
Padmini Ekadashi 2026: ज्येष्ठ अधिक मास की शुक्ल पक्ष में आने वाली एकादशी को पद्मिनी एकादशी कहते हैं। सनातन धर्म में इस दिन को अत्यंत पावन और शुभ माना जाता है। मान्यता है कि इस एकादशी का व्रत करने से अपार पापों का नाश होता है, संतान सुख की प्राप्ति होती है और तो और श्रीहरि के चरणों में स्थान मिलता है।
ज्येष्ठ अधिक शुक्ल पक्ष की एकादशी तिथि 26 मई की सुबह 5 बजकर 10 मिनट से प्रारंभ होगी और इसका समापन 27 मई की सुबह 6 बजकर 21 मिनट पर होगा। उदया तिथि को देखते हुए इस बार 27 मई को पद्मिनी एकादशी का व्रत रखा जाएगा और 28 मई को व्रत का पारण किया जाएगा। पारण का समय सुबह 5 बजकर 44 मिनट से लेकर 7 बजकर 56 मिनट तक रहने वाला है। इसी के साथ 27 मई को और कई अन्य शुभ मुहूर्त बन रहे हैं जिसमें श्रीहरि और माता लक्ष्मी की पूजा करने से आरोग्य, शांति और समृद्धि की प्राप्ति होती है।
ब्रह्म मुहूर्त - 04:15 ए एम से 04:59 ए एम
प्रातः सन्ध्या - 04:37 ए एम से 05:44 ए एम
विजय मुहूर्त - 02:18 पी एम से 03:09 पी एम
गोधूलि मुहूर्त - 06:34 पी एम से 06:56 पी एम
सायाह्न सन्ध्या - 06:35 पी एम से 07:42 पी एम
अमृत काल - 01:09 ए एम, मई 28 से 02:54 ए एम, मई 28
निशिता मुहूर्त - 11:47 पी एम से 12:32 ए एम, मई 28
सर्वार्थ सिद्धि योग - 05:44 ए एम से 05:56 ए एम
रवि योग - 05:44 ए एम से 05:56 ए एम
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