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Kajari Teej 2026 Puja Vidhi: कजरी तीज की शाम ऐसे करें शिव-पार्वती की पूजा, जानें सामग्री, भोग, मंत्र और आरती

Vaishnavi DwivediVaishnavi DwivediUpdated 31 Aug 2026 12:05 PM IST
Kajari Teej 2026 Puja Vidhi: कजरी तीज की शाम ऐसे करें शिव-पार्वती की पूजा, जानें सामग्री, भोग, मंत्र और आरती

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Kajari Teej 2026: कजरी तीज पर शाम के समय भगवान शिव और माता पार्वती की पूजा का विशेष महत्व है। आइए यहां इस पावन व्रत की पूजा विधि, भोग और मंत्र से लेकर सभी प्रमुख बातों को जानते हैं।
सनातन धर्म में भाद्रपद माह के कृष्ण पक्ष की तृतीया तिथि को कजरी तीज का पावन पर्व मनाया जाता है। यह व्रत सुहागिन महिलाओं के लिए अखंड सौभाग्य, पति की लंबी उम्र और कुंवारी कन्याओं के लिए मनचाहा वर पाने के लिए बेहद फलदायी माना गया है। कजरी तीज के दिन विशेष रूप से प्रदोष काल यानी शाम के समय भगवान शिव और माता पार्वती की विधि-विधान से पूजा की जाती है। अगर आप भी कजरी तीज का व्रत रख रही हैं, तो आइए यहां इस व्रत से जुड़ी प्रमुख बातों को जानते हैं।

कजरी तीज पूजा सामग्री लिस्ट 

  • भगवान शिव, माता पार्वती और श्री गणेश की प्रतिमा या मिट्टी के पार्थिव शिवलिंग।
  • माता पार्वती के लिए लाल चुनरी, सिंदूर, बिंदी, चूड़ियां, मेहंदी, कंगन, महावर और आभूषण।
  • रोली, अक्षत, चंदन, धूप, दीप, कपूर, गंगाजल, पंचामृत, फूल, बिल्व पत्र, धतूरा, शमी पत्र और दूर्वा।
  • नीमड़ी माता की स्थापना के लिए मिट्टी और नीम की टहनी।

कजरी तीज पूजा विधि 

  • शाम के समय स्नान करके लाल, पीले या हरे वस्त्र धारण करें और 16 शृंगार करें।
  • पूजा स्थान पर उत्तर-पूर्व दिशा में एक लकड़ी की चौकी पर लाल या पीला कपड़ा बिछाएं और उस पर शिव-परिवार की प्रतिमा, नीम की टहनी स्थापित करें।
  • नीमड़ी माता को दूध और जल अर्पित करके रोली और अक्षत से पूजन करें।
  • भगवान शिव और गणेश जी को जल, गंगाजल व पंचामृत से स्नान कराएं। 
  • शिवजी को चंदन, बिल्वपत्र, धतूरा और भस्म अर्पित करें। 
  • माता पार्वती को रोली, अक्षत और 16 शृंगार की सामग्री अर्पित करें।
  • हाथ में गेहूं या चावल के दाने लेकर कजरी तीज की पावन व्रत कथा सुनें या पढ़ें।
  • शिव-पार्वती की भाव के साथ आरती करें और पूजा में हुई गलती के लिए क्षमा-प्रार्थना करें।
  • चंद्रोदय के समय चंद्रमा को दूध और जल से अर्घ्य देकर अपने व्रत का पारण करें।

भगवान शिव और माता पार्वती के प्रिय भोग

  • सत्तू : कजरी तीज पर चावल, गेहूं, जौ और चने के सत्तू में देसी घी और सूखे मेवे मिलाकर बनाए गए सत्तू का भोग लगाना मुख्य माना जाता है। इसे अर्पित करने से अक्षय फलों की प्राप्ति होती है।
  • मालपुआ और घेवर: माता पार्वती को मालपुआ, घेवर और मखाने की खीर का भोग बेहद प्रिय है। इसे अर्पित करने से देवी की कृपा मिलती है।

कजरी तीज पूजन मंत्र 

1. ॐ नमः शिवाय
2. ॐ उमामहेश्वराभ्यां नमः
3. हे गौरि शंकरार्धांगि यथा त्वं शंकरप्रिया। 
तथा मां कुरु कल्याणि कान्तकान्तां सुदुर्लभाम॥

 ।।शिव जी की आरती।।

जय शिव ओंकारा ॐ जय शिव ओंकारा ।

ब्रह्मा विष्णु सदा शिव अर्द्धांगी धारा ॥ ॐ जय शिव...॥

एकानन चतुरानन पंचानन राजे ।

हंसानन गरुड़ासन वृषवाहन साजे ॥ ॐ जय शिव...॥

दो भुज चार चतुर्भुज दस भुज अति सोहे।

त्रिगुण रूपनिरखता त्रिभुवन जन मोहे ॥ ॐ जय शिव...॥

अक्षमाला बनमाला रुण्डमाला धारी ।

चंदन मृगमद सोहै भाले शशिधारी ॥ ॐ जय शिव...॥

श्वेताम्बर पीताम्बर बाघम्बर अंगे ।

सनकादिक गरुणादिक भूतादिक संगे ॥ ॐ जय शिव...॥

कर के मध्य कमंडलु चक्र त्रिशूल धर्ता ।

जगकर्ता जगभर्ता जगसंहारकर्ता ॥ ॐ जय शिव...॥

ब्रह्मा विष्णु सदाशिव जानत अविवेका ।

प्रणवाक्षर मध्ये ये तीनों एका ॥ ॐ जय शिव...॥

काशी में विश्वनाथ विराजत नन्दी ब्रह्मचारी ।

नित उठि भोग लगावत महिमा अति भारी ॥ ॐ जय शिव...॥

त्रिगुण शिवजीकी आरती जो कोई नर गावे ।

कहत शिवानन्द स्वामी मनवांछित फल पावे ॥ ॐ जय शिव...॥

।।माता पार्वती की आरती।।

जय पार्वती माता जय पार्वती माता

ब्रह्म सनातन देवी शुभ फल कदा दाता।

जय पार्वती माता जय पार्वती माता।

अरिकुल पद्मा विनासनी जय सेवक त्राता

जग जीवन जगदम्बा हरिहर गुणगु गाता।

जय पार्वती माता जय पार्वती माता।

सिंह को वाहन साजे कुंडल है साथा

देव वधुजहं गावत नृत्य कर ताथा।

जय पार्वती माता जय पार्वती माता।

सतयुग शील सुसुन्दर नाम सती कहलाता

हेमांचल घर जन्मी सखियन रंगराता।

जय पार्वती माता जय पार्वती माता।

शुम्भ निशुम्भ विदारेहेमांचल स्याता

सहस भुजा तनुधरिके चक्र लियो हाथा।

जय पार्वती माता जय पार्वती माता।

सृष्टि रूप तुही जननी शिव संग रंगराता

नंदी भृंगी बीन लाही सारा मदमाता।

जय पार्वती माता जय पार्वती माता।

देवन अरज करत हम चित को लाता

गावत दे दे ताली मन मेंरंगराता।

जय पार्वती माता जय पार्वती माता।

श्री प्रताप आरती मैया की जो कोई गाता

सदा सुखी रहता सुख संपति पाता।

जय पार्वती माता मैया जय पार्वती माता।

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