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Karwa Chauth 2026: करवा चौथ कब है? यहां जानें पूजा सामग्री, नियम, महत्व और जरूरी बातें

Vaishnavi DwivediVaishnavi DwivediUpdated 06 Oct 2026 02:39 PM IST
Karwa Chauth 2026: करवा चौथ कब है? यहां जानें पूजा सामग्री, नियम, महत्व और जरूरी बातें

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Karwa Chauth 2026 Date And Rules: करवा चौथ का व्रत सुहागिन महिलाओं के लिए बेहद खास होता है। आइए यहां करवा चौथ की सही तारीख, पूजा सामग्री, व्रत के नियम और इसका धार्मिक महत्व जानते हैं।

सनातन धर्म में सुहागिन महिलाओं के लिए करवा चौथ का व्रत बहुत महत्व रखता है। यह त्योहार पति-पत्नी के पवित्र रिश्ते, अटूट प्रेम और विश्वास का प्रतीक है। इस दिन महिलाएं अपने पति की लंबी उम्र, अच्छी सेहत और सुखी वैवाहिक जीवन के लिए दिनभर निर्जला व्रत रखती हैं। शाम के समय माता पार्वती, भगवान शिव, गणेश जी और करवा माता की विधिपूर्वक पूजा करती हैं, और रात में चंद्रमा को अर्घ्य देने के बाद ही व्रत खोला जाता है। ऐसे में आइए जानते हैं कि इस साल करवा चौथ (Karwa Chauth 2026) कब रखा जाएगा और पूजा के लिए क्या-क्या सामग्री चाहिए?

करवा चौथ 2026 तारीख और समय (Karwa Chauth 2026 Date And Time)

वैदिक पंचांग के अनुसार, करवा चौथ का व्रत हर साल कार्तिक महीने के कृष्ण पक्ष की चतुर्थी तिथि को रखा जाता है। इस साल चतुर्थी तिथि 29 अक्टूबर को पड़ रही है। इसकी शुरुआत 29 अक्टूबर की रात 01 बजकर 06 मिनट पर होगी। वहीं, इसका समापन उसी दिन रात 10 बजकर 09 मिनट पर होगा। उदयातिथि को देखते हुए करवा चौथ का व्रत गुरुवार, 29 अक्टूबर 2026 को ही रखा जाएगा।

  • पूजा मुहूर्त:  शाम 05 बजकर 38 मिनट से 06 बजकर 56 मिनट तक

  • चंद्रोदय समय: रात 8:17 बजे।

करवा चौथ पूजा की जरूरी सामग्री (Karwa Chauth 2026 Puja Samagri List)

  • पूजा के लिए: मिट्टी या पीतल का टोटीदार करवा, ढक्कन, सींक (5 या 7), दीपक, रुई की बत्ती, कपूर, अगरबत्ती, माचिस।

  • सजावट और अर्घ्य: कलावा, रोली, अक्षत, चंदन, हल्दी, फूल और मेवे।

  • भोग, जल: जल का लोटा, कच्चा दूध, चीनी, मिठाई, और करवे में भरने के लिए गेहूं या चावल और गेहूं के आटे का बना मीठा प्रसाद।

  • सुहाग का सामान: लाल चुनरी, छलनी (चंद्रमा देखने के लिए), और 16 शृंगार का सामान।

करवा चौथ व्रत के जरूरी नियम  (Karwa Chauth 2026 Puja Rituals)

सरगी का सेवन

करवा चौथ के दिन सुबह सूर्योदय से पहले सास अपनी बहु को सरगी देती हैं। सरगी में फल, मिठाई और मेवे होते हैं। सूर्योदय से पहले इसे खाकर ही व्रत की शुरुआत की जाती है।

निर्जला व्रत

सरगी खाने के बाद पूरे दिन अन्न और जल ग्रहण नहीं किया जाता। यह पूर्ण रूप से निर्जला व्रत होता है।

16 शृंगार

शाम को पूजा के समय महिलाओं को लाल या पीले रंग के सुंदर वस्त्र पहनकर 16 शृंगार जरूर करना चाहिए। इस दिन काले या सफेद रंग के कपड़े पहनने से बचें।

कथा सुनना

शाम के समय सभी महिलाएं एक साथ बैठकर करवा चौथ की व्रत कथा सुनती हैं और करवे फेरने की रस्म पूरी करती हैं।

चंद्रमा को अर्घ्य

रात में चांद निकलने के बाद छलनी से चंद्रमा के दर्शन किए जाते हैं। फिर दीया जलाकर चांद को जल अर्पित किया जाता है और पति के हाथों पानी पीकर व्रत पूरा होता है।

करवा चौथ का धार्मिक महत्व (Karwa Chauth 2026 Significance)

धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, करवा चौथ का व्रत रखने से पति पर आने वाले सभी संकट दूर हो जाते हैं। माता पार्वती ने भी भगवान शिव को पति रूप में पाने और उनके साथ अखंड सौभाग्य के लिए यह कठिन तपस्या की थी। ऐसा माना जाता है कि जो महिला पूरे श्रद्धा भाव से यह व्रत रखती है, उसके घर में हमेशा सुख, शांति और समृद्धि बनी रहती है।

करवा चौथ की आरती (Karwa Mata ki Aarti)

ॐ जय करवा मैया, माता जय करवा मैया।

जो व्रत करे तुम्हारा, पार करो नइया।।

ॐ जय करवा मैया...

सब जग की हो माता, तुम हो रुद्राणी।

यश तुम्हारा गावत, जग के सब प्राणी।।

ॐ जय करवा मैया...

ॐ जय करवा मैया, माता जय करवा मैया।

जो व्रत करे तुम्हारा, पार करो नइया।।

ॐ जय करवा मैया...

कार्तिक कृष्ण चतुर्थी, जो नारी व्रत करती।

दीर्घायु पति होवे , दुख सारे हरती।।

ॐ जय करवा मैया, माता जय करवा मैया।

जो व्रत करे तुम्हारा, पार करो नइया।।

ॐ जय करवा मैया...

होए सुहागिन नारी, सुख संपत्ति पावे।

गणपति जी बड़े दयालु, विघ्न सभी नाशे।।

ॐ जय करवा मैया, माता जय करवा मैया।


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