
ज्योतिष शास्त्र में शनि देव को कर्मफलदाता माना जाता है। शनिवार का दिन शनिदेव को समर्पित है। ऐसा कहा जाता है कि न्याय के देवता व्यक्ति को उसके कर्मों के अनुसार शुभ या अशुभ फल देते हैं। शनिवार का दिन शनिदेव की कृपा पाने के लिए बेहद मंगलकारी माना जाता है। हालांकि, इस दिन की गई छोटी सी गलती या अनजाने में की गई गलत खरीदारी व्यक्ति के जीवन में गंभीर परेशानियां खड़ी कर सकती है। शास्त्रों के अनुसार, शनिवार के दिन कुछ विशेष वस्तुओं को खरीदने से शनि दोष बढ़ता है और घर की बरकत रुक जाती है। आइए जानते हैं कौन सी हैं वह 7 वस्तुएं हैं, जिन्हें शनिवार के दिन भूलकर भी नहीं खरीदना चाहिए?
शनिवार के दिन लोहा खरीदना सबसे बड़ा ज्योतिषीय दोष माना जाता है। लोहा शनिदेव की प्रिय धातु है, लेकिन इस दिन लोहा खरीदकर घर लाने से घर में नकारात्मक ऊर्जा, दुर्घटनाएं और गृह-कलेश बढ़ते हैं। हालांकि, शनिवार को लोहे की वस्तुओं का दान करना बेहद शुभ होता है।
शनिवार को शनिदेव पर सरसों का तेल और काले तिल अर्पित किए जाते हैं, लेकिन इस दिन बाजार से सरसों का तेल या तिल खरीदकर घर लाना अशुभ माना गया है। ऐसा करने से रोग-दोष और कामों में रुकावटें आती हैं।
शनिवार को नमक खरीदने से हमेशा बचना चाहिए। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, शनिवार को नमक खरीदने से परिवार के सदस्यों पर कर्ज बढ़ता है और आर्थिक स्थिति कमजोर होती है।
झाड़ू को माता लक्ष्मी का प्रतीक माना गया है। किसी भी अन्य शुभ दिन झाड़ू खरीदना अच्छा माना जाता है, लेकिन शनिवार के दिन झाड़ू खरीदकर घर लाने से सुख-समृद्धि चली जाती है और कंगाली का सामना करना पड़ता है।
शनिवार के दिन भोजन में इस्तेमाल होने वाली काली उड़द की दाल या राई खरीदना भी ज्योतिषीय दृष्टि से मना है। इनका दान करना शनि दोष को शांत करता है, लेकिन इन्हें खरीदकर घर लाने से शनि का दुष्प्रभाव बढ़ता है।
पढ़ाई-लिखाई से जुड़ी चीजें जैसे कि कागज, किताबें और पेन शनिवार के दिन खरीदने से बचना चाहिए। ऐसी मान्यता है कि इस दिन स्टेशनरी का सामान खरीदने से करियर में बाधाएं आती हैं।
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