March Grah Gochar 2026: मार्च का महीना ज्योतिषीय दृष्टि से खास माना जा रहा है क्योंकि इस दौरान कई ग्रह चाल परिवर्तन करने वाले हैं और इनका असर सभी राशियों पर सटीक तौर से पड़ेगा।
March Grah Gochar: मार्च का महीना ज्योतिषीय दृष्टिकोण से खास माना जा रहा है क्योंकि इस दौरान कई ग्रह अपनी चाल में परिवर्तन करने वाले हैं जिसका प्रभाव सभी 12 राशियों पर सकारात्मक और नकारात्मक तरीके से पड़ेगा। ज्योतिषशास्त्र में नवग्रहों का जिक्र किया गया है- सूर्य, चंद्रमा, मंगल, बुध, गुरु, शुक्र, शनि, राहु और केतु। चलिए जानते हैं कि मार्च में किन ग्रहों की चाल बदलने वाली है।
सूर्य गोचर
सूर्य को ज्योतिषशास्त्र में पिता, आत्मा, मान-सम्मान और प्रतिष्ठा का कारक माना जाता है और ये हर 28 से 30 दिन में राशि परिवर्तन करते हैं। इस समय सूर्य कुंभ राशि में विराजमान हैं और 15 मार्च को मीन राशि में गोचर करेंगे। सूर्य का ये गोचर रात्रि 1 बजकर 8 मिनट पर होगा। गुरु की राशि में सूर्य की राशि में जाने से सभी राशियों पर मिले-जुले असर देखने को मिलेंगे।
शुक्र गोचर
शुक्र को ज्योतिष में भोग-विलास और धन-संपदा का कारक माना जाता है। शुक्र इस समय कुंभ राशि में विराजमान हैं। शुक्र हर 23 से 25 दिन में राशि परिवर्तन करते हैं। 2 मार्च की रात्रि 1 बजकर 1 मिनट पर शुक्र मीन राशि में प्रवेश करेंगे। माना जा रहा है कि गुरु की राशि में शुक्र के प्रवेश से जातकों के जीवन में उत्साह बढ़ेगा।
मंगल नक्षत्र गोचर
मंगल को ज्योतिषशास्त्र में सेना, साहस, आत्मविश्वास और ऊर्जा का कारक माना जाता है। इस समय मंगल कुंभ राशि और स्वनक्षत्र धनिष्ठा में विराजित हैं लेकिन 3 मार्च को ये अपने नक्षत्र से निकलकर राहु के नक्षत्र शतभिषा में प्रवेश करेंगे। ये गोचर रात्रि 11 बजकर 2 मिनट पर होगा। मंगल मार्च के महीने में एक नहीं बल्कि दो बार चाल बदलेंगे। 20 मार्च को मंगल पूर्वाभाद्रपद नक्षत्र में गोचर करेंगे जिसके स्वामी गुरु हैं।
बुध नक्षत्र गोचर
ज्योतिष में बुध ग्रह को बुद्धि, वाणी, संवाद और तर्कक्षमता का कारक माना गया है। बुध मार्च में राशि परिवर्तन नहीं करेंगे लेकिन नक्षत्र बदलेंगे। इस समय बुध कुंभ राशि और धनिष्ठा नक्षत्र में गोचर हैं और 10 मार्च को शतभिषा नक्षत्र में गोचर करेंगे। ये गोचर शाम को 4 बजकर 32 मिनट पर होगा।
केतु नक्षत्र गोचर
केतु को ज्योतिष में आध्यात्म और मोह-माया से मुक्ति दिलाने वाला ग्रह कहा गया है। मार्च महीने के अंतिम चरण में केतु नक्षत्र परिवर्तन करेंगे। केतु इस समय सिंह राशि और अश्लेषा नक्षत्र में गोचर हैं लेकिन 29 मार्च को ये मघा नक्षत्र में प्रवेश करेंगे। बता दें कि ये नक्षत्र केतु का ही है। गोचर का समय सुबह 4 बजकर 49 मिनट पर रहेगा।