Logo

Nirjala Ekadashi 2026: 24 या 25, कब है साल की सबसे बड़ी एकादशी, जानें मुहूर्त, तिथि और पौराणिक कथा

शालू मिश्राशालू मिश्राUpdated 10 Jun 2026 05:10 PM IST
Nirjala Ekadashi 2026: 24 या 25, कब है साल की सबसे बड़ी एकादशी, जानें मुहूर्त, तिथि और पौराणिक कथा

Special Things

Nirjala Ekadashi 2026: निर्जला एकादशी का व्रत इस साल 25 जून को रखा जाएगा। निर्जला एकादशी के व्रत को सभी एकादशी व्रत में श्रेष्ठ माना गया है, ऐसे में जान लेते हैं कि निर्जला एकादशी के दिन कौन से मुहूर्त बनेंगे, क्या महत्व है और इस पावन व्रत के पीछे की पौराणिक कथा क्या है।

Nirjala Ekadashi 2026: सनातन धर्म में निर्जला एकादशी को 24 एकादशियों में सर्वश्रेष्ठ माना गया है। इसके पीछे का कारण है कि इस दिन बिना जल को ग्रहण किए उपवास रखा जाता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, जो व्यक्ति निर्जला एकादशी का व्रत करता है, उसे सभी एकादशी के शुभ फलों की प्राप्ति होती है। शास्त्रों में बताया गया है कि निर्जला एकादशी पर श्रीहरि और माता लक्ष्मी की विधिवत पूजा की जाती है, ऐसा करने से जीवन के समस्त समस्याओं का नाश होता है। 

सभी एकादशी व्रतों में श्रेष्ठ है निर्जला एकादशी 


स्कंद पुराण में चौबीसों एकादशी का वर्णन देखने को मिलता है जिसमें से एक है निर्जला एकादशी। ज्येष्ठ महीना साल भर का सबसे गर्म समय होता है जिसमें बिना जल के रह पाना अत्यंत मुश्किल होता है किंतु ये व्रत इसी कठिनाई और तप को दर्शाता है। बताया जाता है कि जो व्यक्ति निर्जला एकादशी का व्रत करता है, उसे साल की सभी एकादशी व्रत का शुभ फल प्राप्त हो जाता है। सभी एकादशियों में इसे सर्वश्रेष्ठ माने जाने का कारण ये भी है कि सही विधि और विधान से व्रत करने पर व्यक्ति के पुराने जन्म के पाप भी नष्ट हो जाते हैं। 

कब है निर्जला एकादशी का व्रत?


वृषभ संक्रांति और मिथुन संक्रांति के मध्य में आने वाली एकादशी को निर्जला एकादशी कहते हैं। निर्जला दो शब्दों से मिलकर ‘निर्’ अर्थात वर्जित और ‘जल’ यानी कि पानी, इसका अर्थ है बिना जल के सेवन के उपवास करना। पंचांग मुताबिक, ज्येष्ठ मास शुक्ल पक्ष में आने वाली एकादशी को निर्जला एकादशी कहते हैं। इस साल निर्जला एकादशी तिथि 24 जून की शाम 6 बजकर 12 मिनट पर प्रारंभ होगी और इसका समापन 25 जून की रात्रि 8 बजकर 9 मिनट पर होगा। उदया तिथि के अनुसार, 25 जून को निर्जला एकादशी का व्रत रखा जाएगा और 26 जून को व्रत का पारण किया जाएगा। पारण का समय 26 जून की सुबह 5 बजकर 47 मिनट से लेकर 8 बजकर 22 मिनट तक रहने वाला है। इस दिन कई शुभ मुहूर्त बनेंगे जिसमें भगवान विष्णु का पूजन करना अत्यंत शुभ और लाभकारी माना जाता है। 


निर्जला एकादशी पौराणिक कथा 


निर्जला एकादशी को भीमसेनी एकादशी के नाम से भी जाना जाता है क्योंकि ये कहीं ना कहीं महाभारत काल में पांडवों से भी संबंधित है। पांडवों में भीमसेन अत्यंत बलशाली थे लेकिन उन्हें भोजन बहुत प्रिय था। जब युधिष्ठिर, अर्जुन, नकुल, सहदेव और माता कुंती सभी एकादशी का व्रत रखते थे तब भीमसेन के मन में अक्सर ये ख्याल आता कि वह भी व्रत रखें किंतु उनकी भूख के कारण वह व्रत नहीं कर पाते थे।

एक दिन भीमसेन चिंतिति होकर महर्षि वेदव्यास के पास गए और उनसे कहा कि गुरुदेव, मुझसे भूखा नहीं रहा जाता। मेरे उदर में ‘वृक’ नाम की एक अग्नि जलती रहती है जिसे शांत करने के लिए मुझे भरपूर भोजन चाहिए। मैं सभी एकादशियों का व्रत करने में असमर्थ हूँ लेकिन धर्म का पालन भी करना चाहता हूँ। मेरे परिवार में हर सदस्य 24 एकादशी का व्रत करते हैं किंतु मैं ही ऐसा हूं जो व्रत करने के सहाय नहीं हूं, ऐसा रहा तो मैं कभी भगवान विष्णु की कृपा से वंचित रह जाऊंगा। आप ऐसा कोई उपाय बताइए जिससे मुझे सभी एकादशियों का फल प्राप्त हो जाए।

तब महर्षि वेदव्यास ने कहा कि हे भीमसेन, यदि तुम वर्ष भर की सभी एकादशियों का फल प्राप्त करना चाहते हो तो ज्येष्ठ मास के शुक्ल पक्ष की एकादशी का कठोर व्रत करो। इस दिन बिना अन्न और जल के भगवान विष्णु का स्मरण करना होगा। यह एक व्रत सभी एकादशियों के समान फल देने वाला है। पूरे दिम ना अन्न ना अन्न का सेवन करना और ना ही जल का। इसी के साथ दिन भर तुम्हें भगवान विष्णु के महामंत्र ‘ऊँ नमो भगवते वासुदेवाय नम:’ मंत्र का जाप करते रहना होगा। 
वेदव्यास की बात सुनकर भीमसेन ने इस व्रत को करने का ठाना और ज्येष्ठ शुक्ल एकादशी आने पर श्रद्धा से उस व्रत को स्वीकार किया। तभी से यह एकादशी भीमसेनी एकादशी के नाम से प्रसिद्ध हुई। 

Related Puja

गुरु पूर्णिमा स्पेशल पूजा- ज्ञान एवं भाग्योदय महाअनुष्ठान
To enhance knowledge, leadership, and decision-making abilities

गुरु पूर्णिमा स्पेशल पूजा- ज्ञान एवं भाग्योदय महाअनुष्ठान

Wed 29 July 2026
Guru Brihaspati Dev Temple, Kashi
305 devotees have booked this puja
Book Puja
गुरु पूर्णिमा स्पेशल पूजा- ज्ञान एवं भाग्योदय महाअनुष्ठान
To enhance knowledge, leadership, and decision-making abilities

गुरु पूर्णिमा स्पेशल पूजा- ज्ञान एवं भाग्योदय महाअनुष्ठान

Wed 29 July 2026
Guru Brihaspati Dev Temple, Kashi
305 devotees have booked this puja
Book Puja

Talk to Astrologer

View all

Connect with India's best astrologers

संस्कार जी

संस्कार जी

28/min₹5/min
एस्ट्रो प्रमोद  कुमार

एस्ट्रो प्रमोद कुमार

35/min₹5/min
सौरभ कृष्णा शास्त्री

सौरभ कृष्णा शास्त्री

22/min₹5/min
बालकेश

बालकेश

28/min₹5/min
बृजेश कुमार

बृजेश कुमार

22/min₹5/min
View all
गुरु पूर्णिमा स्पेशल पूजा- ज्ञान एवं भाग्योदय महाअनुष्ठान
To enhance knowledge, leadership, and decision-making abilities

गुरु पूर्णिमा स्पेशल पूजा- ज्ञान एवं भाग्योदय महाअनुष्ठान

Wed 29 July 2026
Guru Brihaspati Dev Temple, Kashi
305 devotees have booked this puja
Book Puja
आरोग्य एवं दीर्घायु के लिए 11,000 महामृत्युंजय मंत्र जाप
To receive Lord Shiva's blessings for a healthy, prosperous, and spiritually enriched life.

आरोग्य एवं दीर्घायु के लिए 11,000 महामृत्युंजय मंत्र जाप

Mon 03 August 2026
Mrityunjay Mahadev Temple, Kashi
Prasad Box
380 devotees have booked this puja
Book Puja
जन्मदिन पूजा: सुख - समृद्धि और सफल जीवन के लिए
Perform puja online from the comfort of your home.

जन्मदिन पूजा: सुख - समृद्धि और सफल जीवन के लिए

Mon 03 August 2026
Bagalamukhi Temple, Haridwar
Prasad Box
385 devotees have booked this puja
Book Puja

Reconnect with your Faith

UserUserUser
Trusted by 1 Lakh Devotees
100% Secure