
सनातन धर्म में नवरात्रि का पर्व भक्ति का प्रतीक माना जाता है। इन नौ दिनों में देवी दुर्गा के नौ अलग-अलग स्वरूपों की पूजा की जाती है, जिन्हें नवदुर्गा कहा जाता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, नवरात्रि में हर दिन देवी मां को उनके प्रिय भोग अर्पित करने से वे जल्द प्रसन्न होती हैं और भक्त के जीवन से सभी दुख, बीमारियां, संकट और दरिद्रता को दूर कर देती हैं। अगर आप नवरात्रि व्रत रख रहे हैं या घर पर पूजा कर रहे हैं, तो आइए यहां जानते हैं देवी के प्रिय भोग क्या हैं?
नवरात्रि के पहले दिन मां शैलपुत्री की पूजा की जाती है। इस दिन माता के चरणों में शुद्ध देसी घी अर्पित करें। ऐसा करने से आरोग्य का आशीर्वाद मिलता है और शरीर रोगों से हमेशा मुक्त रहता है।
दूसरे दिन मां ब्रह्मचारिणी को शक्कर, मिश्री या पंचामृत का भोग लगाएं। इससे सुख-शांति का आशीर्वाद मिलता है।
तीसरे दिन मां चंद्रघंटा को दूध, मावे की मिठाई या मखाने की खीर का भोग लगाना चाहिए। इससे जीवन के सभी दुख और कष्ट दूर होते हैं और धन-धान्य में वृद्धि होती है।
चौथे दिन मां कूष्मांडा को मालपुए का भोग लगाएं। मालपुआ अर्पित करने से बुद्धि, ज्ञान और निर्णय लेने की क्षमता में सुधार होता है।
पांचवें दिन मां स्कंदमाता को केले का भोग लगाएं या केले से बना प्रसाद चढ़ाएं। ऐसा करने से सेहत अच्छी रहती है और करियर में सफलता मिलती है।
छठे दिन मां कात्यायनी की पूजा में शहद का भोग लगाएं। इससे व्यक्ति के आकर्षण और व्यक्तित्व में निखार आता है। इसके साथ ही विवाह में आ रही रुकावटें दूर होती हैं।
सातवें दिन मां कालरात्रि को गुड़ या गुड़ से बनी चीजें अर्पित करें। इससे हर तरह के संकटों से रक्षा होती है और डर-भय से मुक्ति मिलती है।
अष्टमी के दिन मां महागौरी को नारियल या नारियल की मिठाई का भोग लगाएं। इससे बच्चों से जुड़ी सभी तरह की मुश्किलें दूर होती हैं और मनोकामनाएं पूरी होती हैं।
नवमी के दिन मां सिद्धिदात्री को सूजी का हलवा, पूरी और काले चने का भोग लगाया जाता है। इसके बाद कन्या पूजन करने से जीवन में हर प्रकार की सिद्धि, सुख और वैभव की प्राप्ति होती है।
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