
Amavasya 2026: प्रत्येक माह कृष्ण पक्ष की अंतिम तिथि पर अमावस्या आती है जिस दिन चंद्रदेव की उपासना करने और पितरों के लिए दान-पुण्य करने का विशेष महत्व होता है। ऐसे में जान लेते हैं कि वैशाख माह में अमावस्या कब आने वाली है।
ब्रह्म मुहूर्त 04:25 ए एम से 05:09 ए एम
प्रातः सन्ध्या 04:47 ए एम से 05:53 ए एम
अभिजित मुहूर्त 11:55 ए एम से 12:46 पी एम
विजय मुहूर्त 02:29 पी एम से 03:21 पी एम
गोधूलि मुहूर्त 06:46 पी एम से 07:08 पी एम
सायाह्न सन्ध्या 06:47 पी एम से 07:54 पी एम
अमृत काल 09:50 ए एम से 11:18 ए एम
03:12 ए एम, अप्रैल 18 से 04:39 ए एम, अप्रैल 18
निशिता मुहूर्त 11:58 पी एम से 12:42 ए एम, अप्रैल 18
अमृत सिद्धि योग 05:53 ए एम से 12:02 पी एम
सर्वार्थ सिद्धि योग पूरे दिन
यमराज के लिए दीपक जलाएं
वैशाख अमावस्या के दिन शाम के समय घर की दक्षिण दिशा में सरसों या तिल के तेल का दीपक जलाएं। माना जाता है कि ये दिशा यमराज की होती है। इस दिशा में दीपक को जलाने से पितरों की आत्मा को शांति मिलती है और उनका आशीर्वाद सदा परिवार पर बना रहता है।
पितरों का पिंडदान
अमावस्या पर पितरों के लिए तर्पण और पिंडदान किया जाता है। मान्यता है कि अमावस्या पर पितरों का श्राद्ध करने से उन्हें मुक्ति मिलती है और पितर प्रसन्न होते हैं।
पीपल के पेड़ के नीचे दीपक जलाएं
वैशाख अमावस्या के दिन पीपल के पेड़ की पूजा की जाती है। सांयकाल में पीपल के पेड़ की परिक्रमा करें और सरसों के तेल का दीपक जलाएं। इस उपाय को करने से सभी बाधाओं का नाश होता है और पूर्वजों का आशीर्वाद बना रहता है।
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