
शारदीय नवरात्रि का पावन पर्व मां दुर्गा की पूजा का का सबसे सुंदर अवसर होता है। नवरात्रि का हर दिन माता रानी के एक विशेष स्वरूप को समर्पित है। नवरात्रि के दूसरे दिन मां दुर्गा के द्वितीय स्वरूप मां ब्रह्मचारिणी की पूजा-अर्चना की जाती है।'ब्रह्म' का मतलब है तपस्या और 'चारिणी' का है आचरण करने वाली। यानी तप का आचरण करने वाली देवी ही मां ब्रह्मचारिणी हैं। मां के एक हाथ में जप की माला और दूसरे हाथ में कमंडल है। देवी का यह स्वरूप हमें जीवन में धैर्य, संयम, त्याग और मुश्किल समय में भी अपने लक्ष्य पर टिके रहने की प्रेरणा देता है। आइए जानते हैं नवरात्रि के दूसरे दिन (Shardiya Navratri 2026 Day 2) मां ब्रह्मचारिणी को प्रसन्न करने की आसान पूजा विधि, उनका प्रिय भोग और जीवन में सुख-शांति लाने वाले खास उपाय।
अगर आपके घर में बार-बार क्लेश होता है या मानसिक तनाव रहता है, तो दूसरे दिन पूजा के बाद मां को मिश्री का भोग लगाएं और फिर उस प्रसाद को छोटे बच्चों या कन्याओं में बांट दें। इससे घर में सुख और शांति का माहौल बनता है।
विद्यार्थियों और प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे लोगों के लिए मां ब्रह्मचारिणी की पूजा विशेष फलदायी है। पूजा के समय मां के सामने घी का दीपक जलाकर "ॐ ऐं ह्रीं क्लीं ब्रह्मचारिण्यै नमः" मंत्र का कम से कम 108 बार जाप करें। इससे एकाग्रता शक्ति बढ़ती है।
मां ब्रह्मचारिणी को कमल का फूल या सफेद कनेर का फूल बेहद प्रिय है। पूजा के दौरान मां के चरणों में सफेद फूल अर्पित करने से जीवन में चल रही रुकावटें दूर होती हैं और मन शांत रहता है।
योग साधना करने वालों के लिए यह दिन स्वाधिष्ठान चक्र को जाग्रत करने का होता है। इस दिन ध्यान लगाने से मन की चंचलता दूर होती है और जीवन में सकारात्मकता आती है।
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