
ज्योतिष शास्त्र में ग्रहों के राजा सूर्य को आत्मा, पिता और मान-सम्मान का कारक माना जाता है। जब भी सूर्य राशि परिवर्तन करते हैं, तो उसका असर हर व्यक्ति के जीवन पर साफ देखने को मिलता है। 17 अक्टूबर 2026 को सूर्यदेव कन्या राशि से निकलकर तुला राशि में प्रवेश कर रहे हैं। तुला राशि को सूर्य की नीच राशि माना जाता है। सूर्यदेव यहां पूरे एक महीने यानी 16 नवंबर 2026 तक स्थिति में रहेंगे। जब सूर्य अपनी नीच राशि में होते हैं, तो वे थोड़े कमजोर पड़ जाते हैं, जिससे कुछ राशि के लोगों को करियर, सेहत और मान-सम्मान में उतार-चढ़ाव का सामना करना पड़ सकता है। खासतौर से सिंह, धनु, मकर और कुंभ राशि के जातकों को इस दौरान थोड़ा संभलकर रहने की जरूरत है। आइए जानते हैं इन 4 राशियों पर क्या प्रभाव पड़ेगा?
सिंह राशि के स्वामी स्वयं सूर्यदेव हैं। तुला राशि में गोचर करने से यह आपके तीसरे भाव में रहेंगे। इस दौरान आपके आत्मविश्वास में थोड़ी कमी आ सकती है। भाई-बहनों या दोस्तों के साथ मनमुटाव होने की संभावना है। इसके साथ ही कार्यक्षेत्र में बातचीत करते समय अपनी भाषा पर नियंत्रण रखें।
धनु राशि वालों के लिए सूर्य का यह गोचर लाभ भाव यानी 11वें भाव में होगा, लेकिन नीच का होने से परिणाम मिलने में देरी हो सकती है। आर्थिक मामलों में अचानक उतार-चढ़ाव आ सकता है। इसके अलावा वरिष्ठ अधिकारियों के साथ मतभेद हो सकते हैं। इस राशि के लोग धन के लेन-देन में सावधानी बरतें। इसके साथ ही जल्दबाजी में बड़ा निवेश करने से बचें, वरना नुकसान हो सकता है।
मकर राशि के जातकों के लिए सूर्य 10वें भाव में गोचर करेंगे। नौकरी और बिजनेस में काम का दबाव अचानक बढ़ सकता है। ऑफिस में आपकी किसी बात को लेकर गलतफहमी पैदा हो सकती है। साथ ही पिता की सेहत को लेकर चिंता रह सकती है। इस राशि के लोगों की अपने सीनियर्स के साथ बहस न करने और शांति से अपना काम करने की सलाह दी जाती है।
कुंभ राशि वालों के लिए सूर्य का गोचर 9वें भाव में होगा। भाग्य का साथ थोड़ा मिल सकता है, जिससे बनते हुए काम में रुकावटें आ सकती हैं। लंबी दूरी की यात्राओं में सावधानी बरतने की जरूरत है। इसके साथ ही सेहत का ध्यान रखने और सूर्य देव की पूजा करने की सलाह दी जाती है।
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