
Parama Ekadashi 2026: ज्येष्ठ अधिकमास के कृष्ण पक्ष में आने वाली एकादशी को परमा एकादशी कहते हैं, ये पावन व्रत हर तीन साल में एक बार आता है। आपको बता दें कि साल में आने वाले सभी एकादशी व्रत संसार के पालनकर्ता भगवान विष्णु को समर्पित होते हैं। परमा एकादशी का व्रत करने से व्यक्ति पर श्रीहरि की कृपा बनी रहती है, दरिद्रता का नाश होता है और मोक्ष की प्राप्ति होती है, साथ ही संसार के समस्त वैभव की प्राप्ति होती है।
ब्रह्म मुहूर्त - सुबह 4 बजकर 16 मिनट से लेकर 5 बजे तक।
प्रात: संध्या - सुबह 4 बजकर 38 मिनट से लेकर 5 बजकर 44 मिनट तक।
अभिजित मुहूर्त - सुबह 11 बजकर 46 मिनट से लेकर दोपहर 12 बजकर 38 मिनट तक।
विजय मुहूर्त - दोपहर 2 बजकर 21 मिनट से लेकर 3 बजकर 13 मिनट तक।
गोधूलि मुहूर्त - शाम 6 बजकर 38 मिनट से लेकर 7 बजकर 1 मिनट तक।
सायाह्न संध्या - शाम 6 बजकर 40 मिनट से लेकर 7 बजकर 46 मिनट तक।
अमृत काल - सुबह 5 बजकर 59 मिनट से लेकर 7 बजकर 30 मिनट तक।
रात्रि 11 बजकर 49 मिनट से लेकर 12 जून की रात्रि 1 बजकर 17 मिनट तक।
निशिता मुहूर्त - रात्रि 11 बजकर 50 मिनट से लेकर 12 जून की रात्रि 12 बजकर 34 मिनट तक।
सर्वार्थ सिद्धि योग - पूरे दिन।
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