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सन्यासियों का श्राद्ध विशेष अनुष्ठान -  द्वादशी श्राद्ध
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A sacred occasion for the peace and contentment of ancestors.

सन्यासियों का श्राद्ध विशेष अनुष्ठान - द्वादशी श्राद्ध

Wed 07 October 2026
Ganga Ghat, Har ki Pauri, Haridwar
2100951(55% OFF)

Booking Closes in:

27Day
22H
51M
20S

Benefits

  • संतों की आत्मा को मोक्ष की प्राप्ति होती है।
  • पितृ दोष के नकारात्मक प्रभावों से मुक्ति मिलती है।
  • कामों में आ रही बाधाएं दूर होती हैं।

Description

पितृ पक्ष की द्वादशी तिथि के दिन माय ज्योतिष द्वारा मोक्षदायिनी हरिद्वार धाम में गंगा तट पर सन्यासियों का श्राद्ध विशेष अनुष्ठान का आयोजन किया जा रहा है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, द्वादशी तिथि का श्राद्ध विशेष रूप से उन दिवंगत आत्माओं, संतों और परिजनों को समर्पित होता है, जिन्होंने अपने जीवन में सन्यास लिया था या जो सन्यासी रूप में ब्रह्मलीन हुए।

 

क्या है द्वादशी सन्यासी श्राद्ध अनुष्ठान?

 

  • सन्यासियों का श्राद्ध विशेष अनुष्ठान पावन हरिद्वार में गंगा नदी के तट पर आयोजित होने वाली एक अत्यंत पवित्र वैदिक पूजन प्रक्रिया है। सन्यास ग्रहण कर चुकी आत्माओं का सामान्य गृहस्थ नियमों से अलग विशेष विधान के साथ पूजन किया जाता है। 

 

अनुष्ठान में शामिल प्रमुख पूजन विवरण

 

  • सन्यासी पितरों के नाम व गोत्र का उच्चारण कर संकल्प।
  • मां गंगा की विशेष आराधना।
  • कुश, काले तिल और गंगाजल से तर्पण।
  • पिंड अर्पित कर पूजा-अर्चना।
  • अन्न, फल और दान का अर्पण।
  • परम शांति के लिए वैदिक मंत्रों का जाप।
  • शाम के समय दीपदान।
  • सुख -शांति के लिए विशेष प्रार्थना।

 

किन लोगों को यह अनुष्ठान करवाना चाहिए?

 

  • जिनके किसी पूर्वज ने जीवन में सन्यास लिया था।
  • जो श्रद्धा और कृतज्ञता व्यक्त करना चाहते हैं।
  • जो पितृ दोष निवारण शांति की कामना करते हैं।
  • जो समृद्धि और सुरक्षा का आशीर्वाद चाहते हैं।

 

द्वादशी – सन्यासियों का श्राद्ध
हरिद्वार गंगा तट पर दिवंगत सन्यासियों एवं पितरों के निमित्त विशेष श्राद्ध, तर्पण, पिंड अर्पण एवं दीपदान — शांति, तृप्ति एवं परिवार के मंगल हेतु।

 

हमारी सेवाएं 

 

  • हरिद्वार के घाट में युगान्तरित पंडित जी द्वारा मंत्रोच्चारण के साथ आपके नाम और गोत्र से श्राद्ध पूजा संपन्न की जाएगी। 
  • पूजन में उपयोग की जाने वाली सारी सामाग्री पंडित जी की तरफ से दी जाएगी, साथ ही पूर्ण विधि - विधान से पूजन संपन्न किया जाएगा।
  • पूजा संपन्न होने के पश्चात रिकार्डेड वीडियो और फोटो भेजे जाएंगे।

Temple Details

Temple

हरिद्वार, दो शब्दों से मिलकर बना है, हर + द्वार, यहां पर हर का अर्थ है श्री हरि विष्णु जी। मान्यताओं के अनुसार कहा जाता है कि हर की पौड़ी में भगवान विष्णु जी का पैर पड़ा था, इसलिए इसे हर की पौड़ी कहा जाता है। इसके अलावा हरिद्वार उन 4 पवित्र तीर्थों में से एक है, जहां अमृत की एक बूंद गिरी थी। हरिद्वार वह स्थल भी     है जहां से पवित्र गंगा मां का प्रवाह होता है। यही सब खूबियां इस तीर्थ को और पवित्र बनाते हैं

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MyJyotish ऑनलाइन पूजा बुक करने के लिए एक बेहतरीन प्लेटफ़ॉर्म है। मैंने घर बैठे ही पूजा में भाग लिया और पूरे अनुष्ठान के दौरान स्वयं को आध्यात्मिक रूप से जुड़ा हुआ महसूस किया। यह अनुभव बहुत सहज, सुविधाजनक और संतोषजनक रहा।

ऑनलाइन पूजा को लेकर शुरुआत में मुझे थोड़ी शंका थी, लेकिन MyJyotish के साथ मेरा अनुभव बहुत सकारात्मक रहा। पूजा पूरी श्रद्धा और विधि-विधान के साथ संपन्न हुई और मैं पूरे समय उससे जुड़ा हुआ महसूस करता रहा।

व्यस्त जीवनशैली के कारण मंदिर जाना हमेशा संभव नहीं होता, लेकिन MyJyotish की मदद से मैं घर बैठे ही पूजा में शामिल हो सका। यह अनुभव सुविधाजनक होने के साथ-साथ आध्यात्मिक रूप से भी बहुत संतोषजनक था।

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