
जन्माष्टमी का दिन बेहद पावन माना जाता है। यह दिन भगवान कृष्ण को समर्पित है। ऐसा कहा जाता है कि इस दिन भगवान कृष्ण की पूजा-अर्चना और व्रत रखने से भक्तों के सभी कष्टों का अंत होता है। साथ ही अक्षय फलों की प्राप्ति होती है। वहीं, इस दिन को लेकर ज्योतिष शास्त्र में कई सारे उपाय बताए गए हैं, जिन्हें करने से कान्हा की विशेष कृपा मिलती है, तो आइए उन सरल उपाय के बारे में जानते हैं।
जन्माष्टमी पर सबसे पहला और मुख्य दीपक अपने घर के पूजा स्थान पर बाल गोपाल के समक्ष जलाएं। रात भर अखंड ज्योति जलना बेहद शुभ माना जाता है। ऐसा करने से घर में भगवान श्रीकृष्ण की पूर्ण कृपा बनी रहती है।
घर का मुख्य द्वार माता लक्ष्मी के आगमन का मार्ग माना गया है। जन्माष्टमी की शाम मुख्य द्वार के दोनों ओर गाय के देसी घी या तिल के तेल का दीपक जलाएं। ऐसा करने से घर में सुख-शांति बनी रहती है और आर्थिक तंगी दूर होती है।
भगवान श्रीकृष्ण को तुलसी बेहद प्रिय हैं। जन्माष्टमी की शाम तुलसी जी के पौधे के पास शुद्ध घी का दीपक जलाएं और उनकी 7 बार परिक्रमा करें। ध्यान रखें कि इस दिन तुलसी के पत्ते न तोड़ें। ऐसा करने से वैवाहिक जीवन में मधुरता आती है और घर में कभी धन-धान्य की कमी नहीं होती है।
रसोई घर को अन्नपूर्णा मां का स्थान माना गया है। जन्माष्टमी की रात रसोई घर में जल के स्थान के पास दीपक जलाएं। इससे घर में अन्न और धन की कभी कमी नहीं होती है और परिवार के सदस्यों की सेहत अच्छी रहती है।
अगर आपके घर के पास पीपल या शमी का पेड़ हो, तो जन्माष्टमी की शाम वहां सरसों के तेल या घी का दीपक जरूर जलाएं। पीपल में देवों और पितरों का वास माना गया है, यहां दीपदान करने से पितृ दोष शांत होता है और रुके हुए काम बनने लगते हैं।
घर के ईशान कोण या छत के कोने में एक दीपक रखें। ऐसा करने से वास्तु दोष का निवारण होता है और घर से तनाव दूर होता है।
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