने पिंड अर्पित।
- विशेष वैदिक मंत्रों का जाप।
- संध्या समय पितरों के लिए दीपदान।
- अन्न, वस्त्र व ब्राह्मणों को दान अर्पण।
किन लोगों को यह अनुष्ठान कराना चाहिए?
- पूर्वजों के प्रति श्रद्धा प्रकट करने करने के लिए।
- घर में अक्सर बीमारियां, कलह या धन हानि बनी रहती हो।
- पूर्वजों की मृत्यु की सही तिथि पता न हो।
- पितृ पक्ष के दौरान किसी वजह से श्राद्ध न कर पाए हों।
सर्वपितृ अमावस्या
- सर्वपितृ अमावस्या पर पितरों को श्रद्धापूर्वक तर्पण अर्पित कर उनकी शांति, तृप्ति एवं पैतृक आशीर्वाद की कामना करें। जिन पितरों की श्राद्ध तिथि याद न हो या किसी वजह से पितृ पक्ष की तिथियों में श्राद्ध न हो पाया हो, उनके निमित्त सर्वपितृ अमावस्या पर यह अनुष्ठान कराया जाता है।
हमारी सेवाएं
- हरिद्वार के घाट में युगान्तरित पंडित जी द्वारा मंत्रोच्चारण के साथ आपके नाम और गोत्र से श्राद्ध पूजा संपन्न की जाएगी।
- पूजन में उपयोग की जाने वाली सारी सामाग्री पंडित जी की तरफ से दी जाएगी, साथ ही पूर्ण विधि - विधान से पूजन संपन्न किया जाएगा।
- पूजा संपन्न होने के पश्चात रिकार्डेड वीडियो और फोटो भेजे जाएंगे।