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Jagannath Rath Yatra 2026: राशि और कुंडली के अनुसार किस देवता की करें पूजा? जानें रथ यात्रा से जुड़ा रहस्य

शालू मिश्राशालू मिश्राUpdated 15 Jul 2026 01:04 PM IST
Jagannath Rath Yatra 2026: राशि और कुंडली के अनुसार किस देवता की करें पूजा? जानें रथ यात्रा से जुड़ा रहस्य

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Jagannath Rath Yatra 2026: जगन्नाथ रथ यात्रा का शुभारंभ कल होने वाला है। ये यात्रा हिंदू धर्म की सबसे बड़ी यात्राओं में से एक मानी जाती है जिसमें श्रीकृष्ण स्वरूप भगवान जगन्नाथ अपने बड़े भाई बालभद्र और बहन सुभद्रा के साथ विराजमान होते हैं और लाखों श्रद्धालु इस रथ को खींचते हैं। 

Jagannath Rath Yatra 2026: भगवान जगन्नाथ की रथ यात्रा का इंतजार हर साल करोड़ों श्रद्धालु करते हैं। आषाढ़ शुक्ल पक्ष की द्वितीया तिथि पर निकलने वाली यह यात्रा सिर्फ एक धार्मिक परंपरा नहीं, बल्कि भगवान विष्णु की कृपा पाने का भी विशेष अवसर मानी जाती है। इस दिन भगवान जगन्नाथ अपने बड़े भाई भगवान बलभद्र और बहन माता सुभद्रा के साथ रथ पर सवार होकर भक्तों को दर्शन देते हैं। ऐसी मान्यता है कि रथ यात्रा के दर्शन, पूजा और मंत्र जाप से जीवन में शुभता आती है और कई प्रकार की परेशानियों से राहत मिलने की कामना की जाती है। ऐसे में जानते हैं कि रथ यात्रा 2026 पर आपकी राशि और जन्म कुंडली के अनुसार किस देवता की पूजा करना शुभ माना जाता है।

रथ यात्रा में तीनों देवताओं की पूजा का क्या महत्व है?


रथ यात्रा में भगवान जगन्नाथ, भगवान बलभद्र और माता सुभद्रा तीनों की एक साथ पूजा की जाती है। भगवान जगन्नाथ को श्रीहरि विष्णु और श्रीकृष्ण का स्वरूप माना जाता है। भगवान बलभद्र शक्ति, धैर्य और रक्षा के प्रतीक हैं, जबकि माता सुभद्रा को सुख, शांति, समृद्धि और पारिवारिक खुशहाली की देवी माना जाता है। इसलिए इस दिन तीनों देवताओं का स्मरण करना शुभ माना जाता है।

राशि के अनुसार किस देवता की पूजा करें?


मेष, सिंह और वृश्चिक

अगर आपकी राशि मेष, सिंह या वृश्चिक है, तो रथ यात्रा के दिन भगवान बलभद्र की पूजा करना शुभ माना जाता है। मान्यता है कि उनकी कृपा से आत्मविश्वास बढ़ता है और कठिन परिस्थितियों का सामना करने की शक्ति मिलती है।

वृषभ, कर्क और तुला

इन राशियों के जातकों को माता सुभद्रा की आराधना करनी चाहिए। इससे परिवार में प्रेम, घर में शांति और रिश्तों में मधुरता बनी रहने की कामना की जाती है।

मिथुन, कन्या, धनु, मकर, कुंभ और मीन

इन राशियों के लिए भगवान जगन्नाथ की पूजा विशेष फलदायी मानी जाती है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार इससे भाग्य का साथ, मानसिक शांति और आध्यात्मिक उन्नति की प्रार्थना की जाती है।

जन्म कुंडली के अनुसार किस देवता की करें पूजा?


अगर आपकी जन्म कुंडली बनी हुई है, तो उसमें ग्रहों की स्थिति देखकर पूजा करना अधिक शुभ माना जाता है।

- कुंडली में गुरु (बृहस्पति) कमजोर हो तो भगवान जगन्नाथ की पूजा करें। इससे भाग्य, शिक्षा, विवाह और सम्मान से जुड़े मामलों में भगवान का आशीर्वाद प्राप्त करने की प्रार्थना की जाती है।

- मंगल या शनि कमजोर हो तो भगवान बलभद्र की आराधना करना शुभ माना जाता है। इससे साहस, धैर्य और संघर्षों से लड़ने की शक्ति की कामना की जाती है।

- चंद्रमा कमजोर हो या मानसिक तनाव, बेचैनी और पारिवारिक अशांति बनी रहती हो, तो माता सुभद्रा की पूजा करना लाभकारी माना जाता है।

- राहु-केतु या कई ग्रह अशुभ प्रभाव दे रहे हों, तो रथ यात्रा के दिन भगवान जगन्नाथ, भगवान बलभद्र और माता सुभद्रा तीनों की एक साथ पूजा करना शुभ माना जाता है।


रथ यात्रा के दिन कौन-सा मंत्र जपें?


रथ यात्रा पर भगवान विष्णु का यह मंत्र सबसे अधिक शुभ माना जाता है—

॥ ॐ नमो भगवते वासुदेवाय ॥

धार्मिक मान्यता है कि इस मंत्र का 108 बार या अपनी श्रद्धा के अनुसार जाप करने से मन को शांति मिलती है और भगवान विष्णु की कृपा प्राप्त करने की प्रार्थना की जाती है।

इसके अलावा यह छोटा मंत्र भी जपा जा सकता है—

॥ ॐ विष्णवे नमः ॥

क्या रथ यात्रा पर पूजा और मंत्र जाप से ग्रह दोष शांत होते हैं?

धार्मिक मान्यताओं के अनुसार रथ यात्रा के दिन भगवान जगन्नाथ की पूजा, विष्णु मंत्रों का जाप, दान और सेवा करने से मन में सकारात्मकता आती है और ईश्वर की कृपा प्राप्त होती है। कई ज्योतिषीय परंपराओं में इसे ग्रहों के अशुभ प्रभावों की शांति के लिए भी शुभ माना गया है। हालांकि किसी विशेष ग्रह दोष के लिए केवल मंत्र जाप ही पर्याप्त नहीं माना जाता। इसके लिए जन्म कुंडली का सही विश्लेषण और योग्य वैदिक ज्योतिषी की सलाह आवश्यक होती है।

रथ यात्रा 2026 पर करें ये आसान उपाय


- भगवान जगन्नाथ, भगवान बलभद्र और माता सुभद्रा के दर्शन करें।
- "ॐ नमो भगवते वासुदेवाय" मंत्र का 108 बार जाप करें।
- भगवान को तुलसी दल, पीले फूल, नारियल और मौसमी फल अर्पित करें।
- गरीब और जरूरतमंद लोगों को अन्न, वस्त्र या दक्षिणा दें।
- विष्णु सहस्रनाम, श्रीमद्भगवद्गीता या विष्णु चालीसा का पाठ करें।
- पूरे दिन क्रोध, झूठ, कटु वाणी और नकारात्मक सोच से बचने का प्रयास करें।

रथ यात्रा 2026 केवल एक धार्मिक पर्व नहीं, बल्कि भगवान की भक्ति, सेवा और आत्मचिंतन का अवसर भी है। राशि और जन्म कुंडली के अनुसार भगवान जगन्नाथ, बलभद्र या माता सुभद्रा की पूजा करना आस्था और ज्योतिषीय परंपराओं का विषय है। यदि इस दिन श्रद्धा के साथ पूजा, मंत्र जाप और दान किया जाए, तो जीवन में सुख, शांति, सकारात्मक सोच और आध्यात्मिक ऊर्जा का अनुभव किया जा सकता है।

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