Ganesha Chaturthi : कार्तिक माह की गणेश चतुर्थी कब है जाने मंत्र, कथा और उपाय
कार्तिक माह के कृष्ण पक्ष की चतुर्थी तिथि को गणेश चतुर्थी का पर्व मनाया जाएगा. 13 अक्टूबर के दिन गणेश चतुर्थी का उत्सव संपन्न होगा. इस दिन भक्त गणपति की स्थापना और पूजा करते हैं.
इस दिन गणेश पूजा, मंत्र जाप और ज्योतिषीय उपायों से अपने जीवन में सुख, शांति और समृद्धि प्राप्त करना संभव होता है. देश में गणेश चतुर्थी का पर्व बड़ी धूमधाम से मनाया जाता है. लोग शुभ मुहूर्त में अपने घरों में गणपति की पूजा करते हैं तथा व्रत इत्यादि नियमों का पालन किया जाता है.
जन्मकुंडली ज्योतिषीय क्षेत्रों में बहुत महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैगणेश जी की पूजा
चतुर्थी पूजा में गणेश जी की पूजा करते समय गणेश जी को दूर्वा, अक्षत, मोदक, सिंदूर, चंदन, वस्त्र आदि अवश्य अर्पित करने चाहिए. मोदक श्री गणेश को अत्यंत प्रिय है, इसलिए इसे भोग में जरूर शामिल करना चाहिए. गणेश जी की पूजा में तुलसी का प्रयोग न करें क्योंकि गणेश जी ने तुलसी को श्राप दिया था. जब उन्होंने माफी मांगी तो गणपति बप्पा शांत हो गए लेकिन उन्हें अपनी पूजा में स्वीकार नहीं किया. गणेश जी के 108 नामों का स्मरण करके या उनके मंत्रों का जाप करके अपनी मनोकामनाएं पूरी कर सकते हैं.
गणेश चतुर्थी उपाय
धार्मिक ग्रंथों के अनुसार इस दिन को भगवान गणेश का स्वरूप माना जाता है. इसलिए गणेश चतुर्थी का पर्व पूरे देश में, धूमधाम से मनाया जाता है. विघ्नों को दूर करने वाले, बुद्धि के दाता श्री गणेश को प्रसन्न करने के लिए इससे अच्छा दिन कोई नहीं हो सकता.
शास्त्रों में जीवन को सरल और सफल बनाने के लिए गणेश चतुर्थी पर कुछ उपाय बताए गए हैं. इन उपायों को करने से जीवन की सभी बाधाएं दूर होती हैं और भाग्य का साथ मिलता है. आइए जानते हैं गणेश चतुर्थी पर किए जाने वाले कुछ उपायों के बारे में.इस उपाय से सभी बाधाएं दूर हो जाएंगी
मात्र रु99/- में पाएं देश के जानें - माने ज्योतिषियों से अपनी समस्त परेशानियों
जीवन में उन्नति और सौभाग्य के लिए गणेश चतुर्थी के दिन कुम्हार के पहिये से थोड़ी सी मिट्टी लेकर उसी अंगूठे से भगवान गणेश की मूर्ति बनाएं. इसके बाद चौकी पर लाल कपड़ा बिछाकर विधिपूर्वक पूजा करें और ॐ श्रीं ह्रीं क्लीं ग्लौं गं गणपतये वर वरद सर्वजनं मे वशमानय स्वाहा।' मंत्र का 108 बार जाप करें. ऐसा करने से सभी बाधाएं दूर हो जाती हैं और चारों ओर सकारात्मक ऊर्जा बनी रहती है.
अगर आप आर्थिक तंगी से परेशान हैं तो गणेश चतुर्थी के दिन 22 दूर्वा को मिलाकर 11 जोड़े तैयार करें. ध्यान रहे कि एक गांठ दो दूर्वा से बनी होती है. इसके बाद गणेश जी के मस्तक से 11 गांठों को छूकर उनके चरणों में अर्पित करें. इसके बाद खुशबू, फूल, दीपक, धूप आदि जैसी चीजें चढ़ाएं. ऐसा करने से भगवान गणेश की कृपा प्राप्त होती है और व्यक्ति को धन संबंधी समस्याओं से मुक्ति मिलती है.
ये भी पढ़ें