
Papmochani Ekadashi 2026: साल में कुल 24 एकादशी के व्रत आते हैं जिनकी मान्यताएं अलग होती हैं लेकिन ये सभी ईश्वर को समर्पित होती हैं। इसी प्रकार चैत्र मास कृष्ण पक्ष में आने वाली एकादशी को पापमोचनी एकादशी कहते हैं अर्थात् वह व्रत जो हर प्रकार के पाप से मुक्ति दिलाए।
ब्रह्म मुहूर्त - सुबह 4 बजकर 54 मिनट से लेकर 5 बजकर 42 मिनट तक।
अभिजित मुहूर्त - दोपहर 12 बजकर 6 मिनट से लेकर 12 बजकर 54 मिनट तक।
विजय मुहूर्त - दोपहर 2 बजकर 29 मिनट से लेकर 3 बजकर 17 मिनट तक।
गोधूलि मुहूर्त - शाम 6 बजकर 26 मिनट से लेकर 6 बजकर 51 मिनट तक।
अमृत काल मुहूर्त - शाम 7 बजकर 3 मिनट से लेकर 8 बजकर 43 मिनट तक।
निशिता मुहर्त - 16 मार्च की रात्रि 12 बजकर 5 मिनट से लेकर 12 बजकर 53 मिनट तक।
द्विपुष्कर योग - 16 मार्च की सुबह 5 बजकर 54 मिनट से लेकर 6 बजकर 29 मिनट तक।
राहुकाल - शाम 4 बजकर 59 मिनट से लेकर 6 बजकर 29 मिनट तक।
यमगण्ड - दोपहर 12 बजकर 30 मिनट से लेकर 2 बजे तक।
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