
Mohini Ekadashi Vrat Vidhi: हिंदू पंचांग के मुताबिक, वैशाख मास के शुक्ल पक्ष में आने वाली एकादशी को मोहिनी एकादशी कहते हैं। इस साल ये तिथि 26 अप्रैल की शाम 6 बजकर 6 मिनट से प्रारंभ होगी और इसका समापन 27 अप्रैल की शाम 6 बजकर 15 मिनट पर होगा। ऐसे में 27 अप्रैल को मोहिनी एकादशी का व्रत रखा जाएगा और व्रत का पारण 28 अप्रैल को किया जाएगा। पारण का समय 28 अप्रैल की सुबह 5 बजकर 43 मिनट से लेकर 8 बजकर 21 मिनट तक रहेगा। यदि आप भी श्रीहरि को प्रसन्न कर उनका आशीर्वाद प्राप्त करना चाहते हैं तो आपको मोहिनी एकादशी के दिन इस विशेष विधि से पूजा-अर्चना जरूर करनी चाहिए।
ॐ जय जगदीश हरे, स्वामी ! जय जगदीश हरे।
भक्त जनों के संकट, क्षण में दूर करे॥
ॐ जय जगदीश हरे।
जो ध्यावे फल पावे, दुःख विनसे मन का।
स्वामी दुःख विनसे मन का।
सुख सम्पत्ति घर आवे, कष्ट मिटे तन का॥
ॐ जय जगदीश हरे।
मात-पिता तुम मेरे, शरण गहूँ मैं किसकी।
स्वामी शरण गहूँ मैं किसकी।
तुम बिन और न दूजा, आस करूँ जिसकी॥
ॐ जय जगदीश हरे।
तुम पूरण परमात्मा, तुम अन्तर्यामी।
स्वामी तुम अन्तर्यामी।
पारब्रह्म परमेश्वर, तुम सबके स्वामी॥
ॐ जय जगदीश हरे।
तुम करुणा के सागर, तुम पालन-कर्ता।
स्वामी तुम पालन-कर्ता।
मैं मूरख खल कामी, कृपा करो भर्ता॥
ॐ जय जगदीश हरे।
तुम हो एक अगोचर, सबके प्राणपति।
स्वामी सबके प्राणपति।
किस विधि मिलूँ दयामय, तुमको मैं कुमति॥
ॐ जय जगदीश हरे।
दीनबन्धु दुखहर्ता, तुम ठाकुर मेरे।
स्वामी तुम ठाकुर मेरे।
अपने हाथ उठाओ, द्वार पड़ा तेरे॥
ॐ जय जगदीश हरे।
विषय-विकार मिटाओ, पाप हरो देवा।
स्वामी पाप हरो देवा।
श्रद्धा-भक्ति बढ़ाओ, सन्तन की सेवा॥
ॐ जय जगदीश हरे।
श्री जगदीशजी की आरती, जो कोई नर गावे।
स्वामी जो कोई नर गावे।
कहत शिवानन्द स्वामी, सुख संपत्ति पावे॥
ॐ जय जगदीश हरे।
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