Logo

Hanuman Jayanti 2022 LIVE Updates: हनुमान जयंती पूजा विधि शुभ मुहूर्त,इस बार रवि योग में होगी बजरंगी की पूजा

Deepa KalraDeepa KalraUpdated 16 Apr 2022 03:57 PM IST
Hanuman Jayanti 2022 LIVE Updates: हनुमान जयंती पूजा विधि शुभ मुहूर्त,इस बार रवि योग में होगी बजरंगी की पूजा

Special Things

LIVE Hanuman Jayanti (हनुमान जयंती) 2022 Puja Vidhi Shubh Muhurat Updates -श्रीराम भक्त हनुमान जी का जन्म चैत्र पूर्णिमा के मंगलवार के दिन चित्रा नक्षत्र और मेष लग्न के योग में हुआ था. कहते हैं कि इस दिन बजरंगबली की विधि-विधान से पूजा अर्चना करने वाले भक्तों को मनोवांछित फल की प्राप्ति होती है. हनुमान जयंती इस बार आने वाले शनिवार को है यानि 16 अप्रैल को मनाई जाएगी.
हिंदू धर्म की मान्यताओं के अनुसार, श्रीराम भक्त हनुमान का जन्म चैत्र पूर्णिमा को मंगलवार के दिन चित्रा नक्षत्र और मेष लग्न के योग में हुआ था. कहते हैं कि इस दिन बजरंगबली की विधि-विधान से पूजा करने वालों को मनोवांछित फल की प्राप्ति होती है.  हनुमान जयंती इस बार शनिवार, 16 अप्रैल को मनाई जाएगी. हनुमान की उपासना के लिए यह दिन बहुत ही उत्तम माना गया है. हनुमान जयंती पर पूजा के लिए इस बार एक विशेष योग भी बन रहा है
चैत्र पक्ष की पूर्णिमा को हनुमान  जी का जन्म हुआ था। तभी से इस दिन को हनुमान जन्मोत्सव के रूप में मनाया जाता है। इस वर्ष हनुमान जन्मोत्सव 16 अप्रैल को मनाया जाएगा। ये भगवान शिव के 11वें रुद्र अवतार हैं। इन्हें बजरंगबली, पवनपुत्र, आंजनेय समेत अनेक नामों से जाना जाता है। कहा जाता है वीर बजरंगी के जैसा राम जी का परम भक्त ना कोई हुआ है और ना ही कोई होगा जिसके चलते इन्हें राम भक्त हनुमान भी कहते हैं। इस दिन हनुमानजी के भक्त उनकी पूरी विधि विधान से पूजा करते हैं और भगवान को भोग लगाते हैं। आज हम आपको बताएंगे की इस हनुमान जन्मोत्सव पर राशि अनुसार हनुमान जी को किस चीज़ का भोग लगाएं और साथ ही हनुमान जी की पूजा करने की विधि भी बताएंगे।


जन्मकुंडली ज्योतिषीय क्षेत्रों में बहुत महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है
जानिए हनुमान जयंती की पूजा विधि। 
  1. पूर्णिमा से पहली रात को व्यक्ति जमीन पर सोए और भगवान राम, देवी सीता और भगवान हनुमान जी का ध्यान करें और उनसे प्रार्थना करें।
  2. फिर अगले दिन सुबह जल्दी उठकर स्नान करें और साफ वस्त्र धारण करें। उसके बाद हाथ में जल लेकर हनुमान जी के सम्मुख व्रत का संकल्प लें।
  3. व्रत का संकल्प करने के बाद हनुमान जी की मूर्ति के सामने बैठकर उनकी पूजा करें।
  4. पूजा करते समय यह ध्यान रखें कि आपका मुँह पूर्व या उत्तर दिशा की ओर होना चाहिए। इसके बाद हनुमान जी को तिलक, पुष्प, अक्षत आदि सामग्री अर्पित करें।
  5. हनुमान जी को पुष्प में लाल गुलाब अर्पित करना सबसे उत्तम रहता है।
  6. इसी के साथ हनुमान जी को तुलसी दल भी अर्पित कर सकते है।
  7. इसके बाद हनुमान चालीसा का पाठ करें और षोडशोपचार (16 संस्कारों) के सभी अनुष्ठानों का पालन करते हुए हनुमान जी की पूजा करें।
  8. हनुमान चालीसा का पाठ करने के बाद हनुमान जी को अपनी राशि अनुसार भोग लगाएं, उसके बाद आरती करें।
  9. पूरे दिन व्रत रखकर अगले दिन स्नान करने के बाद भगवान श्रीराम, माता सीता और हनुमान जी का ध्यान करके अपने व्रत को खोलें।
  10. इस प्रकार पूजा करने से हनुमान जी अपने भक्तों से प्रसन्न होते हैं।

आज ही करें बात देश के जानें - माने ज्योतिषियों से और पाएं अपनीहर परेशानी का हल 
राशि अनुसार जानें कौनसा भोग लगाने से मिलेगी, बजरंगबली की कृपा। 


वृष राशि वालों को हनुमान जन्मोत्सव के शुभ अवसर पर हनुमान जी को तुलसी के बीज का भोग अर्पित करना चाहिए।

वही मिथुन राशि वाले जातकों को इस दिन हनुमान जी को तुलसी के पत्ते अर्पित करनी चाहिए।

गाय का घी सबसे शुद्ध माना जाता है इसलिए गाय के घी से बने बेसन का हलवा कर्क राशि के जातकों को हनुमानजी को भोग के रूप में अर्पित करना चाहिए।

अब बात करते हैं सिंह राशि के जातकों की तो उन्हें इस दिन हनुमान जी को जलेबी का भोग लगाना चाहिए।

कन्या राशि के जातक इस दिन कोई भी मिठाई का भोग हनुमान जी को लगा सकते हैं। बस यह ध्यान रखें कि उस पर चांदी का वरक लगा हो वही मिठाई हनुमानजी को भोग के रूप में अर्पित करें।

मोतीचूर के लड्डू हनुमान जी को अति प्रिय माने जाते हैं इस दिन यदि तुला राशि के जातक हनुमान जी को मोतीचूर के लड्डू का भोग लगाते हैं तो उनके भोग से हनुमान जी अवश्य प्रसन्न होंगे। 


जन्मकुंडली ज्योतिषीय क्षेत्रों में बहुत महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है
अब बात करते हैं वृश्चिक राशि के जातकों की तो उन्हें इस दिन गाय के घी में बने बेसन के लड्डू का भोग हनुमान जी को लगाना चाहिए।

हनुमान जी के भोग के लिए तुलसी का पत्ता अति उत्तम माना जाता है इस दिन धनु राशि के जातक हनुमान जी को लड्डू और तुलसी के पत्ते का भोग अर्पित करें। 

मकर राशि के जातक इस दिन हनुमान जी को मोतीचूर के लड्डू का भोग लगा सकते है।

कुंभ राशि के जातक इस दिन हनुमानजी को प्रसन्न करना चाहते हैं तो वह हनुमानजी को लाल कपड़ा और लड्डू अर्पित करें। 

अब बात अंतिम राशि की करते हैं कि इस राशि के जातकों को इस दिन हनुमान जीको क्या भोग लगाना चाहिए। आपको बता दें मीन राशि वाले जातकों को इस दिन वीर बजरंगी को लौंग का भोग लगाना चाहिए।

ऐसा मंदिर जहाँ हनुमान जी के साथ विराजते हैं भगवान श्री गणेश

हनुमान जयंती पर बन रहा है एक विशेष योग

हिंदू पंचाग के अनुसार इस साल हनुमान जयंती 16 अप्रैल की पड़ रही है. इस दिन रवि योग बन रहा है. रवि योग सभी प्रकार के दोषों को दूर करने और कार्यों को सफलता प्रदान करता है. इस खास दिन सुबह से ही रवि योग बन रहा है. यह प्रात: 5 बजकर 55 मिनट से शुरू होकर सुबह 8 बजकर 40 मिनट तक रहेगा. मान्यता है कि इस मुहूर्त में हनुमान जी की पूजा विशेष कल्याणकारी साबित होगी. 

वहीं, इस दिन हस्त नक्षत्र सुबह 8 बजकर 40 मिनट तक है, और फिर चित्रा नक्षत्र शुरू हो जाएगा. ये दोनों नक्षत्र मांगलिक और शुभ कार्यों के लिए अच् माने जाते हैं. 16 अप्रैल को अभिजित मुहूर्त दिन में 11 बजकर 55 मिनट से शुरू होकर दोपहर 12 बजकर 47 मिनट तक रहेगा. यह इस दिन का शुभ समय है. इस समय कोई भी कार्य करने से उसमें सफलता हासिल करेंगे.

हनुमान जनोमत्सव पर एक उपाय से होंगी सभी बाधायें दूर
हनुमान जी को पवन पुत्र क्यों कहा जाता है?

पौराणिक कथा के अनुसार, केसरी राज के साथ विवाह करने के बाद कई वर्षों तक माता अंजना को पुत्र सुख की प्राप्ति नहीं हुई। वह मंतग मुनि के पास जाकर पुत्र प्राप्ति का मार्ग पूछने लगीं। ऋषि ने बताया की वृषभाचल पर्वत पर भगवान वेंकटेश्वर की पूजा-अर्चना करो। फिर गंगा तट पर स्नान करके वायु देव को प्रसन्न करो। तुम्हारी मनोकामना पूर्ण होगी। माता अंजना वायु देव को प्रसन्न करने में सफल रहीं। वायु देव ने उन्हें दर्शन देकर आशीष दिया कि उनका ही रूप उनके पुत्र के रूप में अवतरित होगा। इस तरह मां अंजना ने हनुमान जी के रूप में पुत्र को जन्म दिया। इसी कारण हनुमान को पवनपुत्र, केसरीनंदन आदि नामों से जाना जाता है।

जन्मकुंडली ज्योतिषीय क्षेत्रों में बहुत महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है

शनिदेव ने दिया था हनुमान जी को वचन-

धार्मिक कथाओं के अनुसार, शनिदेव को रावण ने लंका में बंधी बना रखा था। तब हनुमान जी ने ही शनिदेव को रावण के बंधन से मुक्त कराया था। उस वक्त शनिदेव से हनुमान जी को वचन दिया था कि उनके अशुभ प्रभाव बजरंगबली को भक्तों पर नहीं पड़ेंगे।

शनिवार के दिन हनुमान चालीसा का पाठ करना बेहद शुभ माना जाता है। अगर संभव हो तो इस दिन सुंदरकांड का पाठ भी अवश्य करें। हनुमान जी की पूजा करने से शनिदोष से मुक्ति पाने की मान्यता है।

हनुमान जनोमत्सव पर एक उपाय से होंगी सभी बाधायें दूर

हनुमान जन्मोत्सव पर बन रहे ये अशुभ मुहूर्त-

राहुकाल- 09:08 AM से 10:45 AM
यमगण्ड- 01:58 PM से 03:34 PM
आडल योग- 08:40 PM से 05:54 AM, अप्रैल 17
विडाल योग- 05:55 AM से 08:40 AM
गुलिक काल- 05:55 AM से 07:31 AM
दुर्मुहूर्त- 05:55 AM से 06:46 AM
वर्ज्य- 04:12 PM से 05:43 PM
भद्रा- 05:55 AM से 01:28 PM

आज ही करें बात देश के जानें - माने ज्योतिषियों से और पाएं अपनीहर परेशानी का हल
हनुमान जन्मोत्सव पर बनने वाले शुभ मुहूर्त-

ब्रह्म मुहूर्त- 04:26 AM से 05:10 AM।
अभिजित मुहूर्त- 11:55 AM  से 12:47 PM।
विजय मुहूर्त- 02:30 PM से 03:21 PM।
गोधूलि मुहूर्त- 06:34 PM से 06:58 PM।
अमृत काल- 01:15 AM, अप्रैल 17 से 02:45 AM, अप्रैल 17।
रवि योग- 05:55 AM से 08:40 AM।

राशि अनुसार जाने, संकटमोचन हनुमान जी का भोग। 

हनुमान जन्मोत्सव पर शनि दोष से मुक्ति पाने के उपाय-


शनि दोष से मुक्ति पाने के लिए हनुमान जन्मोत्सव के दिन मंदिर में बजरंगबली को केवड़े का इत्र और गुलाब की माला चढ़ाएं। इसके बाद सरसों के तेल का दीपक जलाकर हनुमान चालीसा का पाठ करें।

हनुमान जी को सिंदूर का चोला चढ़ाने से संकटों से मुक्ति मिलने की मान्यता है। मान्यता है कि हनुमान जी प्रसन्न होकर सुख-समृद्धि व आरोग्य का आशीर्वाद प्रदान करते हैं।

शनि दोष से मुक्ति पाने के लिए हनुमान जन्मोत्सव के दिन नारियल लेकर हनुमान मंदिर जाएं और अपने ऊपर से सात बार उतारते हुए हनुमान जी के सामने फोड़ दें। मान्यता है कि ऐसा करने से जीवन की हर बाधा दूर होती है।

आज ही करें बात देश के जानें - माने ज्योतिषियों से और पाएं अपनीहर परेशानी का हल

यदि आपके कार्य में किसी भी प्रकार की समस्या आ रही है तो हनुमान जन्मोत्सव का दिन आपके लिए बहुत उपयोगी है। आप इस दिन हनुमानजी के मंदिर में जाएं। उन्हें गुड़ और चने के प्रसाद का भोग लगाए। इसके बाद इस प्रसाद को लोगों में बांट दें। इससे आपके कार्य में आ रही किसी भी प्रकार की समस्या हो वह जरूर दूर हो जाएगी और आपके काम बनने लगेंगे।

हनुमान जन्मोत्सव के दिन हनुमान मंदिर में जाएं और हनुमान जी को गुलाब के फूलों की माला अर्पित करें और बजरंग बली के सम्मुख बैठकर श्री रामरक्षा स्तोत्र का पाठ करें। कहते हैं कि इस उपाय को करने से जीवन में आ रही हर प्रकार की समस्या और बाधाएं दूर हो जाती है।

जन्मकुंडली ज्योतिषीय क्षेत्रों में बहुत महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है
हनुमान जयंती पर ग्रहों की स्थिति

हनुमान जयंती पर शनि मकर और बृहस्पति मीन राशि में रहेंगे. जबकि मेष राशि में सूर्य, बुध और राहु की युति बन रही है. यानी मेष राशि में त्रिग्रही योग का निर्माण हो रहा है. वहीं, केतु तुला राशि में रहेगा. हनुमान जयंती पर इस वर्ष रवि योग भी बन रहा है, जिसमें सूर्यदेव की विशेष कृपा होती है, इसलिए किसी नए काम को शुरू करने के लिए यह योग बहुत ही शुभ माना जाता है. 

राशि अनुसार जाने, संकटमोचन हनुमान जी का भोग। 
हनुमान जी भगवान शिव के ग्यारवें रुद्र अवतार के साथ साथ एकमात्र ऐसे देवता हैं जो कि कलयुग में भी धरती पर वास करते हैं। माता सीता के आशीर्वाद से हनुमान जी को चिरंजीवि का वरदान प्राप्त हुआ है। कहा जाता है कि कलयुग में अपने भक्तों की रक्षा के लिए हनुमान जी धरती पर वास करते हैं। 
भगवान हनुमान की जन्म स्थली से जुड़े कई दावे किए जाते है।

हनुमान जी के पिता वानरराज केसरी कपि क्षेत्र के राजा थे। कई लोगों का मानना है कि हरियाणा का कैथल पहले कपिस्थल हुआ करता था और इसी स्थान पर हनुमानजी का जन्म हुआ था और कुछ लोग इसे हनुमान जी की जन्मस्थली भी मानते है। कर्नाटक की तरफ मान्यता है कि कर्नाटक के हंपी में ऋष्यमूक के राम मंदिर के पास मतंग पर्वत है। वहां पर मतंग ऋषि का आश्रम भी हुआ करता था और उसी में हनुमान जी का जन्म हुआ था। इसी के साथ कुछ लोग बताते हैं कि हंपी का प्राचीन नाम पंपा था और प्रभु श्रीराम की पहली मुलाकात हनुमान जी से यहीं पर हुई थी।

आज ही करें बात देश के जानें - माने ज्योतिषियों से और पाएं अपनीहर परेशानी का हल 
हनुमान जयंती पर भूल कर भी न करें ये काम। 

हनुमान जी की पूजा के दौरान लाल, भगवा या फिर पीले रंग के ही कपड़े पहनकर पूजा करें। भूलकर भी सफेद या काले रंग के वस्त्र पहनकर पूजा न करें।

हनुमान जी को भूलकर भी चरणामृत का भोग न लगाएं। ऐसा करने से भगवान रुष्ट हो सकते हैं। चरणामृत के बदले आप चने की दाल, गुड़, बूंदी के लड्डू आदि का भोग लगा सकते हैं।

भगवान बजरंगबली बाल ब्रह्मचारी हैं। इसलिए इस दिन अगर कोई महिला हनुमान जी की पूजा कर रही हैं तो उन्हें स्पर्श न करें। बेहतर होगा की दूर से ही पूजा कर लें।

आज ही करें बात देश के जानें - माने ज्योतिषियों से और पाएं अपनीहर परेशानी का हल 
आज के दिन न करें यह कार्य  


यदि किसी के घर में किसी की मौत गई है और सूतक चल रहा है तो हनुमान जन्मोत्सव के दिन व्रत या फिर पूजा न करें और मंदिर भी न जाएं। ऐसा इसलिए क्योंकि सूतक के समय आप अशुद्ध होते हैं। इसलिए 13 दिनों तक पूजा-पाठ न करें। 

अगर परिवार में किसी बच्चे ने जन्म लिया है तो ऐसे में बच्चा पैदा होने के 10 दिनों तक हनुमान जी के साथ किसी अन्य भगवान की पूजा नहीं करनी चाहिए।

हनुमान जी की पूजा करने से पहले अगर आपने कुछ खाया हो तो पहले मुंह को अच्छी तरह से साफ कर लें।  कभी भी झूठे मुंह से उनकी पूजा नहीं करनी चाहिए।


जानें कैसे पाया माँ अंजना ने अपने पुत्र हनुमान को
हनुमान जयंती का शुभ मुहूर्त

पूर्णिमा तिथि प्रारंभ- 16 अप्रैल सुबह 05:55 मिनट से
पूर्णिमा तिथि 16 अप्रैल 12:24 मिनट तक रहेगी

पूजा सामग्री

हनुमान जयंती के दिन हनुमान जी की पूजा विधि-विधान से करना शुभ होता है। इसलिए पूजा करने से पहले ये सामग्री ले लें। एक चौकी, एक लाल कपड़ा, हनुमान जी की मूर्ति या फोटो, एक कप अक्षत, घी से भरा दीपक, फूल, चंदन या रोली, गंगाजल, तुलसी की पत्तियां, धूप, नैवेद्य (गुड और भुने चने)

जन्मकुंडली ज्योतिषीय क्षेत्रों में बहुत महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है

हनुमान जयंती की पूजा विधि

  • ब्रह्म मुहूर्त में उठकर सभी कामों से निवृत्त होकर स्नान करें। 
  • इसके बाद हनुमान जी को ध्यान कर हाथ में गंगाजल लेकर व्रत का संकल्प लें।
  • उसके बाद पूर्व दिशा की ओर भगवान हनुमान जी की प्रतिमा को स्थापित करें। 
  • फिर सच्चे मन से हनुमान जी की प्रार्थना करें।
  • उसके बाद एक चौकी पर लाल कपड़ा बिछा दें और इसपर हनुमान जी की फोटो रखें।
  • उसके बाद सबसे पहले एक पुष्प के द्नारा जल अर्पित करें।
  • अब फूल अर्पित करें और फिर रोली या चंदन लगाएं।
  • इसके साथ ही अक्षत चढ़ाएं। 
  • अब भोग चढ़ाएं और जल अर्पित करें। 
  • इसके बाद दीपक और धूप जला कर आरती करें और हनुमान जी के मंत्रों का जाप, सुंदरकांड और चालीसा का पाठ पढ़े। 

राशि अनुसार जाने, संकटमोचन हनुमान जी का भोग। 

हनुमान स्तुति मंत्र

अतुलितबलधामं हेमशैलाभदेहं। 

दनुजवनकृशानुं ज्ञानिनामग्रगण्यम्।। 
सकलगुणनिधानं वानराणामधीशं। 
रघुपतिप्रियभक्तं वातजातं नमामि।

आज ही करें बात देश के जानें - माने ज्योतिषियों से और पाएं अपनीहर परेशानी का हल 

हनुमान स्त्रोत

अतुलितबलधामं हेमशैलाभदेहं।
दनुजवनकृशानुं ज्ञानिनामग्रगण्यम्।।
सकलगुणनिधानं वानराणामधीशं।
रघुपतिप्रियभक्तं वातात्मजं नमामि।।
यत्र यत्र रघुनाथकीर्तनं तत्र तत्र कृतमस्तकांजलिम।
वाष्पवारिपरिपूर्णालोचनं मारुतिं नमत राक्षसान्तकम्।।

राशि अनुसार जाने, संकटमोचन हनुमान जी का भोग। 

हनुमान जयंती पर करें इन मंत्रों का जाप


हनुमान जी के द्वादशाक्षरी मंत्र का 1008 बार जप करना चाहिए, लेकिन अगर इतना न हो सके तो 108 मंत्रों का जप अवश्य ही करें। इस प्रकार हनुमान जी के द्वादशाक्षरी मंत्र से सिद्ध किये हुए यंत्र को वाहन आदि पर लगाने से आप अपने वाहन की सुरक्षा सुनिश्चित कर सकते हैं। हनुमान जी का ये द्वादशाक्षरी यंत्र वही यंत्र है, जिसे महाभारत में श्रीकृष्ण ने अर्जुन के रथ की पताका पर लगाया था और जिसको लगाने के बाद से अर्जुन युद्ध में विजयी होते गए।

अगर आप भी आज इस यंत्र को बनाकर अपने वाहन, अपनी कार या मोटरसाईकिल आदि पर लगाते हैं, तो आपको कभी भी वाहन दुर्घटना का भय नहीं रहेगा और सफर पर जाते समय आपकी सुरक्षा भी सुनिश्चित होगी। तो आज इस यंत्र को अपने वाहन आदि पर लगाना आपके लिये बहुत ही लाभकारी होगा। इससे आप हर तरह की मुसीबत से बचे रहेंगे।

जन्मकुंडली ज्योतिषीय क्षेत्रों में बहुत महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है

Related Puja

व्यापार वृद्धि के लिए कमला महालक्ष्मी अनुष्ठान
Growth in Ongoing Projects

व्यापार वृद्धि के लिए कमला महालक्ष्मी अनुष्ठान

Fri 05 June 2026
Bagalamukhi Temple, Haridwar
Prasad Box
387 devotees have booked this puja
Book Puja
व्यापार वृद्धि के लिए कमला महालक्ष्मी अनुष्ठान
Growth in Ongoing Projects

व्यापार वृद्धि के लिए कमला महालक्ष्मी अनुष्ठान

Fri 05 June 2026
Bagalamukhi Temple, Haridwar
Prasad Box
387 devotees have booked this puja
Book Puja

Talk to Astrologer

View all

Connect with India's best astrologers

नीलकंठ

नीलकंठ

22/min18/min
सुयश

सुयश

25/min₹5/min
टैरो कुंदन जी

टैरो कुंदन जी

22/min₹5/min
रवि शुक्ला

रवि शुक्ला

22/min₹5/min
एस्ट्रो त्रिलोकी नाथ

एस्ट्रो त्रिलोकी नाथ

28/min16/min
View all
व्यापार वृद्धि के लिए कमला महालक्ष्मी अनुष्ठान
Growth in Ongoing Projects

व्यापार वृद्धि के लिए कमला महालक्ष्मी अनुष्ठान

Fri 05 June 2026
Bagalamukhi Temple, Haridwar
Prasad Box
387 devotees have booked this puja
Book Puja
प्रेमवृद्धि अनुष्ठान- रिश्तों की मजबूती और स्थिरता के लिए
Positive changes in love life

प्रेमवृद्धि अनुष्ठान- रिश्तों की मजबूती और स्थिरता के लिए

Fri 05 June 2026
Mangla Gauri Temple, Kashi Khand
Prasad Box
441 devotees have booked this puja
Book Puja
शुक्र ग्रह शांति पूजा
Opportunities For Marriage May Arise.

शुक्र ग्रह शांति पूजा

Fri 05 June 2026
Navgrah Shani Mandir, Ujjain Madhya Pradesh
Prasad Box
203 devotees have booked this puja
Book Puja

Reconnect with your Faith

UserUserUser
Trusted by 1 Lakh Devotees
100% Secure