Logo

Makar Sankranti 2022 LIVE Updates: मकर संक्रांति पर जरूर करें इन 11 चीजों का दान, सुख-समृद्धि और धन में होगी वृद्धि - जानें क्या - क्या करें दान ?

Osheen Osheen Updated 14 Jan 2022 05:55 PM IST
Makar Sankranti 2022 LIVE Updates: मकर संक्रांति पर जरूर करें इन 11 चीजों का दान, सुख-समृद्धि और धन में होगी वृद्धि - जानें क्या - क्या करें दान ?

Special Things

LIVE Makar Sankranti (मकर संक्रान्ति) 2022 Puja Ganga Snan Shubh Muhurat (पूजन गंगा स्नान दान शुभ मुहूर्त) Updates : मकर संक्रांति शुक्रवार, 14 जनवरी, 2022 यानि की आज देश भर में मनाई जाएग। भारत में यह पर्व बहुत ही धूम -धाम से मनाया जाता है। इस दिन विशेष रूप से सूर्य पूजा का विधान हैं। 
भारत में बहुत धूमधाम से मनाए जाने वाले प्रमुख त्योहारों में से एक, मकर संक्रांति हिंदुओं के लिए बहुत महत्व रखती है। शास्त्रों में इस पर्व को तप, पूजा, दान और यज्ञ के लिए शुभ माना गया है। मकर संक्रांति, या बस संक्रांति, भगवान सूर्य (सूर्य भगवान) को समर्पित है। ये पर्व सूर्य के मकर राशी में पारगमन का प्रतीक है। यह त्योहार सबसे शुभ अवसर माना जाता है और सौर चक्र के साथ जुड़े कुछ हिंदू त्योहारों में से एक है। यह फसल के मौसम की शुरुआत का प्रतीक है जब लोग नई फसलों की पूजा करते हैं और उन्हें खुशी के साथ साझा करते हैं।

प्रसिद्धि व लोकप्रियता :    

वार्षिक रूप से 14-15 जनवरी को मकर संक्रांति का पर्व पूरे भारतवर्ष के साथ ही भिन्न-भिन्न धार्मिक मान्यताओं के अनुसार नेपाल और बांग्लादेश में भी आस्था के साथ मनाया जाता है। मकर संक्रांति के त्योहार को अनेक नामों व विधियों से देशभर में मनाया जाता है। अधिकतर प्रत्येक संस्कृति द्वारा इसके आधार पर नामांकरण किया गया है।उत्तरीय भारत में मकर संक्रांति के नाम से प्रसिद्ध इस त्योहार को पोंगल के नाम से तमिलनाडु में, उत्तरायण कह कर गुजरात में, माघी बिहू नाम से असम में, सुग्गी हब्बा कर्नाटक में, मकरविक्लु केरल में और कश्मीर में शिशुर सक्रांत कह कर मनाया जाता है।

अवधारणाः 

मकर संक्रांति की अवधारणा एक खगोलीय घटना है। मकर अर्थात् काँन्स्टोलेशन ऑफ़ कैप्रिकॉन (मकर राशि) है। किन्तु, हमारे ज्योतिष की मकर राशि और खगोल विज्ञान के कैप्रिकॉन थोड़ा-सा भेद है। खगोलीय काँन्स्टोलेशन और ज्योतिषीय राशियों कई हद तक समानता तो हैं किन्तु समान नहीं हैं। तारों द्वारा निर्मित एक विशेष आकृति जिसकी पहचान की जा सके उसे काँन्स्टोलेशन कहते हैं।
उत्तरायण संक्रांति 

सूर्य के धनु राशि से निकल कर मकर राशि में प्रवेश के साथ ही निरयण सूर्य संक्रांति में उत्तरायण का आरंभ हो जाता है. इस समय सूर्य का दक्षिण गोलार्द्ध से उत्तरी गोलार्द्ध की ओर गमन आरंभ होता जाता है. यह समय हिंदू धर्म ग्रंथों में देवताओं के दिन के रुप में उल्लेखित किया जाता है. सूर्य के उत्तरायण होने पर रातें छोटी व दिन बड़े होने लगते हैं. सर्दी का समय धीरे धीरे कम होने लगता है और मौसम में बदलाव की सुगबुगाहट दिखाई देने लगती है. 
तीन ग्रही योग में बनेगा मकर संक्रांति योग

14 जनवरी 2022 को मकर संक्रांति के समय तीन ग्रही योग का निर्माण होगा. इस समय पर मकर राशि में सुर्य, शनि और बुध का योग होगा और इन तीनों ग्रहों की एक साथ युति होने पर काफी महत्वपूर्ण बदलाव भी दिखाई देंगे. बुध इस समय वक्री अवस्था में होंगे और शनि स्वराशि में होंगे तथा सूर्य का अपने पुत्र की राशि में गोचर होगा. 
तीन ग्रही योग में बनेगा मकर संक्रांति योग

14 जनवरी 2022 को मकर संक्रांति के समय तीन ग्रही योग का निर्माण होगा. इस समय पर मकर राशि में सुर्य, शनि और बुध का योग होगा और इन तीनों ग्रहों की एक साथ युति होने पर काफी महत्वपूर्ण बदलाव भी दिखाई देंगे. बुध इस समय वक्री अवस्था में होंगे और शनि स्वराशि में होंगे तथा सूर्य का अपने पुत्र की राशि में गोचर होगा. 

शनि त्रयोदशी पर शनि शिंगणापुर मंदिर में कराएं तेल अभिषेक : 15 जनवरी 2022 - Shani Trayodashi Puja Online 
मकर संक्रांति पर गंगासागर मेला 

बंगाल में लगने वाले गंगासागर के किनारे इस मेले का आयोजन होता है और पर हर साल इस दिन विशाल गंगासागर मेले में लाखों श्रद्धालु शामिल होते हैं तथा पवित्र स्नान एवं धार्मिक कार्यों को सन्न करते हैं. एक कथा अनुसार मकर संक्रान्ति के दिन ही गंगा जी भगीरथ के पीछे-पीछे चलकर कपिल मुनि के आश्रम से होते हुए सागर में जा मिली थीं अत: मान्यता अनुसार गंगासागर इस दिन स्नान दान करने से मुक्ति का मार्ग प्रशस्त होता है. 

मकरसंक्रांति पर कराएं 108 आदित्य हृदय स्रोत पाठ - हवन एवं ब्राह्मण भोज, होगी दीर्घायु एवं सुखद स्वास्थ्य की प्राप्ति - 14 जनवरी 2022 – शिप्रा घाट उज्जैन
गुजरात में उत्तरायण और पतंग संक्रांति की धूम

गुजरात में मकर संक्रांति का का समय उत्तरायण संक्रांति के नाम से अधिक प्रचलित है. इस दिन लोग पतंग भी उड़ाते हैं और एक दूसरे के साथ मिलकर इस शुभ दिवस को मनाते हैं. इस उत्सव की रंगत इसी पतंग के अनेकों रूप में अधिक देखी जाती है. आकाश में चारों ओर रंग बिरंगी पतंगे उड़ते हुए देखी जा सकती है सभी लोग परिवार और मित्रों के साथ मिलकर आने वाले समय की शुभता का स्वागत

भगवान भैरव की पूजा से दूर होंगे ग्रहों के दोष और मिलेगी शत्रुओं पर विजय
दक्षिण भारत में मकर संक्रांति 

दक्षिण भारत में इसे पोंगल और कृषी उत्सव के रुप में देखा जाता है. लोक परंपराओं का अलग ही रंग इस पर्व में देखने को मिलता है. इस दिन बैलों और गायों को सजाया जाता है, प्रतियोगिताओं व शोभायात्राओं का आयोजन किया जाता है.  इस दिन गन्ना, नारियल, दालें इत्यादि अपने पास रखते हैं साथ ही सभी लोग मिलकर एक दूसरे को पोंगल खिलाते हैं. 

जनवरी 2022 में मकर राशि में साथ होंगे दो शत्रु ग्रह सूर्य और शनि की है युति 5 राशि वालो का लिए बेहद शुभ

बिना घूमे सूर्य कैसे करता है राशि परिवर्तन ?

संक्रांति का शाब्दिक अर्थ संक्रमण या ट्रांजिशन होता है। विंटर सोलिस्टिस (शीतकाल की सबसे लंबी रात 22 दिसंबर) के पश्चात् प्रत्येक वर्ष मकर संक्रांति के दिन सूर्य ग्रह का मकर राशि में प्रवेश होता है। सूर्य घूमता नहीं है। चारों ओर पृथ्वी द्वारा चक्कर लगाने की प्रक्रिया के कारण सूर्य किसी राशि में परिभ्रमण करता है। दूसरे शब्दों में इसका अभिप्राय सूर्य के किसी तारा समूह या राशि के सामने आ जाने से है।

29 साल बाद मकर संक्रांति पर बन रही है सूर्य- शनि की युति, मेष से लेकर मीन तक वाले होंगे प्रभावित, ज्योतिषाचार्य से जानें अपनी राशि का हाल
साल 2022 में कब मनाई जाएगी मकर संक्रांति ? 

14 जनवरी को देश भर में मनाया जाएगा मकर संक्रांति का पर्व। इस दिन सूर्य पूजा का बहुत महत्व है, मान्यताओं के अनुसार विशेष कृपा की होती है प्राप्ति। सूर्य पूजा के साथ इस दिन जरूर पढ़ें ये मंत्र पूर्ण होंगी समस्त मनोकामनाएं। 

ॐ ऐहि सूर्य सहस्त्रांशों तेजो राशे जगत्पते, अनुकंपयेमां भक्त्या, गृहाणार्घय दिवाकर:।

मकर के राशि परिवर्तन से ये राशियां विशेष तौर पर होंगी प्रभावित, ज्योतिषियों से जानें अपनी परेशानियों का समाधान 
इक्विनॉक्सः मकर संक्रांति का तकनीकी अस्तित्व

उत्तरी गोलार्ध (नॉर्दर्न हैमिस्फ़ियर) में 14 और 15 जनवरी के पश्चात् सूर्य के अस्त होने का समय धीमे-धीमे बढ़ता जाता है। जिस कारण मकर संक्रांति के बाद दिन लम्बे और रातें छोटी होने लगती हैं। इक्विनॉक्स से यह तकनीकी रूप से भी सिद्ध हो सकता है। इक्विनॉक्स को सूर्य ठीक उत्तरी गोलार्ध में होता है, यानी कि 21 मार्च को दिन व रात दोनों की अवधि बराबर होती है।

मकर की संक्रांति से इन राशियों को होगा बड़ा फ़ायदा, देश के प्रसिद्ध ज्योतिषियों से जानें ये आपके लिए शुभ - अशुभ 
रोहिणी नक्षत्र और वृष लग्न युक्त होगी मकर संक्रांति  

14 जनवरी 2022 को मकर संक्रान्ति वृष लग्न और रोहिणी नक्षत्र से युक्त होगी जो एक शुभ योग का निर्माण करती है. इस दिन रोहिणी व्रत भी होगा तो ऎसे में ये समय अत्यंत ही विशेष फलों को प्रदान करने वाला होगा.इस समय पर यह समाज और कला से जुड़े लोगों के सकारात्मक प्रभाव देने में सक्षम होगी और इस समय पर किया जाने वाला स्नान, दान एवं पूजन कार्य उत्तम एवं अक्षय फल प्रदान करने योग्य होगा. 

भगवान भैरव की पूजा से दूर होंगे ग्रहों के दोष और मिलेगी शत्रुओं पर विजय

क्या मकर संक्रांति के बाद आता है मौसम में बदलाव ?

ठीक उत्तरी गोलार्ध में अधिक समय तक रहने से सूर्य के अस्त का समय बढ़ता है। जिस कारण सर्दी कम होती है और गर्मी बढ़ने लगती है। मकर संक्रांति के पर्व को उत्तरायण भी कहते हैं। क्योंकि, सदैव प्रकाशवान सूर्य के दक्षिणी से उत्तरी गोलार्ध की ओर आने की प्रक्रिया समर सोलिस्टिस के दिन यानी कि 21 जून को पूरी होती है। यह वर्ष का सबसे अधिक अवधि का दिन होता है।

जनवरी 2022 में मकर राशि में साथ होंगे दो शत्रु ग्रह सूर्य और शनि की है युति 5 राशि वालो का लिए बेहद शुभ
बाघ की सवारी में आएगी मकर संक्रांति 

इस वर्ष मकर संक्रंति का वाहन बाघ होगा और उपवाहन अश्व होगा. संक्रांति का वाहन उसकी महत्ता और उसके फलों को दर्शाने वाला होता है. बाघ और घोड़ा दोनों मकर संक्रांति के महत्वपूर्ण आधार होंगे. यह समय मौसम में बड़े बदलावों को दिखा सकता है. राजनीति से जुड़े लोगों के लिए ये संक्रांति काफी विशेष रह सकती है और कई बड़े उलट फेर इस के बाद देखने को मिल सकते हैं. लेखन और संचार से जुड़े लोगों के लिए यह शुभदायक होगी. 

मकर के राशि परिवर्तन से ये राशियां विशेष तौर पर होंगी प्रभावित, ज्योतिषियों से जानें अपनी परेशानियों का समाधान 
क्यों नहीं बदलती मकर संक्रांति की तारीख?

मकर संक्रांति के दिन सूर्य धनु से मकर राशि में प्रवेश करते हैं। लगभग सभी हिंदू पंचांगों के चंद्रमा पर आधारित होने के कारण हिंदू पर्वों की अंग्रेज़ी तारीख़ों में बदलाव होता है। वर्तमान में उपयोग किया जा रहा ग्रेगोरियन कैलेंडर सूर्य पर आधारित होने के कारण सोलर कैलेंडर है। पृथ्वी की अपेक्षा सूर्य की स्थिति के अनुसार मनाए जाने के कारण मकर संक्रांति के पर्व को प्रत्येक वर्ष लगभग एक ही तारीख़ में मनाया जाता है। चंद्रमा की स्थिति में लगभग दैनिक रूप से परिवर्तन होता है। चंद्रमा की स्थिति के कारण किसी वर्ष 14 और किसी वर्ष 15 जनवरी को मकर संक्रांति होती है। चूँकि, इस वार्षिक पर्व में सूर्य की ही मुख्य भूमिका है और ग्रेगोरियन कैलेण्डर सूर्य पर आधारित है इसीलिए अंग्रेज़ी तारीख़ में परिवर्तन नहीं होता है।

29 साल बाद मकर संक्रांति पर बन रही है सूर्य- शनि की युति, मेष से लेकर मीन तक वाले होंगे प्रभावित, ज्योतिषाचार्य से जानें अपनी राशि का हाल
आपकी चंद्र राशि पर मकर संक्रांति का प्रभाव दान और उपाय

मकर संक्रांति के दिन वैसे तो मुख्य रुप से तिल, गुड, खिचड़ी, चावल, दाल इत्यादि का दान किया ही जाता है और आपकी चंद्र राशि पर मकर संक्रांति का प्रभाव दान और उपाययह शुभदायक होता है लेकिन यदि अपनी राशि अनुसार दान कार्य किया जाए तो शुभ फलों की प्राप्ति में कई गुणा वृद्ध हो जाती है. इस समय पर किया गया दान अमोघ फलदायी माना गया है तथा मनोकूल फल भी प्राप्त होते हैं.  आईए जानते हैं सभी राशि के अनुसार मकर संक्रांति के दान से जुड़ी मुख्य वस्तुओं के बारे में:- 

जनवरी 2022 में मकर राशि में साथ होंगे दो शत्रु ग्रह सूर्य और शनि की है युति 5 राशि वालो का लिए बेहद शुभ
मेष राशि
इस समय पर गुड़ ओर तिल का दान करना होगा सबसे उत्तम और मिलेगी जीवन में सफलता 

वृष राशि
वृष राशि वालों के लिए इस समय पर सफेद तिल और दूध से बने मिष्ठान का दान करना होगा उत्तम फलदायी 

मिथुन राशि 
मिथुन राशि वालों के लिए मकर संक्रांति समय गुड़ से बने पदार्थों तथा हल्दी का दान करना उत्तम होगा.

कर्क राशि 
कर्क राशि वालों को इस दिन सफेद तिल से बनी खाद्य सामग्री का दान करना शुभ होगा इसी के साथ खीर इत्यादि का दान भी उत्तम होगा. 

मकर के राशि परिवर्तन से ये राशियां विशेष तौर पर होंगी प्रभावित, ज्योतिषियों से जानें अपनी परेशानियों का समाधान 


सिंह राशि
सिंह राशि वालों के लिए स्वर्ण, पीतल, गुड़, गेहूं, लाल वस्तु का दान करना शुभफलदायी होगा. 

कन्या राशि 
कन्या राशि वालों के लिए आज के दिन खिचड़ी और तिल से बनी चीजों का दान करना शुभदायी होगा. 

वृश्चिक राशि 
वृश्चिक राशि वालों के लिए इस संक्रांति समय पर तांबे का दान, तिल से बनी चीजों एवं गुड़ का दान करना शुभ दायी होगा. 

धनु राशि
धनु राशि वालों के लिए आज इस दिन केसर, खीर, चंदन और रेवड़ी का दान करना शुभदायी होगा. 

जनवरी 2022 में मकर राशि में साथ होंगे दो शत्रु ग्रह सूर्य और शनि की है युति 5 राशि वालो का लिए बेहद शुभ
मकर राशि 
मकर राशि वालों के लिए तिल से बनी वस्तुओं का दान, तथा खिचड़ी का दान करना शुभफलदायी होगा. 

कुंभ राशि
कुंभ राशि वालों के लिए इस संक्रांति के दिन गुड़ और तिल से बनी वस्तुओं का दान तथा गर्म वस्त्र का दान शुभदायी होगा. 

मीन राशि
मीन राशि वालों के लिए इस संक्रांति के अवसर पर खिचड़ी, दाल और तिल का दान शुभदायी होगा. 

जनवरी 2022 में मकर राशि में साथ होंगे दो शत्रु ग्रह सूर्य और शनि की है युति 5 राशि वालो का लिए बेहद शुभ
इसी समय भीष्म पितामह ने त्यागी थी देह 

मकर संक्रांति के विषय में एक प्रसिद्ध कथा महाभारत से जुड़ी है जिसमें भीष्म पितामह जिन्हें इच्छा मृत्यु का वरदान प्राप्त था अपनी देह का त्याग तब तक नहीं करते हैं जब तक सूर्य उत्तरायण नही होता है और शर शैय्या में लेटे हुए असहय कष्ट को सहते हुए सूर्य के उत्तरायण होनें का इंतजार करते हैं. वह सूर्य के उत्तरायण होने पर ही अपने प्राणों को त्याग देते हैं, यह वो समय होता है जब मुक्ति का मार्ग प्रशस्त होता है तथा उत्तरायण देवताओं के दिन का समय भी होता है अत: इस कथा द्वारा मुक्ति मार्ग की अवधारणा को भी बल मिलता है. अत: पौराणिक महत्व में इस संक्रांति का बहुत ही विशेष महत्व रहा है. 

मकर के राशि परिवर्तन से ये राशियां विशेष तौर पर होंगी प्रभावित, ज्योतिषियों से जानें अपनी परेशानियों का समाधान 
मकर संक्रांति पर बन रहे हैं चार महासंयोग 

मकर संक्रांति के दिन कुछ बहुत ही शुभ योगों का निर्माण हो रहा है जिसके कारण यह दिन अत्यंत ही शुभ एवं प्रभावशाली बन रहा है. 

29 साल बाद मकर संक्रांति पर बन रही है सूर्य- शनि की युति, मेष से लेकर मीन तक वाले होंगे प्रभावित, ज्योतिषाचार्य से जानें अपनी राशि का हाल
पहला योग रोहिणी नक्षत्र में संक्रांति का उदय होगा और यह योग शुभता को दर्शाने वाला होता है रोहिणी नक्षत्र अत्यंत ही शुभ नक्षत्रों की श्रेणी में स्थान पाता है. रोहिणी नक्षत्र युक्त संक्रांति काफी शुभदायक होगी. रोहिणी नक्षत्र का समय रात 20: 18 तक होगा. धर्म शास्त्रों के अनुसार रोहणी नक्षत्र होने पर दान, स्नान, पूजा पाठ और मंत्रों का जाप करने पर विशेष शुभ फल की प्राप्ति होती है.

जनवरी 2022 में मकर राशि में साथ होंगे दो शत्रु ग्रह सूर्य और शनि की है युति 5 राशि वालो का लिए बेहद शुभ
शुक्रवार के दिन इस संक्रांति का होना आर्थिक उन्नती प्रदान करने वाला होगा. ब्रह्म नामक शुभ योग का आरंभ होगा. ब्रह्म नामक योग को शुभ कार्यों हेतु काफी अच्छा माना गया है और सुख एवं समृद्धिदायक होता है. 


जनवरी 2022 में मकर राशि में साथ होंगे दो शत्रु ग्रह सूर्य और शनि की है युति 5 राशि वालो का लिए बेहद शुभ
आनन्दादि योग भी निर्मित होगा यह भी अत्यंत शुभ योग होता है जिसे शुभ कार्यों के लिए अनुकूल माना जाता है.  विजय मुहूर्त दोपहर 02 बजकर 15 मिनट से दोपहर 02 बजकर 57 मिनट तक रहेगा. इस योग में किए गए कार्यों में विजय और सफलता प्राप्त होती है. 


मकर के राशि परिवर्तन से ये राशियां विशेष तौर पर होंगी प्रभावित, ज्योतिषियों से जानें अपनी परेशानियों का समाधान 
खत्म होगा खरमास 

सूर्य का धनु राशि से मकर राशि में जाना खरमास की समाप्ति का समय होता है. सूर्य जब धनु राशि में गोचर करता है तो वह समय खरमास कहलाता है और पौष मास का समय इसी खरमास का समय होता है. खरमास के समय मांगलिक कार्यों विशेष रुप से विवाह, सगाई, गृह प्रवेश इत्यादि के लिए अनुकूल नहीं माना जाता है और इसलिए इस मास में शुभ कार्य रुक जाते हैं लेकिन जैसे ही सूर्य धनु से निकल कर मकर में जाते हैं उसी समय से शुभ कार्यों का आरंभ होता है तथा देवों का आशीर्वाद प्राप्त होता है. 

मकर के राशि परिवर्तन से ये राशियां विशेष तौर पर होंगी प्रभावित, ज्योतिषियों से जानें अपनी परेशानियों का समाधान 
खिचड़ी खाने की है परंपरा

मकर संक्रांति को खिचड़ी संक्रांति नाम से भी पुकारा जाता है क्योंकि इस समय पर विशेष रुप से खिचड़ी भोग तैयार किया जाता है. उत्तर भारत में मूंग दाल की खिचड़ी बनाई जाती है,तो राजस्थान में बाजरे से, तो वहीं दक्षिण भारत में चावल, मूंग दाल, दूध और गुड़ मिलाकर पोंगल तैयार होता है.  विभिन्न चीजों से बनी इस खिचड़ी को आरोग्य प्रदान करने वाली तथा आयुष्य का आशीर्वाद देने वाली माना जाता है. इस भोग को भगवान सूर्य को अर्पित करते हैं तथा परिवार के साथ मिलकर इसे प्रसाद रुप में खाया जाता है. इस खिचड़ी को चावल और दाल द्वारा बनाया जाता है जिसमें चावल अक्षय फल एवं दाल ग्रहों की नकारात्मकता दूर होती है. फिर चाहे मीठा भोग हो या नमकीन खिचड़ी यह जिस भी तरह से बनाई जाए इसका स्वाद ओर इसकी उपयोगिता स्वास्थ्य और आयु दोनों के लिए ही शुभदायक होती है.

29 साल बाद मकर संक्रांति पर बन रही है सूर्य- शनि की युति, मेष से लेकर मीन तक वाले होंगे प्रभावित, ज्योतिषाचार्य से जानें अपनी राशि का हाल

आज के दिन क्यों किया जाता है दान? 

शनि मकर राशि के स्वामी हैं। पौराणिक मान्यता के अनुसार, सूर्य देव के छोटे पुत्र शनि देव हैं। वे सूर्य को अपना शत्रु मानते हैं। लेकिन, सूर्य शनि को शत्रु नहीं मानते। सूर्य का मकर राशि में गोचर शनि पर प्रभाव का असर सभी राशि के जातकों पर पड़ता है। किसी जातक की कुंडली में शनि की अच्छी स्थिति होने से उस पर कम और शनि के कमजोर होने से विपरीत प्रभाव पड़ता है। दरिद्र, दुखी व मज़दूर वर्ग के व्यक्ति शनि के कारक होते है। इसी कारण सूर्य और शनि देव से सम्बंधित वस्तुओं का दान शुभ व फलदायी माना गया है। मकर संक्रांति पर गुड़, रेवड़ी, खिचड़ी, बाजरा, मूंगफली, कपड़े या कंबल आदि के दान से सूर्यदेव और शनि देव शुभ फल देते हैं। इसीलिए आज के दिन बाजरा, मूंग, उड़द व चावल की खिचड़ी के दान व भोजन का महत्व शास्त्रों में बताया गया है।

मकर के राशि परिवर्तन से ये राशियां विशेष तौर पर होंगी प्रभावित, ज्योतिषियों से जानें अपनी परेशानियों का समाधान 
क्यों विशेष महत्वपूर्ण है खिचड़ी का दान?

शनि द्वारा निर्देशित राहु, किसी की कुंडली में शनि के कमजोर होने पर स्वयं भी कमजोर हो जाता है। जिससे दुर्घटना के योग बनते हैं। उड़द, शनि का और बाजरा राहु का कारक है। उड़द व बाजरा दान करने से शनि व राहु दोनों के विपरीत प्रभाव कम होते हैं। बुध और शुक्र ग्रह, शनि के मित्र हैं। इन दोनों ग्रहों के मज़बूत हो जाने से शनि पर भी प्रभाव पड़ता है। मूँग बुध का कारक है और चावल शुक्र व चंद्रमा का। मूँग और चावल की खिचड़ी से शनि के मित्र ग्रह बुध, शुक्र व चंद्रमा मज़बूत होते हैं, जिससे शुभ परिणाम देखने को मिलते हैं।


जनवरी 2022 में मकर राशि में साथ होंगे दो शत्रु ग्रह सूर्य और शनि की है युति 5 राशि वालो का लिए बेहद शुभ
समाज और महँगाई पर इस संक्रांति का प्रभाव

आज से संक्रांति उत्तर दिशा से आकर दक्षिण की ओर अग्रसित है। पौष मास के शुक्ल पक्ष में संक्रांति का प्रादुर्भाव हुआ है। पौष माह के शुक्ल पक्ष में होने से विद्वानों के प्रति सम्मान बढ़ेगा। मांगलिक कार्यों में वृद्धि होगी जिससे सामाजिक उत्साह का माहौल बनेगा। राजकीय वर्ग में स्थिरता तो रहेगी परन्तु, विवाद होने की सम्भावनाएँ अधिक हैं।
कई वस्तुओं पर महंगाई के भी कम होने के आसार हैं। लेकिन, सोने के दाम बढ़ेंगे। दूग्ध, घी, चावल, चीनी, मोती, चांदी और अन्य सफेद वस्तुओं के महँगे हो जाने के संकेत हैं। इनके साथ ही, केसर, चंदन, हल्दी, तुवर व चना की दाल, गरम मसाला, चाय, तम्बाकू की क़ीमतों में इज़ाफ़ा होगा।

जनवरी 2022 में मकर राशि में साथ होंगे दो शत्रु ग्रह सूर्य और शनि की है युति 5 राशि वालो का लिए बेहद शुभ

शनि देव से शुभ फल प्राप्ति हेतु आज प्रकाश/दीप दान करना चाहिए। किसी दरिद्र को बर्तन और तिल को दान करने वाले व्यक्ति की हर पीड़ा शनि समाप्त कर देते हैं। सायंकाल अन्न का सेवन नहीं करना चाहिए। कोई भी विधि-विपरीत या अनुचित कार्य नहीं करना चाहिए। चोरी-चकारी, नशा, अभोज्य वस्तुओं का सेवन और काम से दूरी रखते हुए सम्भोग क़तई नहीं करना चाहिए।

जनवरी 2022 में मकर राशि में साथ होंगे दो शत्रु ग्रह सूर्य और शनि की है युति 5 राशि वालो का लिए बेहद शुभ

Related Puja

गुप्त नवरात्रि स्पेशल - अष्टमी और नवमी पर यज्ञ एवं महानुष्ठान
Divine blessings of the Ten Mahavidyas

गुप्त नवरात्रि स्पेशल - अष्टमी और नवमी पर यज्ञ एवं महानुष्ठान

Wed 15 July 2026
Bagalamukhi Temple, Haridwar
Prasad Box
447 devotees have booked this puja
Book Puja
गुप्त नवरात्रि स्पेशल - अष्टमी और नवमी पर यज्ञ एवं महानुष्ठान
Divine blessings of the Ten Mahavidyas

गुप्त नवरात्रि स्पेशल - अष्टमी और नवमी पर यज्ञ एवं महानुष्ठान

Wed 15 July 2026
Bagalamukhi Temple, Haridwar
Prasad Box
447 devotees have booked this puja
Book Puja

Talk to Astrologer

View all

Connect with India's best astrologers

संस्कार जी

संस्कार जी

28/min₹5/min
वैदिक अखिलेश कुमार

वैदिक अखिलेश कुमार

45/min₹5/min
टैरो प्रीतिका नायक

टैरो प्रीतिका नायक

25/min₹5/min
नीलकंठ

नीलकंठ

22/min18/min
एस्ट्रो निखिलेश

एस्ट्रो निखिलेश

28/min₹5/min
View all
गुप्त नवरात्रि स्पेशल - अष्टमी और नवमी पर यज्ञ एवं महानुष्ठान
Divine blessings of the Ten Mahavidyas

गुप्त नवरात्रि स्पेशल - अष्टमी और नवमी पर यज्ञ एवं महानुष्ठान

Wed 15 July 2026
Bagalamukhi Temple, Haridwar
Prasad Box
447 devotees have booked this puja
Book Puja
गुप्त नवरात्रि स्पेशल- 10 दिवसीय दशमहाविद्या विशेष चढ़ावा
To seek divine protection and overall well-being.

गुप्त नवरात्रि स्पेशल- 10 दिवसीय दशमहाविद्या विशेष चढ़ावा

Wed 15 July 2026
Bagalamukhi Temple, Haridwar
433 devotees have booked this puja
Book Puja
नजर दोष शांति पूजा
For happiness in family life and relationships.

नजर दोष शांति पूजा

Sun 19 July 2026
Navgrah Shani Mandir, Ujjain
Prasad Box
292 devotees have booked this puja
Book Puja

Reconnect with your Faith

UserUserUser
Trusted by 1 Lakh Devotees
100% Secure