
शारदीय नवरात्रि (Shardiya Navratri 2026) के पहले दिन मां शैलपुत्री की पूजा के साथ कलश स्थापना का विशेष धार्मिक महत्व होता है। अक्सर लोग अनजाने में पूजा सामग्री या स्थापना विधि में कुछ गलतियां कर बैठते हैं, जिससे पूजा का पूर्ण फल प्राप्त नहीं होता। ऐसे में आइए इस आर्टिकल में कलश स्थापना में ध्यान रखने योग्य जरूरी बातें, कौन सी गलतियों से बचना चाहिए? और पूजा सामग्री की लिस्ट जानते हैं।
आश्विन महीने के शुक्ल पक्ष की प्रतिपदा तिथि से शारदीय नवरात्रि की शुरुआत होती है। नवरात्रि के प्रथम दिन विधि-विधान के साथ घटस्थापना या कलश स्थापना की जाती है। शास्त्रों में कलश को त्रिदेवों और सभी तीर्थों का प्रतीक माना गया है। ऐसी मान्यता है कि सही नियम और पवित्रता के साथ स्थापित किया गया कलश घर से सभी प्रकार की नकारात्मक ऊर्जा और वास्तु दोषों को समाप्त कर देता है।
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