
Sheetala Ashtami 2026: प्रत्येक वर्ष चैत्र मास कृष्ण पक्ष की अष्टमी तिथि को शीतला अष्टमी मनाई जाती है। सनातन धर्म में इन्हें संतान की रक्षक और आरोग्य की देवी कहा गया है। इनके आशीर्वाद से व्यक्ति ना ही कभी निर्धन होता है, ना ही रोग का शिकार होता है।
इस साल चैत्र कृष्ण अष्टमी 11 मार्च की रात्रि 1 बजकर 54 मिनट से प्रारंभ होगी और इसका समापन 12 मार्च की सुबह 4 बजकर 19 मिनट पर होगा। ऐसे में 11 मार्च को शीतला अष्टमी का पर्व मनाया जाएगा। पूजन मुहूर्त सुबह 6 बजकर 35 मिनट से लेकर शाम 6 बजकर 27 मिनट तक रहेगा। आपको बता दें कि इस दिन कई शुभ संयोग बनने वाले हैं।
जय शीतला माता,मैया जय शीतला माता।
आदि ज्योति महारानीसब फल की दाता॥
जय शीतला माता,मैया जय शीतला माता।
रतन सिंहासन शोभित,श्वेत छत्र भाता।
ऋद्धि-सिद्धि चँवर डोलावें,जगमग छवि छाता॥
जय शीतला माता,मैया जय शीतला माता।
विष्णु सेवत ठाढ़े,सेवें शिव धाता।
वेद पुराण वरणतपार नहीं पाता॥
जय शीतला माता,मैया जय शीतला माता।
इन्द्र मृदङ्ग बजावतचन्द्र वीणा हाथा।
सूरज ताल बजावैनारद मुनि गाता॥
जय शीतला माता,मैया जय शीतला माता।
घण्टा शङ्ख शहनाईबाजै मन भाता।
करै भक्त जन आरतीलखि लखि हर्षाता॥
जय शीतला माता,मैया जय शीतला माता।
ब्रह्म रूप वरदानीतुही तीन काल ज्ञाता।
भक्तन को सुख देतीमातु पिता भ्राता॥
जय शीतला माता,मैया जय शीतला माता।
जो जन ध्यान लगावेप्रेम शक्ति पाता।
सकल मनोरथ पावेभवनिधि तर जाता॥
जय शीतला माता,मैया जय शीतला माता।
रोगों से जो पीड़ित कोईशरण तेरी आता।
कोढ़ी पावे निर्मल कायाअन्ध नेत्र पाता॥
जय शीतला माता,मैया जय शीतला माता।
बांझ पुत्र को पावेदारिद्र कट जाता।
ताको भजै जो नाहींसिर धुनि पछताता॥
जय शीतला माता,मैया जय शीतला माता।
शीतल करती जन कीतू ही है जग त्राता।
उत्पत्ति बाला बिनाशनतू सब की माता॥
जय शीतला माता,मैया जय शीतला माता।
दास नारायणकर जोरी माता।
भक्ति आपनी दीजैऔर न कुछ माता॥
जय शीतला माता,मैया जय शीतला माता।
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