क्या है दशमहाविद्या विशेष अनुष्ठान?
- शारदीय नवरात्रि एक बेहद पवित्र पर्व है, जिसमें मां दुर्गा के नौ रूपों की पूजा की जाती है। इस पावन अवसर पर माय ज्योतिष द्वारा हरिद्वार के प्रसिद्ध मां बगलामुखी मंदिर में अष्टमी और नवमी के दिन दशमहाविद्या विशेष चढ़ावा का आयोजन किया जा रहा है। इस विशेष अनुष्ठान में आदि शक्ति मां के सभी 10 महाविद्या रूपों की विधि-विधान से पूजा की जाएगी।
शारदीय नवरात्रि में 'दशमहाविद्या' की पूजा का महत्व
- दशमहाविद्या, मां आदि शक्ति के दस दिव्य और बेहद शक्तिशाली रूप हैं, जो ज्ञान, शक्ति, रक्षा, समृद्धि और अध्यात्म के प्रतीक माने जाते हैं। नवरात्रि में इन दस महाविद्या रूपों की पूजा, मंत्र जाप, हवन और विशेष चढ़ावा चढ़ाने से मां की असीम कृपा प्राप्त होती है। इस अनुष्ठान के दौरान अष्टमी और नवमी के दिन मां के 10 रूपों को विशेष चढ़ावा अर्पित किया जाएगा। ऐसा करने से घर-परिवार में सुख-समृद्धि, खुशहाली, कार्यों में सफलता और आध्यात्मिक उन्नति का आशीर्वाद मिलता है।
मां दशमहाविद्या के 10 दिव्य रूप
इस पूजा में मां के इन सभी दस रूपों का स्मरण और पूजन किया जाता है:
- मां काली
- मां तारा
- मां त्रिपुरसुंदरी (षोडशी)
- मां भुवनेश्वरी
- मां भैरवी
- मां छिन्नमस्ता
- मां धूमावती
- मां बगलामुखी
- मां मातंगी
- मां कमला
चढ़ावे में अर्पित की जाने वाली जरूरी सामग्रियां
- लाल चुनरी
- शृंगार का सामान
- कमल का फूल और लाल पुष्प
- नारियल
- मौसमी फल
- पंचमेवा
- मिठाइयां
- धूप, दीपक और शुद्ध घी
- कुमकुम और चंदन
- विशेष भोग/चढ़ावा
हमारी सेवाएं
- मंदिर के प्रांगण में युगान्तरित पंडित जी द्वारा मंत्रोच्चारण के साथ आपके नाम और गोत्र से नवरात्रि पूजा संपन्न की जाएगी।
- पूजन में उपयोग की जाने वाली सारी सामाग्री पंडित जी की तरफ से दी जाएगी, साथ ही पूर्ण विधि - विधान से पूजन संपन्न किया जाएगा।
- पूजा संपन्न होने के पश्चात रिकार्डेड वीडियो और फोटो भेजे जाएंगे।