Logo

Amavasya 2026: किस दिन है वैशाख अमावस्या? जानें तिथि, मुहूर्त और उपाय

शालू मिश्राशालू मिश्राUpdated 09 Apr 2026 12:56 PM IST
Amavasya 2026: किस दिन है वैशाख अमावस्या? जानें तिथि, मुहूर्त और उपाय

Special Things

Amavasya 2026: इस साल वैशाख माह अमावस्या 17 अप्रैल को मनाई जाएगी। इस लेख में हम आपको बताते हैं कि अमावस्या की तिथि, मुहूर्त और शुभ संयोग, साथ ही साथ पितरों को प्रसन्न करने के सरल उपाय भी हम आपको बताएंगे। 

Amavasya 2026: प्रत्येक माह कृष्ण पक्ष की अंतिम तिथि पर अमावस्या आती है जिस दिन चंद्रदेव की उपासना करने और पितरों के लिए दान-पुण्य करने का विशेष महत्व होता है। ऐसे में जान लेते हैं कि वैशाख माह में अमावस्या कब आने वाली है। 

कब है वैशाख अमावस्या?


इस साल वैशाख माह की अमावस्या तिथि 16 अप्रैल की शाम 8 बजकर 11 मिनट पर प्रारंभ होगी और इसका समापन 17 अप्रैल की शाम 5 बजकर 21 मिनट पर होगा। पंचांग मुताबिक, 17 अप्रैल को वैशाख अमावस्या मनाई जाएगी। चलिए जान लेते हैं कि पूजन और दान पुण्य के लिए इस दिन कौन-कौन से शुभ संयोग बन रहे हैं। 


वैशाख अमावस्या पर बनेंगे कई शुभ संयोग 


ब्रह्म मुहूर्त    04:25 ए एम से 05:09 ए एम    
प्रातः सन्ध्या    04:47 ए एम से 05:53 ए एम
अभिजित मुहूर्त    11:55 ए एम से 12:46 पी एम    
विजय मुहूर्त    02:29 पी एम से 03:21 पी एम
गोधूलि मुहूर्त    06:46 पी एम से 07:08 पी एम    
सायाह्न सन्ध्या    06:47 पी एम से 07:54 पी एम
अमृत काल    09:50 ए एम से 11:18 ए एम    
                    03:12 ए एम, अप्रैल 18 से 04:39 ए एम, अप्रैल 18    
निशिता मुहूर्त    11:58 पी एम से 12:42 ए एम, अप्रैल 18
अमृत सिद्धि योग    05:53 ए एम से 12:02 पी एम
सर्वार्थ सिद्धि योग    पूरे दिन

वैशाख अमावस्या पर करें ये उपाय     

यमराज के लिए दीपक जलाएं

वैशाख अमावस्या के दिन शाम के समय घर की दक्षिण दिशा में सरसों या तिल के तेल का दीपक जलाएं। माना जाता है कि ये दिशा यमराज की होती है। इस दिशा में दीपक को जलाने से पितरों की आत्मा को शांति मिलती है और उनका आशीर्वाद सदा परिवार पर बना रहता है। 

पितरों का पिंडदान 

अमावस्या पर पितरों के लिए तर्पण और पिंडदान किया जाता है। मान्यता है कि अमावस्या पर पितरों का श्राद्ध करने से उन्हें मुक्ति मिलती है और पितर प्रसन्न होते हैं। 

पीपल के पेड़ के नीचे दीपक जलाएं

वैशाख अमावस्या के दिन पीपल के पेड़ की पूजा की जाती है। सांयकाल में पीपल के पेड़ की परिक्रमा करें और सरसों के तेल का दीपक जलाएं। इस उपाय को करने से सभी बाधाओं का नाश होता है और पूर्वजों का आशीर्वाद बना रहता है। 

Related Puja

आरोग्य एवं दीर्घायु के लिए 11,000 महामृत्युंजय मंत्र जाप
To receive Lord Shiva's blessings for a healthy, prosperous, and spiritually enriched life.

आरोग्य एवं दीर्घायु के लिए 11,000 महामृत्युंजय मंत्र जाप

Mon 24 August 2026
Mrityunjay Mahadev Temple, Kashi
Prasad Box
203 devotees have booked this puja
Book Puja
आरोग्य एवं दीर्घायु के लिए 11,000 महामृत्युंजय मंत्र जाप
To receive Lord Shiva's blessings for a healthy, prosperous, and spiritually enriched life.

आरोग्य एवं दीर्घायु के लिए 11,000 महामृत्युंजय मंत्र जाप

Mon 24 August 2026
Mrityunjay Mahadev Temple, Kashi
Prasad Box
203 devotees have booked this puja
Book Puja

Talk to Astrologer

View all

Connect with India's best astrologers

टैरो प्रीति

टैरो प्रीति

20/min₹5/min
एस्ट्रो डॉ. सुशील

एस्ट्रो डॉ. सुशील

40/min₹5/min
अर्जुन शुक्ला

अर्जुन शुक्ला

22/min₹5/min
टैरो प्रिशा

टैरो प्रिशा

32/min₹5/min
एस्ट्रो नमन

एस्ट्रो नमन

22/min₹5/min
View all
आरोग्य एवं दीर्घायु के लिए 11,000 महामृत्युंजय मंत्र जाप
To receive Lord Shiva's blessings for a healthy, prosperous, and spiritually enriched life.

आरोग्य एवं दीर्घायु के लिए 11,000 महामृत्युंजय मंत्र जाप

Mon 24 August 2026
Mrityunjay Mahadev Temple, Kashi
Prasad Box
203 devotees have booked this puja
Book Puja
सावन स्पेशल: शीघ्र विवाह के लिए पंचामृत अभिषेक और महारुद्राभिषेक
For good fortune, attraction, and auspicious marriage opportunities

सावन स्पेशल: शीघ्र विवाह के लिए पंचामृत अभिषेक और महारुद्राभिषेक

Mon 24 August 2026
Gauri Kedareshwar Mahadev Temple, Kashi
Prasad Box
115 devotees have booked this puja
Book Puja
सावन सोमवार स्पेशल- गभस्तीश्वर महादेव मंदिर में रुद्री पाठ और चार प्रहर रात्रि महाभिषेक
For planetary peace and protection from crises through Four Prahar Night Mahabhishek

सावन सोमवार स्पेशल- गभस्तीश्वर महादेव मंदिर में रुद्री पाठ और चार प्रहर रात्रि महाभिषेक

Mon 24 August 2026
Kashi, Uttar Pradesh
Prasad Box
404 devotees have booked this puja
Book Puja

Reconnect with your Faith

UserUserUser
Trusted by 1 Lakh Devotees
100% Secure