सावन सोमवार
- सावन के पावन सोमवार के अवसर पर काशी के प्राचीन गौरी केदारेश्वर महादेव मंदिर में पंचामृत अभिषेक एवं महारुद्राभिषेक का आयोजन किया जा रहा है। मान्यता है कि इस विशेष पूजा से भगवान शिव और माता पार्वती की कृपा प्राप्त होती है, जिससे जीवन में सुख, समृद्धि, उत्तम स्वास्थ्य, दीर्घायु तथा शीघ्र विवाह के योग प्रबल होते हैं।
पंचामृत अभिषेक
- पंचामृत अभिषेक में दूध, दही, घी, शहद और शक्कर से भगवान शिव का अभिषेक किया जाता है। ये पंचतत्व जीवन में सुख - समृद्धि लेकर आते हैं। कहा जाता है कि पंचामृत से शिवलिंग का अभिषेक करने से भगवान शिव प्रसन्न होते हैं और भक्त के जीवन से नकारात्मकता दूर होती है। विशेष रूप से सावन सोमवार के दिन इसका फल कई गुना अधिक माना गया है।
महारुद्राभिषेक
- महारुद्राभिषेक भगवान शिव की सबसे प्रभावशाली वैदिक पूजाओं में से एक माना जाता है। इसमें रुद्रसूक्त एवं वैदिक मंत्रों के साथ भगवान शिव का अभिषेक किया जाता है। शास्त्रों के अनुसार महारुद्राभिषेक से ग्रह दोष शांत होते हैं, अकाल मृत्यु का भय दूर होता है, रोग-बाधाओं से रक्षा मिलती है और जीवन में आने वाली बड़ी बाधाएँ समाप्त होने लगती हैं।
“सावन में गौरी केदारेश्वर महादेव मंदिर में किया जाने वाला पंचामृत अभिषेक एवं महारुद्राभिषेक शिव और माता गौरी की संयुक्त कृपा प्राप्त करने वाला अत्यंत प्रभावशाली अनुष्ठान माना जाता है, जो विवाह में देरी, बाधाओं और ग्रह पीड़ा को शांत कर शीघ्र शुभ विवाह, योग्य जीवनसाथी और सुखी दांपत्य जीवन का मार्ग प्रशस्त करता है।”
हमारी सेवाएं
- गौरी केदारेश्वर महादेव मंदिर में युगान्तरित पंडित जी द्वारा मंत्रोच्चारण के साथ आपके नाम और गोत्र से पूजा संपन्न की जाएगी।
- पूजन में उपयोग की जाने वाली सारी सामाग्री पंडित जी की तरफ से दी जाएगी, साथ ही पूर्ण विधि - विधान से पूजन संपन्न किया जाएगा।
- पूजा संपन्न होने के पश्चात रिकार्डेड वीडियो और फोटो भेजे जाएंगे।
प्रसाद
- रुद्राक्ष
- सूखा भोग
- बाबा का भस्म
- काला धागा ( हाथ में बांधने हेतु )