पितृ पक्ष (Pitru Paksha 2026) की शुरुआत हो चुकी है। आइए जानते हैं पूर्वजों का तर्पण करते समय किन खास नियमों का ध्यान रखना जरूरी है?
भाद्रपद महीने की पूर्णिमा से आश्विन माह की अमावस्या तक के 16 दिनों के समय को पितृ पक्ष यानी श्राद्ध पक्ष कहा जाता है। आज से इस पवित्र समय की शुरुआत हो चुकी है। यह समय पूर्वजों को याद करने और उनके प्रति अपनी श्रद्धा प्रकट करने का सबसे बड़ा अवसर होता है, जो अब इस दुनिया में नहीं हैं। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, इन 16 दिनों (Pitru Paksha 2026) में हमारे पूर्वज धरती पर आते हैं और अपने परिवार के पास रहते हैं। ऐसे में अगर हम सही नियमों का पालन करते हुए उनका तर्पण करते हैं, तो वे तृप्त होकर हमें सुख, समृद्धि और शांति का आशीर्वाद देकर जाते हैं। आइए जानते हैं कि पितृ पक्ष के दौरान आपको किन खास बातों का ध्यान रखना चाहिए और तर्पण करने का सही नियम क्या है?
तर्पण करने का नियम
दिशा का ध्यान रखें: तर्पण हमेशा दक्षिण दिशा की ओर मुंह करके ही किया जाता है, क्योंकि दक्षिण दिशा को पितरों की दिशा माना गया है।
कुशा और अंगूठी: तर्पण करते समय अपनी अनामिका उंगली में कुशा की अंगूठी जरूर पहनें। कुशा के बिना किया गया तर्पण अधूरा माना जाता है।
तर्पण की सामग्री: एक तांबे या पीतल के पात्र में साफ जल लें। उसमें थोड़ा सा गंगाजल, काले तिल, कच्चा दूध और सफेद फूल मिलाएं।
अंगूठे के रास्ते जल दें: हाथ की अंजलि यानी हथेली में जल भरकर अपने अंगूठे और तर्जनी उंगली के बीच के हिस्से से जल को धीरे-धीरे किसी पात्र या जमीन पर गिराएं। इसे पितृ तीर्थ कहा जाता है। जल अर्पित करते समय अपने पूर्वजों का नाम लें और मन ही मन उनका ध्यान करें।
पितृ पक्ष में ध्यान रखने योग्य जरूरी बातें
इस दौरान ज्यादा से ज्यादा दान-पुण्य करें और भगवान विष्णु की पूजा-अर्चना भी जरूर करें।
इन 16 दिनों में घर पर लहसुन, प्याज, मांस, मदिरा और तामसिक चीजों का सेवन बिल्कुल न करें। भोजन हमेशा साफ-सुथरा और सात्विक बनाएं।
पूजा और तर्पण में केवल काले तिल का उपयोग किया जाता है। भूलकर भी सफेद तिल का इस्तेमाल न करें।
श्राद्ध या तर्पण के दिन बने भोजन में से 5 हिस्से गाय, कुत्ते, कौवे, देव (अग्नि) और चींटियों के लिए जरूर निकालें। ऐसा माना जाता है कि इनसे ही हमारा अर्पित किया गया भोजन पितरों तक पहुंचता है।
पितृ पक्ष के दौरान नए घर में प्रवेश, शादी-सगाई, नया वाहन खरीदना या कोई नया बड़ा काम शुरू करने से बचना चाहिए।
इन दिनों अगर आपके घर के दरवाजे पर कोई गरीब, साधु या पशु-पक्षी आए, तो उसे अन्न और जल का दान जरूर करें।